{"_id":"62b6230d8f9efc22d121536c","slug":"negative-blood-group-shortage-in-district-hospital-noida-news-noi6560497194","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में निगेटिव ब्लड ग्रुप की किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में निगेटिव ब्लड ग्रुप की किल्लत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा। जिला अस्पताल में निगेटिव ब्लड ग्रुप की किल्लत शुरू हो गई है। एबी और बी निगेटिव ब्लड ग्रुप खत्म हो गया है जबकि ओ और ए ब्लड ग्रुप की सिर्फ एक यूनिट बची हुई है। ऐसे में अगर निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ जाए तो मरीज के मुश्किल हो जाएगी। मरीज को निजी अस्पताल से रक्त लेकर आना पड़ेगा।
अभी जिला अस्पताल में 44 यूनिट बचा हुआ है। इसमें ए पॉजिटिव 11, बी पॉजिटिव 14, ओ पॉजिटिव 11 और एबी पॉजिटिव 6 यूनिट ब्लड बचा है। वहीं, निगेटिव ब्लड ग्रुप में ए में 1, बी निगेटिव में जीरो, ओ निगेटिव में एक और एबी निगेटिव भी जीरो है। प्रबंधक की ओर से अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड निशुल्क दिया जाता है, जबकि निजी अस्पताल में 1,500 से 2,000 रुपये में ब्लड मिलता है। ऐसे में अगर किसी को निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ जाए तो उसको बाहर से लाना पड़ेगा।
हर दिन होती है 15 से 16 डिलीवरी
जिला अस्पताल में हर दिन 15 से 16 डिलीवरी होती है। अस्पताल में बड़ी संख्या मेें एनीमिक गर्भवती होती हैं, जिनको डिलीवरी से पहले ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गर्भवतियों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराते हैं।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. विनीता अग्रवाल ने बताया कि निगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी रहती है। अगर किसी गर्भवती को निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत होती है तो अस्पताल को रोटरी ब्लड बैंक से निशुल्क रक्त मिल जाता है। अस्पताल में हर दिन 15 से 16 डिलीवरी होती है। इसमें बड़ी संख्या में एनिमिक गर्भवती महिलाएं भी आती हैं, जिनको ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि पॉजिटिव ब्लड ग्रुप बड़ी संख्या में है।
विज्ञापन
अभी जिला अस्पताल में 44 यूनिट बचा हुआ है। इसमें ए पॉजिटिव 11, बी पॉजिटिव 14, ओ पॉजिटिव 11 और एबी पॉजिटिव 6 यूनिट ब्लड बचा है। वहीं, निगेटिव ब्लड ग्रुप में ए में 1, बी निगेटिव में जीरो, ओ निगेटिव में एक और एबी निगेटिव भी जीरो है। प्रबंधक की ओर से अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड निशुल्क दिया जाता है, जबकि निजी अस्पताल में 1,500 से 2,000 रुपये में ब्लड मिलता है। ऐसे में अगर किसी को निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ जाए तो उसको बाहर से लाना पड़ेगा।
विज्ञापन
हर दिन होती है 15 से 16 डिलीवरी
जिला अस्पताल में हर दिन 15 से 16 डिलीवरी होती है। अस्पताल में बड़ी संख्या मेें एनीमिक गर्भवती होती हैं, जिनको डिलीवरी से पहले ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गर्भवतियों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराते हैं।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. विनीता अग्रवाल ने बताया कि निगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी रहती है। अगर किसी गर्भवती को निगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत होती है तो अस्पताल को रोटरी ब्लड बैंक से निशुल्क रक्त मिल जाता है। अस्पताल में हर दिन 15 से 16 डिलीवरी होती है। इसमें बड़ी संख्या में एनिमिक गर्भवती महिलाएं भी आती हैं, जिनको ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि पॉजिटिव ब्लड ग्रुप बड़ी संख्या में है।