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Noida News: निओनेटोलॉजी विभाग ने मनाया स्थापना दिवस

Fri, 21 Nov 2025 06:32 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 06:32 PM IST
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Neonatology Department celebrated its foundation day
नोएडा। नियोनेटोलॉजी विभाग ने शुक्रवार को नवजात सप्ताह और स्थापना दिवस का आयोजन किया। डॉ. नेहा दलाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम में नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ .ललन भारती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा कि विभाग बीमार नवजात शिशुओं को एनआईसीयू में उन्नत गहन देखभाल उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम ऑफ इंडिया के पूर्व महासचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बीमार शिशुओं की देखभाल में मां और परिवार की भूमिका पर जोर दिया। वहीं नियोनेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. रुचि राय ने विभाग की यात्रा और वर्तमान में उपलब्ध नवजात सेवाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डीन डॉ डीके सिंह, सीएमएस डॉ मुकुल जैन, एमएस डॉ आकाश राज आदि मौजूद रहें। ब्यूरो
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50 टीबी रोगियों को बांटी पोषण पोटली

नोएडा। ग्रोथ वैल फाउंडेशन की ओर से टीबी के मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। मौके पर 50 टीबी के मरीजों को पोषण पोटली दी गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरपी सिंह ने मरीजों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक किया और बताया कि सभी मरीजों को समय से दवा खानी चाहिए और पूरे समय तक उपचार करना चाहिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, ग्रोथ वैल फाउंडेशन के चेयरमैन सुरेंद्र भाटिया, योगेश कुमार, अंबुज पांडेय, पवन भाटी, रविंद्र राठी आदि मौजूद रहें। ब्यूरो
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माता-पिता किशोरों को ठीक से समझें
नोएडा। किशोरों में आत्महत्या जैसे विचारों की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसका एक बड़ा कारण है यह है कि माता-पिता किशोरों की भावनात्मक स्थिति, दबाव औकर जरूरतों को ठीक से नहीं समझ पा रहे हैं। इसी वजह से अभिभावकों की काउंसलिंग भी की जा रही है जिससे वह बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर उनकी मानसिक स्थिति को समझ सकें। फाउंडर हेडस्पेस हीलिंग की क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डॉ. जया सुकुल ने बताया कि ओपीडी में सुसाइड के ख्याल वाले लगभग 30-35 मरीज आ जाते हैं। किशोरों का अपने बड़े भाई-बहनों से भी जनरेशन गैप हो रहा है। बहुत ज्यादा बड़े लोग किशोर के मानसिक तनाव को तनाव नहीं मानते हैं। इस कारण वे अपने आपको अकेला या बिना किसी मदद के महसूस करते हैं। ब्यूरो
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