{"_id":"5daa18658ebc3e939d46bd81","slug":"models-shine-handicrafts-products-on-ramp-grnoida-news-noi468207426","type":"story","status":"publish","title_hn":"मॉडल्स ने रैंप पर बिखेरी हस्तशिल्प उत्पादों की चमक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मॉडल्स ने रैंप पर बिखेरी हस्तशिल्प उत्पादों की चमक
विज्ञापन
इंडिया एक्सपो मार्ट में हस्तशिल्प परिधानों को प्रदर्शित करती मॉडल।
- फोटो : Grnoida
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मॉडल्स ने रैंप पर बिखेरी हस्तशिल्प उत्पादों की चमक
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में चल रहे 48वें आईएचजीएफ (इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर) ऑटम-2019 के तीसरे दिन रैंप पर मॉडल्स ने हस्तशिल्प उत्पादों की चमक बिखेरी। हस्तशिल्प परिधानों के अलग-अलग स्टाइल और आर्टिफिशियल ज्वैलरी को प्रदर्शित किया। विशेषरूप से माना गांव के हस्तशिल्प कारीगरों के बनाए उत्पादों को पेश किया गया। हस्तशिल्प मेले में पहुंचे जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हस्तशिल्प उत्पादों को खूब सराहा।
ईपीसीएच की ओर से माना गांव से 10 मास्टर शिल्पकार चुने गए थे, उनके सामान्य कपड़ों जैसे कि पंखी (शॉल), खेस को खास फैशन उत्पादों में विकसित किया गया। इनमें ऊनी कोट, शॉल, टोपियां, रजाई, पर्स आदि शामिल थे। इन सभी को 20 से अधिक मॉडल्स ने आकर्षक रूप में रैंप पर प्रदर्शित किया। प्राकृतिक समुद्री पत्थरों सीप, मूंगा समेत बीड से तैयार करीब आठ डिजाइन की हस्तशिल्प ज्वैलरी भी प्रस्तुत की गई। खरीदार समूह आयातकों ने इन डिजाइन को काफी पसंद किया। कार्यक्रम में पहुंचे जल शक्ति केंद्रीय मंत्री ने भी माना के उत्पादों की खूब तारीफ की। माना गांव उत्तराखंड के चमोली जिले में 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। यह माना पास दर्रे से पहले चीन की सीमा से महज 24 किलोमीटर पहले भारत का अंतिम गांव है। ईपीसीएच के डिजाइनरों के मार्गदर्शन में कच्चे माल और माणा के कारीगरों की बारीकियों से बाड़मेर राजस्थान की महिला कारीगरों के हाथ की शिल्पकारी कौशल को जोड़ा गया है। जिससे उत्पादों की एक नई रेंज तैयार हो सके। साथ ही दोनों तरफ कई नए उत्पादों की संभावनाएं भी पैदा सकेगी।
मेले में पहुंचे मुरादाबाद के सांसद
हस्तशिल्प मेले में शुक्रवार को मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. एसटी हसन पहुंचे। उन्होंने मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर बताया कि वहां हस्तशिल्प से जुड़े कोयले पर आधारित कई संयंत्र हैं। इनमें से कई एनजीटी और प्रदूषण विभाग की सख्ती की वजह से बंद हो चुके हैं। केंद्र सरकार का इस पर सकारात्मक रुख है। इन्हें जल्द कोयले की जगह गैस से चलाया जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने मुरादाबाद का व्यापार प्रभावित होने का दावा करते हुए जीएसटी को जमकर कोसा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में चल रहे 48वें आईएचजीएफ (इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर) ऑटम-2019 के तीसरे दिन रैंप पर मॉडल्स ने हस्तशिल्प उत्पादों की चमक बिखेरी। हस्तशिल्प परिधानों के अलग-अलग स्टाइल और आर्टिफिशियल ज्वैलरी को प्रदर्शित किया। विशेषरूप से माना गांव के हस्तशिल्प कारीगरों के बनाए उत्पादों को पेश किया गया। हस्तशिल्प मेले में पहुंचे जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हस्तशिल्प उत्पादों को खूब सराहा।
ईपीसीएच की ओर से माना गांव से 10 मास्टर शिल्पकार चुने गए थे, उनके सामान्य कपड़ों जैसे कि पंखी (शॉल), खेस को खास फैशन उत्पादों में विकसित किया गया। इनमें ऊनी कोट, शॉल, टोपियां, रजाई, पर्स आदि शामिल थे। इन सभी को 20 से अधिक मॉडल्स ने आकर्षक रूप में रैंप पर प्रदर्शित किया। प्राकृतिक समुद्री पत्थरों सीप, मूंगा समेत बीड से तैयार करीब आठ डिजाइन की हस्तशिल्प ज्वैलरी भी प्रस्तुत की गई। खरीदार समूह आयातकों ने इन डिजाइन को काफी पसंद किया। कार्यक्रम में पहुंचे जल शक्ति केंद्रीय मंत्री ने भी माना के उत्पादों की खूब तारीफ की। माना गांव उत्तराखंड के चमोली जिले में 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। यह माना पास दर्रे से पहले चीन की सीमा से महज 24 किलोमीटर पहले भारत का अंतिम गांव है। ईपीसीएच के डिजाइनरों के मार्गदर्शन में कच्चे माल और माणा के कारीगरों की बारीकियों से बाड़मेर राजस्थान की महिला कारीगरों के हाथ की शिल्पकारी कौशल को जोड़ा गया है। जिससे उत्पादों की एक नई रेंज तैयार हो सके। साथ ही दोनों तरफ कई नए उत्पादों की संभावनाएं भी पैदा सकेगी।
विज्ञापन
मेले में पहुंचे मुरादाबाद के सांसद
हस्तशिल्प मेले में शुक्रवार को मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. एसटी हसन पहुंचे। उन्होंने मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर बताया कि वहां हस्तशिल्प से जुड़े कोयले पर आधारित कई संयंत्र हैं। इनमें से कई एनजीटी और प्रदूषण विभाग की सख्ती की वजह से बंद हो चुके हैं। केंद्र सरकार का इस पर सकारात्मक रुख है। इन्हें जल्द कोयले की जगह गैस से चलाया जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने मुरादाबाद का व्यापार प्रभावित होने का दावा करते हुए जीएसटी को जमकर कोसा।
विज्ञापन