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हाईकोर्ट गुंजन सक्सेना फिल्म से आपत्तिजनक दृश्य हटाने के लिए याचिका दायर
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट में फिल्म गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर वायुसेना की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया है। याची ने ऐसे दृश्यों व संवादों में बदलाव करने अथवा उन्हें हटाने की मांग की है जो छवि को खराब कर रहे हैं। इसके अलावा तब तक ओटीटी प्लेटफार्म पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
पेश जनहित याचिका एनजीओ जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सत्यम सिंह राजपूत ने अधिवक्ता अमित शर्मा के जरिये दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना के किरदार को महिमामंडित करने के लिए कई गलत बातें दिखाई गई हैं। इसके लिए कई अधिकारियों को चरित्रहीन तक दिखाया गया है। यह पूरी तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग है।
याची का दावा है कि फिल्मकार ने रचनात्मकता के नाम पर बदनियति से डाले हैं और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सैन्य प्रशिक्षण में महिला अधिकारियों को कोई भी राहत नहीं दी जाती है लेकिन उनसे परिवार की तरह शिष्ट व्यवहार किया जाता है। इसके उलट वहीं इस तथ्य को गलत तरीके से दिखाया गया है कि महिला अधिकारी के आने से सभी पुरुष अधिकारी डरते हैं। ऐसा चित्रण वायुसेना का हिस्सा रहे लोगों को ठेस पहुंचाता है।- एजेंसी
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पेश जनहित याचिका एनजीओ जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सत्यम सिंह राजपूत ने अधिवक्ता अमित शर्मा के जरिये दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना के किरदार को महिमामंडित करने के लिए कई गलत बातें दिखाई गई हैं। इसके लिए कई अधिकारियों को चरित्रहीन तक दिखाया गया है। यह पूरी तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग है।
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याची का दावा है कि फिल्मकार ने रचनात्मकता के नाम पर बदनियति से डाले हैं और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सैन्य प्रशिक्षण में महिला अधिकारियों को कोई भी राहत नहीं दी जाती है लेकिन उनसे परिवार की तरह शिष्ट व्यवहार किया जाता है। इसके उलट वहीं इस तथ्य को गलत तरीके से दिखाया गया है कि महिला अधिकारी के आने से सभी पुरुष अधिकारी डरते हैं। ऐसा चित्रण वायुसेना का हिस्सा रहे लोगों को ठेस पहुंचाता है।- एजेंसी
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