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Noida News: 15 पेड़ों की कटाई पर मात्र 60 हजार का जुर्माना लगाने से एनजीटी नाराज
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-एनजीटी ने ठेकेदार को मामले में पक्षकार बनाकर रिपोर्ट दाखिल करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) दिल्ली के छज्जू राम बाग क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई करके एक गोदाम का निर्माण करने के मामले में सवाल उठाया है। एनजीटी ने वन विभाग की तरफ से लगाए गए जुर्माना व पेड़ों की कटाई के बदले किए गए पौधारोपण पर सवाल उठाया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोट किया कि 15 पेड़ों की कटाई के लिए ठेकेदार पर 60 हजार रुपये प्रति पेड़ जुर्माना लगाया गया है। यानी कुल 9 लाख रुपये का जुर्माना किया गया। इसके बदले ठेकेदार ने 30 पौधे लगाए। इस पर एनजीटी ने सवाल उठाया कि अगर काटे गए पेड़ों की लकड़ी की कीमत अधिक हुई तो प्रति पेड़ ठेकेदार पर लगाया गया 60 हजार का जुर्माना उचित नहीं है। यही नहीं, ठेकेदार ने काटे गए पेड़ों के सापेक्ष सिर्फ 30 पेड़ ही लगाए, जबकि नियम के मुताबिक एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने का प्रावधान है। रिपोर्ट में कहा गया कि ठेकेदार नितिन कुमार ने 20 अगस्त को जुर्माना जमा कर दिया है। इसके बाद 30 पेड़ लगाने की रिपोर्ट एक दिसंबर को सौंपी थी। अदालत ने कहा कि पर्यावरणीय नुकसान के लिए कोई अलग से मुआवजा नहीं तय किया गया। एनजीटी ने नितिन कुमार को आधिकारिक रूप से पक्षकार बनाते हुए मामले में ताजा रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में आगे की सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) दिल्ली के छज्जू राम बाग क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई करके एक गोदाम का निर्माण करने के मामले में सवाल उठाया है। एनजीटी ने वन विभाग की तरफ से लगाए गए जुर्माना व पेड़ों की कटाई के बदले किए गए पौधारोपण पर सवाल उठाया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोट किया कि 15 पेड़ों की कटाई के लिए ठेकेदार पर 60 हजार रुपये प्रति पेड़ जुर्माना लगाया गया है। यानी कुल 9 लाख रुपये का जुर्माना किया गया। इसके बदले ठेकेदार ने 30 पौधे लगाए। इस पर एनजीटी ने सवाल उठाया कि अगर काटे गए पेड़ों की लकड़ी की कीमत अधिक हुई तो प्रति पेड़ ठेकेदार पर लगाया गया 60 हजार का जुर्माना उचित नहीं है। यही नहीं, ठेकेदार ने काटे गए पेड़ों के सापेक्ष सिर्फ 30 पेड़ ही लगाए, जबकि नियम के मुताबिक एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने का प्रावधान है। रिपोर्ट में कहा गया कि ठेकेदार नितिन कुमार ने 20 अगस्त को जुर्माना जमा कर दिया है। इसके बाद 30 पेड़ लगाने की रिपोर्ट एक दिसंबर को सौंपी थी। अदालत ने कहा कि पर्यावरणीय नुकसान के लिए कोई अलग से मुआवजा नहीं तय किया गया। एनजीटी ने नितिन कुमार को आधिकारिक रूप से पक्षकार बनाते हुए मामले में ताजा रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में आगे की सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।
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