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Noida News: सरकारी भूमि खाली करवाने के खिलाफ रामबन में प्रदर्शन
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रामबन में प्रदर्शन करते डीएपी के कार्यकर्ता।
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डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी ने निकाली विरोध रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को शहर में प्रदेश सरकार द्वारा जारी भूमि बेदखली आदेश के खिलाफ एक विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को बिना किसी देरी के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए और वापस लेना चाहिए, क्योंकि इस आदेश से लोगों में बेघर और भूमिहीन होने का डर पैदा हो गया है।
रैली पुराने शहर रामबन से शुरू होकर बाजारों और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए जिला प्रशासनिक परिसर मैत्रा पहुंची, जहां आरएस चिब के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रामबन के उपायुक्त मुसरत इस्लाम को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। वे तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा जारी बेदखली आदेश को रद्द करने की मांग कर रहे थे। कहा कि राज्य भूमि, कचराई भूमि या रोशनी योजना के माध्यम से आवंटित भूमि को पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा विधायिका के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के भूमिहीन, बेघर लोगों को आवंटित किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें आदेश जारी कर सत्ता से बाहर करने पर तुली हुई है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर इस आदेश को धरातल पर लागू किया गया तो लोग कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार द्वारा इस आदेश को रद्द नहीं किया जाता तब तक डीएपी लड़ेगी। प्रदर्शन में डीएपी के महासचिव आरएस चिब, जीएम सरूरी, जुगल किशोर, एडवोकेट असलम गोनी, एडवोकेट अरुण सिंह राजू, आदि शामिल हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को शहर में प्रदेश सरकार द्वारा जारी भूमि बेदखली आदेश के खिलाफ एक विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को बिना किसी देरी के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए और वापस लेना चाहिए, क्योंकि इस आदेश से लोगों में बेघर और भूमिहीन होने का डर पैदा हो गया है।
रैली पुराने शहर रामबन से शुरू होकर बाजारों और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए जिला प्रशासनिक परिसर मैत्रा पहुंची, जहां आरएस चिब के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने रामबन के उपायुक्त मुसरत इस्लाम को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। वे तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा जारी बेदखली आदेश को रद्द करने की मांग कर रहे थे। कहा कि राज्य भूमि, कचराई भूमि या रोशनी योजना के माध्यम से आवंटित भूमि को पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा विधायिका के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के भूमिहीन, बेघर लोगों को आवंटित किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें आदेश जारी कर सत्ता से बाहर करने पर तुली हुई है।
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उन्होंने सवाल किया कि अगर इस आदेश को धरातल पर लागू किया गया तो लोग कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार द्वारा इस आदेश को रद्द नहीं किया जाता तब तक डीएपी लड़ेगी। प्रदर्शन में डीएपी के महासचिव आरएस चिब, जीएम सरूरी, जुगल किशोर, एडवोकेट असलम गोनी, एडवोकेट अरुण सिंह राजू, आदि शामिल हुए।
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