{"_id":"679b9f036baadb21fa0f56c2","slug":"modi-kejriwal-are-anti-dalit-and-reservation-rahul-gandhi-noida-news-c-340-1-del1011-78153-2025-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी-केजरीवाल दलित व आरक्षण विरोधी : राहुल गांधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी-केजरीवाल दलित व आरक्षण विरोधी : राहुल गांधी
विज्ञापन
कहा- पांच साल पहले यमुना का पानी पीने की बात कर रहे थे, अब बोतलबंद पानी लेकर प्रेसवार्ता कर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को जहांगीरपुरी में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री, भाजपा व आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पांच साल पहले यमुना का पानी पीने की बात कर रहे थे, लेकिन अब वे बोतलबंद पानी लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। वे एक के बाद एक झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा था कि वे यमुना में स्नान करेंगे और उसका पानी पिएंगे। उन्होंने केजरीवाल को चुनौती दी कि यमुना का पानी छोड़िए, बादली की जनता जो पानी पी रही है, वही पीकर दिखा दीजिए।
राहुल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में केजरीवाल को समझा और पाया कि वे भी प्रधानमंत्री की तरह आरक्षण व दलित विरोधी हैं। केजरीवाल और मोदी दोनों एक जैसे हैं, वे खोखली बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं, आरक्षण और दलित विरोधी हैं, बहुजन समाज को सत्ता में हिस्सेदारी नहीं देना चाहते और सत्ता को बस अपने हाथों में रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने कहा था कि अगर हमें 400 सीटें मिल गईं, तो हम आंबेडकर के संविधान को बदल देंगे। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का भी जिक्र किया। भागवत कहते हैं कि देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली, बल्कि मोदी ने दिलाई। इसका सीधा मतलब है कि भाजपा व आरएसएस संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वे इस देश में भाईचारे और समानता के खिलाफ काम कर रहे हैं। महात्मा गांधी की हत्या इसलिए हुई, क्योंकि वे नफरत के खिलाफ और भाईचारे के लिए लड़ रहे थे। गोली चलाने वाले की विचारधारा ही आज हिंदुस्तान चला रही है। देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है, एक तरफ आरएसएस-भाजपा की विचारधारा है, जो नफरत फैलाती है। दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा है, जो मोहब्बत की दुकान खोलती है।
कांग्रेस ने अपने किए हुए वादों को हमेशा पूरा किया है। कांग्रेस कभी झूठे वादे नहीं करती, क्योंकि कांग्रेस और जनता का रिश्ता मोहब्बत व भाईचारे का है। उन्होंने जहांगीरपुरी का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने इसे बसाया था, यहां एक मिनी भारत बसता है, लेकिन आज यह क्षेत्र साफ पानी, पेंशन और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। लिहाजा, आप कभी मत भूलिए कि आपके साथ कौन खड़ा है, आपके अधिकारों की रक्षा कौन कर रहा है और झूठे वादे कौन कर रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
90 के दशक में दलितों और पिछड़ों के हितों की अनदेखी हुई
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि सिर्फ दलितों और पिछड़ों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें संस्थानों और संपत्ति में भागीदारी दी जानी चाहिए। जब कांग्रेस का मूल आधार वापस आएगा, तो भाजपा और आरएसएस को भागना पड़ेगा। यह जल्द ही होगा। इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पर दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों का पूरा विश्वास प्राप्त था, लेकिन बाद में 1990 के दशक में कुछ कमियां रहीं और पार्टी इस सच्चाई को स्वीकार करती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को जहांगीरपुरी में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री, भाजपा व आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पांच साल पहले यमुना का पानी पीने की बात कर रहे थे, लेकिन अब वे बोतलबंद पानी लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। वे एक के बाद एक झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा था कि वे यमुना में स्नान करेंगे और उसका पानी पिएंगे। उन्होंने केजरीवाल को चुनौती दी कि यमुना का पानी छोड़िए, बादली की जनता जो पानी पी रही है, वही पीकर दिखा दीजिए।
राहुल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में केजरीवाल को समझा और पाया कि वे भी प्रधानमंत्री की तरह आरक्षण व दलित विरोधी हैं। केजरीवाल और मोदी दोनों एक जैसे हैं, वे खोखली बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं, आरक्षण और दलित विरोधी हैं, बहुजन समाज को सत्ता में हिस्सेदारी नहीं देना चाहते और सत्ता को बस अपने हाथों में रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने कहा था कि अगर हमें 400 सीटें मिल गईं, तो हम आंबेडकर के संविधान को बदल देंगे। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का भी जिक्र किया। भागवत कहते हैं कि देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली, बल्कि मोदी ने दिलाई। इसका सीधा मतलब है कि भाजपा व आरएसएस संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वे इस देश में भाईचारे और समानता के खिलाफ काम कर रहे हैं। महात्मा गांधी की हत्या इसलिए हुई, क्योंकि वे नफरत के खिलाफ और भाईचारे के लिए लड़ रहे थे। गोली चलाने वाले की विचारधारा ही आज हिंदुस्तान चला रही है। देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है, एक तरफ आरएसएस-भाजपा की विचारधारा है, जो नफरत फैलाती है। दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा है, जो मोहब्बत की दुकान खोलती है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने अपने किए हुए वादों को हमेशा पूरा किया है। कांग्रेस कभी झूठे वादे नहीं करती, क्योंकि कांग्रेस और जनता का रिश्ता मोहब्बत व भाईचारे का है। उन्होंने जहांगीरपुरी का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने इसे बसाया था, यहां एक मिनी भारत बसता है, लेकिन आज यह क्षेत्र साफ पानी, पेंशन और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। लिहाजा, आप कभी मत भूलिए कि आपके साथ कौन खड़ा है, आपके अधिकारों की रक्षा कौन कर रहा है और झूठे वादे कौन कर रहा है।
विज्ञापन
90 के दशक में दलितों और पिछड़ों के हितों की अनदेखी हुई
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि सिर्फ दलितों और पिछड़ों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें संस्थानों और संपत्ति में भागीदारी दी जानी चाहिए। जब कांग्रेस का मूल आधार वापस आएगा, तो भाजपा और आरएसएस को भागना पड़ेगा। यह जल्द ही होगा। इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस पर दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों का पूरा विश्वास प्राप्त था, लेकिन बाद में 1990 के दशक में कुछ कमियां रहीं और पार्टी इस सच्चाई को स्वीकार करती है।