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Noida News: सिम कार्ड हैक कर कारोबारी के खाते से निकाले एक करोड़
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सिम कार्ड हैक कर कारोबारी के खाते से निकाले एक करोड़
- सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने सिम कार्ड हैक कर कारोबारी के खाते से एक करोड़ रुपये निकाल लिए। जालसाजों ने कारोबारी के खाते से लिंक सिम कार्ड को हैक कर इस जालसाजी को अंजाम दिया है। जब कारोबारी को इस फ्रॉड की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि दिल्ली के रहने वाले कारोबारी केके प्रकाश का एचडीएफसी बैंक में खाता है। उनके खाते से लिंक सिम कार्ड को साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया और उनके खाते से एक करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन कर लिया। दरअसल, साइबर जालसाज सिम हैक करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करता है और सिम से संबंधित जानकारी बताकर सिम कार्ड पर कंट्रोल ले लेता है। इसके लिए हैकर अपने पास मौजूद किसी सिम पर यूजर का नंबर एक्टिवेट करा लेते हैं। कोई भी उस नंबर पर कॉल या मैसेज करता है तो कॉल किसी दूसरे के पास जाती है। यहां तक कि ओटीपी भी साइबर जालसाज के पास चला जाता है। इस स्थिति में साइबर जालसाज ओटीपी व पासवर्ड का इस्तेमाल कर नेट बैंकिंग से खाता खाली कर देते हैं।
आखिर क्या है सिम हैकिंग
सिम हैकिंग का मतलब है कि आपके सिम कार्ड का कंट्रोल किसी और के पास चला जाना। इसके लिए हैकर सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल कर सबसे पहले आपके बारे में कुछ जानकारी एकत्रित करते हैं। किसी भी यूजर के बारे में पर्याप्त जानकारी होने के बाद हैकर उसके टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करते हैं और बताते हैं कि उनका सिम कार्ड खराब हो गया है या खो गया है। फिर नया सिम कार्ड एक्टिवेट करने का आग्रह करते हैं। जैसे ही साइबर जालसाजों के हाथ में दूसरे का सिम कार्ड आता है तो फिर उससे कई तरह से साइबर फ्रॉड को अंजाम देते हैं।
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क्या है बचाव के उपाय
- फिशिंग मेल्स और ऑनलाइन एक्टिविटी के दौरान हमेशा अलर्ट रहें।
- अपने अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर अपने पासवर्ड को बदलते रहें।
- ऐप के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें जिससे किसी भी ऐप में अनजान व्यक्ति का लॉगिन आसान न हो।
- अगर आपको लगता है कि आप साइबर ठगी के शिकार हुए हैं तो तुरंत ही अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें।
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- सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने सिम कार्ड हैक कर कारोबारी के खाते से एक करोड़ रुपये निकाल लिए। जालसाजों ने कारोबारी के खाते से लिंक सिम कार्ड को हैक कर इस जालसाजी को अंजाम दिया है। जब कारोबारी को इस फ्रॉड की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि दिल्ली के रहने वाले कारोबारी केके प्रकाश का एचडीएफसी बैंक में खाता है। उनके खाते से लिंक सिम कार्ड को साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया और उनके खाते से एक करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन कर लिया। दरअसल, साइबर जालसाज सिम हैक करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करता है और सिम से संबंधित जानकारी बताकर सिम कार्ड पर कंट्रोल ले लेता है। इसके लिए हैकर अपने पास मौजूद किसी सिम पर यूजर का नंबर एक्टिवेट करा लेते हैं। कोई भी उस नंबर पर कॉल या मैसेज करता है तो कॉल किसी दूसरे के पास जाती है। यहां तक कि ओटीपी भी साइबर जालसाज के पास चला जाता है। इस स्थिति में साइबर जालसाज ओटीपी व पासवर्ड का इस्तेमाल कर नेट बैंकिंग से खाता खाली कर देते हैं।
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आखिर क्या है सिम हैकिंग
सिम हैकिंग का मतलब है कि आपके सिम कार्ड का कंट्रोल किसी और के पास चला जाना। इसके लिए हैकर सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल कर सबसे पहले आपके बारे में कुछ जानकारी एकत्रित करते हैं। किसी भी यूजर के बारे में पर्याप्त जानकारी होने के बाद हैकर उसके टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करते हैं और बताते हैं कि उनका सिम कार्ड खराब हो गया है या खो गया है। फिर नया सिम कार्ड एक्टिवेट करने का आग्रह करते हैं। जैसे ही साइबर जालसाजों के हाथ में दूसरे का सिम कार्ड आता है तो फिर उससे कई तरह से साइबर फ्रॉड को अंजाम देते हैं।
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क्या है बचाव के उपाय
- फिशिंग मेल्स और ऑनलाइन एक्टिविटी के दौरान हमेशा अलर्ट रहें।
- अपने अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर अपने पासवर्ड को बदलते रहें।
- ऐप के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें जिससे किसी भी ऐप में अनजान व्यक्ति का लॉगिन आसान न हो।
- अगर आपको लगता है कि आप साइबर ठगी के शिकार हुए हैं तो तुरंत ही अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें।