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Noida News: एनडीएमसी ने कर्तव्य पथ पर बनाया विश्व रिकॉर्ड
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35 हजार कलाकारों ने 10 किमी कैनवास पर सजाए विकसित भारत के रंग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सेवा पर्व के तहत आयोजित विकसित भारत के रंग, कला के संग कार्यक्रम में विश्व रिकॉर्ड बनाया। देशभर से आए 35,000 से अधिक कलाकारों और छात्रों ने एक साथ 10 किलोमीटर लंबे कैनवास पर पेंटिंग कर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कराई। यह आयोजन त्रिवेणी कला संगम और दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से कर्तव्य पथ के लॉन में किया गया।
इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कर्तव्य पथ पर हजारों युवाओं का उत्साह अद्भुत है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा पर्व का अनूठा हिस्सा है जो देश को कर्तव्य और सेवा की भावना से जोड़ता है। वहीं, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे रचनात्मक कला का ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि युवा कलाकारों ने रंगों के माध्यम से न केवल अपने सपनों के भारत की झलक दिखाई बल्कि भविष्य के संकल्प को भी सशक्त बनाया। यह आयोजन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी विभूतियों के जन्मदिन से भी जुड़ते हुए सेवा पर्व को और अर्थपूर्ण बनाता है।
इधर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विकसित भारत के रंग, कला के संग केवल दिल्ली का ही नहीं बल्कि देशव्यापी आयोजन है। हर राज्य, हर जिले और हर गांव से कलाकारों की भागीदारी इस उत्सव को एकता का प्रतीक बनाती है जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस कार्यक्रम ने कला और सृजनशीलता के माध्यम से भारत की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया है।
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भारत ने विश्व मंच पर पहचान बनाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की युवा पीढ़ी आगे आकर जिम्मेदारी निभाएगी। यह आयोजन केवल कला का प्रदर्शन नहीं बल्कि नए भारत के सपनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर एक नई पहचान बनाई है लेकिन यह यात्रा तभी पूरी होगी जब हर नागरिक अपना योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, हरियाली, पर्यावरण संरक्षण, यातायात नियमों के पालन और जरूरतमंदों की मदद जैसे छोटे-छोटे कार्यों के जरिए बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
पहले पनामा में 2014 में बना था रिकॉर्ड
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि इससे पहले एक ही पेंटिंग में सबसे अधिक कलाकारों के योगदान का रिकॉर्ड 2014 में पनामा में बना था। यहां 5,084 कलाकारों ने पेंटिंग बनाई थी। नई दिल्ली में 35,000 कलाकारों की भागीदारी ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। इस आयोजन में कई पद्मश्री और पद्म विभूषण विजेता कलाकारों के साथ-साथ जतिन दास, बिमान बी बास, अद्वैत गडनायक, जय प्रकाश, राम किशन छिपा, शांति देवी, परेश राठवा व कल्याण जोशी सहित देशभर के नामचीन कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। गणमान्य अतिथियों ने मंच से इन कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्री प्रवेश वर्मा, सांसद बांसुरी स्वराज व मनोज तिवारी, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा भी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सेवा पर्व के तहत आयोजित विकसित भारत के रंग, कला के संग कार्यक्रम में विश्व रिकॉर्ड बनाया। देशभर से आए 35,000 से अधिक कलाकारों और छात्रों ने एक साथ 10 किलोमीटर लंबे कैनवास पर पेंटिंग कर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कराई। यह आयोजन त्रिवेणी कला संगम और दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से कर्तव्य पथ के लॉन में किया गया।
इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कर्तव्य पथ पर हजारों युवाओं का उत्साह अद्भुत है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा पर्व का अनूठा हिस्सा है जो देश को कर्तव्य और सेवा की भावना से जोड़ता है। वहीं, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे रचनात्मक कला का ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि युवा कलाकारों ने रंगों के माध्यम से न केवल अपने सपनों के भारत की झलक दिखाई बल्कि भविष्य के संकल्प को भी सशक्त बनाया। यह आयोजन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी विभूतियों के जन्मदिन से भी जुड़ते हुए सेवा पर्व को और अर्थपूर्ण बनाता है।
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इधर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विकसित भारत के रंग, कला के संग केवल दिल्ली का ही नहीं बल्कि देशव्यापी आयोजन है। हर राज्य, हर जिले और हर गांव से कलाकारों की भागीदारी इस उत्सव को एकता का प्रतीक बनाती है जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस कार्यक्रम ने कला और सृजनशीलता के माध्यम से भारत की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया है।
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भारत ने विश्व मंच पर पहचान बनाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की युवा पीढ़ी आगे आकर जिम्मेदारी निभाएगी। यह आयोजन केवल कला का प्रदर्शन नहीं बल्कि नए भारत के सपनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर एक नई पहचान बनाई है लेकिन यह यात्रा तभी पूरी होगी जब हर नागरिक अपना योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, हरियाली, पर्यावरण संरक्षण, यातायात नियमों के पालन और जरूरतमंदों की मदद जैसे छोटे-छोटे कार्यों के जरिए बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
पहले पनामा में 2014 में बना था रिकॉर्ड
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि इससे पहले एक ही पेंटिंग में सबसे अधिक कलाकारों के योगदान का रिकॉर्ड 2014 में पनामा में बना था। यहां 5,084 कलाकारों ने पेंटिंग बनाई थी। नई दिल्ली में 35,000 कलाकारों की भागीदारी ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। इस आयोजन में कई पद्मश्री और पद्म विभूषण विजेता कलाकारों के साथ-साथ जतिन दास, बिमान बी बास, अद्वैत गडनायक, जय प्रकाश, राम किशन छिपा, शांति देवी, परेश राठवा व कल्याण जोशी सहित देशभर के नामचीन कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। गणमान्य अतिथियों ने मंच से इन कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्री प्रवेश वर्मा, सांसद बांसुरी स्वराज व मनोज तिवारी, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा भी मौजूद रहे।