ग्रेटर नोएडा कांड में नए खुलासे: आठ साल पहले पति, फिर देवर और उसका परिवार खत्म; मृतक की भाभी नीरज के आरोप
नगला पदम सिंह गांव में शनिवार सुबह एक दंपती और उनके तीन मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नन्ही देवी बेटी-दामाद और मासूमों के शव देख फूट-फूटकर रो पड़ीं।
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ग्रेटर नोएडा के नगला पदम सिंह गांव में शनिवार की सुबह नन्ही देवी और चंद्रवती पर दुखों का पहाड़ गिर पड़ा। घर का दरवाजा खुला तो अंदर का मंजर देख हर किसी का कलेजा कांप उठा। एक साथ बेटी ललिता (35), दामाद महेश (37) और तीन मासूम नाती-नातिनों (लड्डू, मिष्टी और प्रियांश) की बेजान देह पड़ी थी। अपनी आंखों के सामने पूरे भरे-पूरे परिवार को बेजान पड़ा देख नन्ही देवी का सब्र टूट गया और वह दहाड़ मारकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्हें सांत्वना देती हुईं औरतें रोते हुए कह रहीं थीं। हे ईश्वर यह क्या हो गया...अचानक दर्द का पहाड़ टूट पड़ा। तूने थोड़ी-सी भी रहम नहीं खाई। दूसरी ओर चंद्रवती अपने बेटे, बहू और पोता-पोती का शव जब घर में देखा, तो उनके चेहरों का रंग कुछ पल के लिए उड़ गया। शव को देखकर बेसुध होकर वह अपने खटिया पर ही गिर गईं। उनसे कुछ बोला नहीं जा रहा था। उनका शरीर कांप रहा था।
क्या मां के खराब रवैए ने छीने दोनों बेटे
चंद्रवती की दूसरी बहू नीरज ने आरोप लगाया कि उनकी सास का व्यवहार उनके बेटों के साथ अच्छा नहीं था। उन्होंने अपने बेटों के साथ पराया जैसा व्यवहार किया। अपनी सारी संपत्ती और मुआवजे का रुपया उन्होंने अपनी बेटियों के नाम कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सास को करीब दस बीघा जमीन के बदले करोड़ों रुपये मिले थे, उनमें से एक भी रुपया उन्होंने अपने बेटों को नहीं दिया, जिस कारण उनके बेटे गरीबी में जी रहे थे। नीरज ने बताया कि उनके पति ने भी आर्थिक तंगी की वजह से करीब आठ वर्ष पहले ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बावजूद भी उन्होंने अपने दूसरे बेटे मृतक महेश को न तो रुपये दिए, न जमीन और न घर। दावा है कि महेश भी गरीबी में दिन गुजार रहे थे।
एक ही झटके में दो माओं से छीन गईं उनकी औलाद
संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत ने एक ही झटके में दो माओं से उनकी औलाद छीन लीं। एक ओर चंद्रवती ने जहां अपने पुत्र महेश को को दिया, तो वहीं दूसरी नन्ही देवी ने भी अपनी बेटी ललिता को खो दिया।
बहन की याद में तड़प उठी आशा
नन्ही देवी की चीखों से पूरा गांव सिहर उठा। वह बार-बार अपनी बेटी और मासूमों के चेहरों को निहारते हुए सुध-बुध खो बैठती थीं। पास मौजूद लोग जब भी उन्हें संभालने की कोशिश करते, वह अपनों का नाम पुकारकर फिर बेसुध हो जातीं। घटना की विभीषिका इतनी भयानक थी कि ढांढस बंधाने आई आशा भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं। परिजनों की चीख-पुकार देखकर आशा खुद को संभाल नहीं सकीं और रोते-रोते बदहवास हो गईं। बहन की याद में वह तड़प उठीं।
खुद को संभाल नहीं सकी नीरज
मृतक महेश की भाभी नीरज परिवार की मौत खबर सुनकर वह खुद को संभाल नहीं सकीं। वह अपने दोनों हाथ फैलाकर ऊपर आसमान की तरफ देखकर चीख-चीखकर कह रही थी। यह तूने क्या किया भगवान। वह कभी रोते-रोते जमीन पर गिर जाती तो, कभी बदहवास होकर चुप हो जाती। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।
रात में खुश था परिवार, दिन छाया मातम
शुक्रवार रात तक जो घर हंसी-खुशी से चहक रहा था, शनिवार सुबह वहां केवल सन्नाटा और चीत्कार बिखरी हुई थी। मासूम बच्चों का मासूम बचपन और दंपती का जीवन एक पल में खत्म हो गया। इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखकर गांव का हर शख्स गमगीन था। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बस यही सवाल था कि आखिर हंसते-खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई।
चंद्रवती ने ही नीरज की कराई दूसरी शादी
नीरज ने सास पर आरोप लगाया कि उन्होंने चंद्रवती के जबरदस्ती करने पर ही दूसरी शादी की थी। उन्होंने उनसे वादा किया था कि वह दूसरी शादी कर लें। वह उनके बच्चों का ध्यान रखेंगे और कुछ जमीन, घर और रुपये उनके बच्चों के नाम करेंगे, लेकिन शादी करने के बाद आरोप है कि चंद्रवती ने कुछ नहीं दिया।
मुआवजे की रकम से बनवाया था रबूपुरा में घर
मृतक के महेश के साले सोनू ने बताया कि उनकी बहन के ससुराल पक्ष के पास रबूपुरा और दिल्ली में संपत्ति है। उनके अनुसार परिवार को खेती की जमीन का मुआवजा भी मिला था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में महेश की शादी के बाद मुआवजे की रकम से रबूपुरा में मकान बनवाया गया था। करीब एक वर्ष पहले महेश की मां भी यहां आकर रहने लगी थीं। सोनू के मुताबिक, परिवार में संपत्ति को लेकर तनाव की आशंका हो सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना से करीब 10 दिन पहले उनकी बहन और जीजा उनके घर आए थे और उस समय सब कुछ सामान्य था। दो दिन पहले भी जीजा से फोन पर बातचीत हुई थी।
बहन ने लगाया हत्या का आरोप
ललिता की बहन पूजा ने घटना को फूड पॉइजनिंग मानने से इनकार करते हुए संपत्ति विवाद में हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि परिवार के कुछ रिश्तेदारों ने संपत्ति के विवाद को लेकर हत्या कराई है। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक महेश घर चलाने के लिए एक कंपनी में काम करता था। परिवार में उसकी मां, पत्नी और तीन बच्चे रहते थे। महेश की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार के बड़े बेटे की करीब चार वर्ष पहले ट्रेन के सामने कूदकर मौत हुई थी। इसके बाद उसकी पत्नी बच्चों के साथ अलग रहने लगी थी।
चंद्रवती की बहू नीरज और समधन नन्ही देवी ने बताया कि महेश ही अपनी मां की देखभाल करता था। वह अपनी मां की जरूरतों का हर वक्त ख्याल रखता था। ग्रामीणों ने बताया कि महेश सीधा व्यक्तित्व का लड़का था। उनकी गांव में किसी कोई लड़ाई नहीं होती थी। वह गांव से जब भी गुजरता था, तो अक्सर लोगों की खैर-ख्वाह ले लिया करता था। साथ ही, वह धार्मिक चीजों का भी पालन करता था।