फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Nearby residents worried, experts said - no need to be afraid

आसपास के निवासी चिंतित, विशेषज्ञ बोले-डरने की जरूरत नहीं

Fri, 11 Mar 2022 01:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 01:50 AM IST
विज्ञापन
Nearby residents worried, experts said - no need to be afraid
सेक्टर- 93 एस्थित एमराल्ड कोर्ट के क्लब हाउस में ट्विन टावर को गिराने की प्रक्रिया की जानकारी देते
नोएडा। सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के एपेक्स और सियान टावरों के ध्वस्तीकरण का पूरा प्लान बृहस्पतिवार शाम स्थानीय निवासियों के समक्ष पेश किया गया। एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी के क्लब हाउस में एडिफिस कंपनी के पदाधिकारियों और दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों ने निवासियों की शंकाओं का समाधान किया। इस दौरान बहुमंजिला इमारत के गिरने से आसपास के आवासीय टावरों को क्षति पहुंचने की चिंता निवासियों के चेहरों पर साफ झलक रही थी, लेकिन विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकी और पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए लोगों को बेफिक्र रहने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

एडिफिस कंपनी की तरफ से उत्कर्ष मेहता ने निवासियों को बताया कि नोएडा में ट्विन टावर से पहले कंपनी अपनी सहयोगी दक्षिण अफ्रीकी कंपनी के साथ देश में कई परियोजनाओं पर काम कर चुकी है। इस दौरान कोच्चि में चंद सेकेंड में ध्वस्त की गई इमारत का वीडियो भी दिखाया गया। हालांकि, ट्विन टावर के दोनों ओर करीब 9 मीटर की दूरी पर 16 मंजिला आवासीय इमारत, रिसॉर्ट, वाटर बॉडी के अलावा गैस पाइपलाइन के बीच टावरों को ध्वस्त करना चुनौती से कम नहीं होगा, इन टावरों को 8 से 10 सेकेंड में कैसे जमींदोज किया जाएगा, इसकी पूरी जानकारी निवासियों को दी गई।
विज्ञापन

उत्कर्ष मेहता ने बताया कि ट्विर टावरों के कंक्रीट के कॉलमों में सात हजार छेद कर उनमें विस्फोटक लगाए जाएंगे। विस्फोटक लाने के लिए रोजाना दो वाहनों को लगाया जाएगा। इस दौरान तकनीशियनों के अलावा किसी भी टावरों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। करीब 2.5 टन विस्फोटकों का प्रयोग किया जाएगा। जिस दिन टावरों का ध्वस्तीकरण होगा, उस दिन 2.5 घंटे के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अलावा आसपास की इमारतों में रहने वालों को करीब तीन घंटे तक अपने घर से दूरी बनाकर रखनी होगी। विस्फोट के आधे घंटे बाद इमारत में जांच पड़ताल की जाएगी कि कहीं कोई विस्फोटक बचा तो नहीं या फिर कोई अन्य खतरा तो नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 ब्लास्ट के बाद 8 सेकेंड में गिरेंगे टावर, 8 मिनट तक रहेगा धूल का गुबार
विदेशी विशेषज्ञों ने बताया कि टावर के बेसमेंट से लेकर सबसे ऊपरी मंजिल पर विस्फोटक लगाए जाएंगे। प्राइमरी और सेकेंडरी ब्लास्ट के जरिये टावर को एक तरफ गिराने की बजाय सीधे जमींदोज किया जाएगा, ताकि आसपास का एरिया सुरक्षित रहे। एक के बाद एक 7 ब्लास्ट होंगे और 8 से 10 सेंकेंड में टावर ध्वस्त हो जाएंगे। हालांकि धूल का गुबार खत्म होने में 8 से 10 मिनट का समय लगेगा। टावर ध्वस्त होते ही पानी का छिड़काव से धूल पर काबू किया जाएगा। हरे रंग के पर्दे लगाकर धूल को रोकने का काम किया जाएगा। निवासियों को 15 दिन पहले ही टावरों के ध्वस्तीकरण की तारीख और समय बता दिया जाएगा।

30 मीटर ऊंची कंटेनर की दीवार होगी सुरक्षा कवच
टावरों को ध्वस्त करने के दौरान आसपास की इमारतों की सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए टावरों के चारों तरफ 30 मीटर ऊंचाई तक कंटेनर रखे जाएंगे। इसके बाद सुरक्षा की एक और दीवार बनाई जाएगी। टावरों के नजदीक से गुजर रही गैस पाइपलाइन के ऊपर सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा। ट्विन टावर के हर कॉलम में लोहे का जाल बनाया जाएगा, जिसे कागज से लपेटकर कवर किया जाएगा। इसके बाद इसमें विस्फोटक लगाने के लिए छेद किए जाएंगे। ट्विन टावर और एमरॉल्ड कोर्ट के बेसमेंट की पार्किंग एक ही है, ऐसे में एमरॉल्ड कोर्ट की पार्किंग को भी सुरक्षित रखने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed