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Nithari Case: पंढेर की रिहाई की सूचना पर छलका दर्द, पीड़ितों ने कहा- नहीं मिला इंसाफ; फफक कर रो पड़े मां-बाप

Sat, 21 Oct 2023 08:42 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 21 Oct 2023 08:42 AM IST
सार

मोनिंदर सिंह पंढेर के जेल से छूटते की सूचना मिलते ही पीड़ितों का दर्द छलक उठा। बच्चों को खो देने वाले माता-पिता फफक कर रो पड़े। पीड़ितों ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि बच्चों के हत्या के आरोपी कानून का शिकंजा तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हो जाएंगे।

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Nithari Case Pain out on news of Pandher release victims says justice was not given parents burst into tears
जेल से रिहा हुआ मोनिंदर सिंह पंढेर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोनिंदर सिंह पंढेर को लुक्सर जेल से रिहा होने की सूचना मिलते ही निठारी स्थित डी-5 कोठी के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी के जेल से छूटने की खबर मिलने के बाद कोठी के आसपास का माहौल बिगड़ सकता है। हालांकि निठारी में पूरे दिन शांति कायम रही। 
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इधर आरोपी के जेल से छूटते की सूचना मिलते ही पीड़ितों का दर्द छलक उठा। बच्चों को खो देने वाले माता-पिता फफक कर रो पड़े। पीड़ितों ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि बच्चों के हत्या के आरोपी कानून का शिकंजा तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हो जाएंगे।
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निठारी कांड में लापता ज्योति (10) के पिता झब्बूलाल और पत्नी सुनीता ने पंढेर की रिहाई को साजिश बताया। डी-5 कोठी के पास कपड़े प्रेस कर रहे दोनों ने कहा कि पुलिस और सीबीआई की नाकामी से आरोपी की रिहाई हुई है। 
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सुनीता कहती हैं कि उसने पुलिस और सीबीआई को बहुत सारे सबूत दिए थे। पुलिस ने ज्योति के कपड़े, चप्पल और हेयर बैंड बरामद किए थे। जिसकी पहचान भी कराई गई थी। फिर भी आरोपी छूट गया।
 

रिहाई की खबर सुनकर पांच वर्ष के मासूम को खोने वाली निठारी निवासी राजवती व उनका परिवार भी स्तब्ध था। हालांकि राजवती ने इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। वहीं निठारी कांड में लापता हुए साढ़े तीन साल के हर्ष के पिता रामकिशन भी शुक्रवार को डी-5 कोठी पहुंचे। 

 

काफी देर तक कोठी की ओर देखते रहने के बाद बाद वह बाइक से चले गए। उन्होंने कि कि जब पंढ़ेर बाहर आया गया है तो कोली को भी बाहर ले आएगा। गरीबों का कोई नहीं है। अगर एजेंसियों ने सही से जांच की होती तो मोनिंदर कभी बाहर आ ही नहीं सकता था।

हर पांच मिनट पर आती जाती रही पुलिस की गाड़ी
डी-पांच कोठी के पास नोएडा पुलिस की पीसीआर भी लगातार गश्त करती नजर आई। हर पांच मिनट के अंतराल पर पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मी हूटर बजाकर स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखने का प्रयास करते नजर आए।

रेहड़ी ठेली वालों को हटाया
आम दिनों में डी-पांच कोठी के सामने फल व जूल वालों की रेहड़ी ठेली लगती थी। लेकिन शुक्रवार को पुलिस ने सबको वहां से हटा दिया। कोठी से करीब 500 मीटर की दूरी पर पुलिस की दो पीसीआर शाम तक तैनात रही।

कोठी पर आने की थी अटकलें
कुछ स्थानीय लोगों को जेल से रिहा होने के बाद मोनिंदर के कोठी पर आने की उम्मीद थी। गांव के कुछ लोग उसे देखने के लिए कोठी के आसपास मंडराते हुए दिखाई दिए। हालांकि बाद में पंढ़ने की चंडीगढ़ जाने की खबर फैलते ही लोग लौट गए।

 

अधिवक्ताओं ने किया पीड़ितों से संपर्क
पीड़ित रामकिशन ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को दो अधिवक्ता मिलने आए थे। उन्होंने मामले को फिर से सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही है। अधिवक्ताओं ने बताया कि बस इस मामले में गवाही के लिए उन्हें आना होगा। हालांकि रामकिशन और झब्बू ने कहा कि अब उन्हें ज्यादा भरोसा नहीं है और न ही अब वह इस चक्कर में पड़ेगें।
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