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Noida News: साइबर फ्रॉड में शामिल 900 से अधिक मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर

Wed, 28 Jun 2023 12:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:38 AM IST
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More than 900 mobile numbers involved in cyber fraud on police radar
साइबर फ्रॉड में शामिल 900 से अधिक मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर
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- यूपी साइबर क्राइम पुलिस कर रही जांच, सक्रिय नंबरों को बंद कराने की तैयारी

- अधिकतर मोबाइल नंबर जामताड़ा, मेवात व अन्य राज्यों के

सुशांत समदर्शी

नोएडा। एनसीआर व पश्चिमी यूपी में साइबर फ्रॉड में शामिल 900 से अधिक मोबाइल नंबर यूपी साइबर क्राइम पुलिस के रडार पर है। हाल के कुछ महीनों में इन नंबरों का इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया गया है। इनकी जांच की जा रही है। सक्रिय सिम को साइबर क्राइम पुलिस बंद कराने की तैयारी में है। जांच में अभी सक्रिय सिम की संख्या बढ़ भी सकती है, जिससे साइबर क्राइम किया जा रहा है।

नोएडा व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साइबर क्राइम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हर दिन पांच से दस मामले नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सामने आ रहे हैं। साइबर फ्रॉड में मोबाइल नंबरों इस्तेमाल सबसे अधिक हो रहा है। यूपी साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने अपराध में शामिल मोबाइल नंबरों की पड़ताल की है। इनमें अभी तक 900 से अधिक ऐसे नंबर का पता चला है जिनसे सक्रिय रूप से ठगी की जा रही है। इनमें से अधिकतर नंबर जामताड़ा, मेवात, भरतपुर, बिहार के कुछ जिलों के हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन स्थानों से ही अधिक से अधिक साइबर ठगी की जा रही है। नोएडा साइबर क्राइम थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव का कहना है कि साइबर क्राइम में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि साइबर ठग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल ओएलएक्स फ्रॉड, बैंक कर्मी , केवाईसी फ्रॉड, पेंशन फ्रॉड आदि में सबसे अधिक कर रहे हैं।
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अधिकतर सिम दूसरों के नाम पर
अब तक की पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जिन सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर जालसाज ठगी में करते हैं वह, अक्सर गरीब, मजदूर व निम्र आय वर्ग के लोगों के नाम से होते हैं। ऐसे में उन पर कार्रवाई करने में कठिनाई होती है। असली साइबर ठगों तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है। इस कारण पुलिस अब इन नंबरों को बंद कराने की तैयारी में है ताकि साइबर अपराध के ग्राफ में कमी आ सके।
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