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केजरीवाल के नौ साल, लूट-भ्रष्टाचार दिल्ली बेहाल : भाजपा
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भाजपा ने आप के लोकसभा चुनाव के अभियान के स्लोगन पर सवाल उठाए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से शुरू किए अभियान के स्लोगन को लेकर निशाना साधा है।अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप के स्लोगन ‘संसद में भी केजरीवाल, तो दिल्ली होगी और खुशहाल’ को ‘केजरीवाल के नौ साल, लूट-भ्रष्टाचार दिल्ली बेहाल’ की संज्ञा देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्ता का उपयोग दिल्ली वालों को खुशहाल करने के लिए नहीं, बल्कि खुद की खुशहाली बढ़ाने के लिए किया है।
जो पार्टी सभी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सकती, वह संसद में पहुंचकर दिल्ली को खुशहाल करने का सपना दिखाने के मामले में लोगों को ही नहीं, बल्कि खुद को भी गुमराह कर रही है, जबकि उसे दिल्ली के लोगों ने दो बार बहुमत दिया है। लिहाजा, उसने बहुमत देने वाली जनता का अपमान है, क्योंकि जिस कांग्रेस को उसने भ्रष्ट बताय थ, आज उससे गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। केजरीवाल ने कोविडकाल में दिल्ली वालों को उनके भाग्य पर छोड़ दिया था। उन्होंने पाठशाला, काॅलेज व अस्पताल की जगह मधुशालाएं खोलीं। शराब फ्री बांटने वाली योजना लाई गई। ऐसे में दिल्ली को खुशहाल बनाने के सपने पर विश्वास नहीं हो सकता। लोगों को गुमराह कर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तो पा लिया है, लेकिन अब दिल्ली, पंजाब, गोवा, गुजरात की जनता केजरीवाल को नकारेगी और राष्ट्रीय पार्टी दर्जा भी छिन जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से शुरू किए अभियान के स्लोगन को लेकर निशाना साधा है।अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप के स्लोगन ‘संसद में भी केजरीवाल, तो दिल्ली होगी और खुशहाल’ को ‘केजरीवाल के नौ साल, लूट-भ्रष्टाचार दिल्ली बेहाल’ की संज्ञा देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्ता का उपयोग दिल्ली वालों को खुशहाल करने के लिए नहीं, बल्कि खुद की खुशहाली बढ़ाने के लिए किया है।
जो पार्टी सभी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सकती, वह संसद में पहुंचकर दिल्ली को खुशहाल करने का सपना दिखाने के मामले में लोगों को ही नहीं, बल्कि खुद को भी गुमराह कर रही है, जबकि उसे दिल्ली के लोगों ने दो बार बहुमत दिया है। लिहाजा, उसने बहुमत देने वाली जनता का अपमान है, क्योंकि जिस कांग्रेस को उसने भ्रष्ट बताय थ, आज उससे गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। केजरीवाल ने कोविडकाल में दिल्ली वालों को उनके भाग्य पर छोड़ दिया था। उन्होंने पाठशाला, काॅलेज व अस्पताल की जगह मधुशालाएं खोलीं। शराब फ्री बांटने वाली योजना लाई गई। ऐसे में दिल्ली को खुशहाल बनाने के सपने पर विश्वास नहीं हो सकता। लोगों को गुमराह कर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तो पा लिया है, लेकिन अब दिल्ली, पंजाब, गोवा, गुजरात की जनता केजरीवाल को नकारेगी और राष्ट्रीय पार्टी दर्जा भी छिन जाएगा।
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