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Noida News: निजी स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता की सुविधाओं की होगी जांच
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- टॉयलेट से सैनिटरी पैड और कचरा निस्तारण तक की होगी पड़ताल, शनिवार को ऑनलाइन कार्यशाला में दिए गए निर्देश
मो. सफीक खान
नोएडा। छात्राओं की मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर अब निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं की पड़ताल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के तहत स्कूलों में शौचालय, पानी, साबुन, सैनिटरी पैड और सैनिटरी वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण समेत जरूरी सुविधाओं की जांच होगी। निर्धारित बिंदुओं के आधार पर स्कूलों की व्यवस्थाएं परखी जाएंगी। डीसी बालिका शिक्षा विनय प्रकाश ने बताया कि सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण जारी है और अब निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण शुरू कराया जाएगा। कमी मिलने पर संबंधित स्कूल को नोटिस जारी कर अनुपालन सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी 2026 को दिए फैसले में सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग और कार्यशील शौचालय, पानी व साबुन की व्यवस्था, मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) कॉर्नर और सैनिटरी वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक शौचालय में सैनिटरी सामग्री के लिए ढक्कन वाला डस्टबिन रखने को भी कहा गया था।
कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की समय-समय पर जांच करने और निरीक्षण के दौरान छात्राओं से गोपनीय फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए हैं। जांच में शौचालय व वॉशिंग सुविधा, मासिक धर्म से जुड़ी सामग्री, वेस्ट डिस्पोजल और जागरूकता-प्रशिक्षण की व्यवस्था देखी जानी है।
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शनिवार को ऑनलाइन कार्यशाला में हुई चर्चा
मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े विषय पर शनिवार को पांच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का एक सत्र आयोजित किया गया। इसमें स्कूलों में छात्राओं की जरूरतों, मासिक धर्म के दौरान होने वाली अनुपस्थिति, स्वच्छता सुविधाओं और जागरूकता को लेकर चर्चा हुई। कार्यशाला के तहत आगे स्कूलों का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर परखी जाएंगी स्कूलों की व्यवस्थाएं
- अलग और स्वच्छ बालिका शौचालय।
- शौचालय में पर्याप्त पानी की उपलब्धता।
- दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ शौचालय।
- सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की व्यवस्था।
- साबुन और पानी के साथ हैंडवॉश की सुविधा।
- छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराना।
- मासिक धर्म से जुड़ी आवश्यक सामग्री की उपलब्धता।
- सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था।
- बालिका शौचालय में ढक्कन वाले कूड़ेदान।
- शिक्षकों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति प्रशिक्षण।
- स्कूलों में एमएचएम कॉर्नर की व्यवस्था।
- मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम।
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मो. सफीक खान
नोएडा। छात्राओं की मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर अब निजी स्कूलों में व्यवस्थाओं की पड़ताल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के तहत स्कूलों में शौचालय, पानी, साबुन, सैनिटरी पैड और सैनिटरी वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण समेत जरूरी सुविधाओं की जांच होगी। निर्धारित बिंदुओं के आधार पर स्कूलों की व्यवस्थाएं परखी जाएंगी। डीसी बालिका शिक्षा विनय प्रकाश ने बताया कि सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण जारी है और अब निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण शुरू कराया जाएगा। कमी मिलने पर संबंधित स्कूल को नोटिस जारी कर अनुपालन सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी 2026 को दिए फैसले में सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग और कार्यशील शौचालय, पानी व साबुन की व्यवस्था, मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) कॉर्नर और सैनिटरी वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक शौचालय में सैनिटरी सामग्री के लिए ढक्कन वाला डस्टबिन रखने को भी कहा गया था।
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कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की समय-समय पर जांच करने और निरीक्षण के दौरान छात्राओं से गोपनीय फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए हैं। जांच में शौचालय व वॉशिंग सुविधा, मासिक धर्म से जुड़ी सामग्री, वेस्ट डिस्पोजल और जागरूकता-प्रशिक्षण की व्यवस्था देखी जानी है।
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शनिवार को ऑनलाइन कार्यशाला में हुई चर्चा
मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े विषय पर शनिवार को पांच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का एक सत्र आयोजित किया गया। इसमें स्कूलों में छात्राओं की जरूरतों, मासिक धर्म के दौरान होने वाली अनुपस्थिति, स्वच्छता सुविधाओं और जागरूकता को लेकर चर्चा हुई। कार्यशाला के तहत आगे स्कूलों का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर परखी जाएंगी स्कूलों की व्यवस्थाएं
- अलग और स्वच्छ बालिका शौचालय।
- शौचालय में पर्याप्त पानी की उपलब्धता।
- दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ शौचालय।
- सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की व्यवस्था।
- साबुन और पानी के साथ हैंडवॉश की सुविधा।
- छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराना।
- मासिक धर्म से जुड़ी आवश्यक सामग्री की उपलब्धता।
- सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था।
- बालिका शौचालय में ढक्कन वाले कूड़ेदान।
- शिक्षकों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति प्रशिक्षण।
- स्कूलों में एमएचएम कॉर्नर की व्यवस्था।
- मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम।