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UP: 'प्रोफेसर ने चप्पल मारने, फेल करने की दी धमकी', शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा के सुसाइड केस में खुलासा

Sun, 20 Jul 2025 03:39 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 20 Jul 2025 03:39 PM IST
सार

शारदा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसरों के उत्पीड़न से परेशान मेडिकल छात्रा ने खुदकुशी कर ली। छात्रा परीक्षा से पहले प्रोजेक्ट पर प्रोफेसरों के हस्ताक्षर नहीं करने से आहत थी। अगस्त में होने वाली परीक्षा से पहले प्रोजेक्ट पेश करना था।

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medical student suicide by harassment by professors at Sharda University in Greater Noida
student suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ग्रेटर नोएडा की शारदा विश्वविद्यालय के हॉस्टल में आत्महत्या करने वाली छात्रा ज्योति शर्मा अगस्त में होने वाली परीक्षा से पहले प्रोजेक्ट पर प्रोफेसरों के हस्ताक्षर नहीं करने से आहत थी। छात्रा की मां सुनीता के मुताबिक अगस्त में तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा होनी है। 
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छात्रा ने मेडिकल प्रोजेक्ट के तौर पर डेंचर (बत्तीसी) पर प्रोजेक्ट तैयार किया था। 30 नंबरों के इस प्रोजेक्ट पर विभाग के प्रोफेसरों के हस्ताक्षर होने थे। शुक्रवार को छात्रा प्रोजेक्ट की फाइल पर हस्ताक्षर कराने के लिए गई थी। मां के आरोप है कि प्रोफेसरों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
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मां का आरोप है कि छात्रा के प्रोजेक्ट की फाइल भी फेंक दी गई। प्रोफेसर ने चप्पल फेंककर मारने की बात कही। जिससे छात्रा आहत हो गई। छात्रा की मां का दावा है कि आरोप है कि सारी बातें डीन को पता थी। 
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आमतौर पर बेटी दिन में तीन बार उन्हें और पांच बार अपने पिता के पास फोन करती थी। लेकिन शुक्रवार को उसने पिता को सिर्फ एक बार फोन किया। जब पांच बजे मां ने फोन किया तो पुत्री ने फोन नहीं उठाया। शाम को पता चला है कि उसने आत्महत्या कर ली। छात्रा 15 दिन पहले ही घर आई थी।
 

ज्योति के पिता हरियाणा स्थित भिवानी में निजी कंपनी में काम करते हैं। छात्रा की मृत्यु के बाद से परिवार में मातम छाया है। वहीं पुलिस की ओर से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या छात्रा ने पहले किसी प्रोफेसर के हस्ताक्षर खुद से किए थे क्या।

 

पांच थानों की पुलिस और डेढ़ प्लाटून पीएसी रहा तैनात
छात्र के आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र शुक्रवार रात परिसर में एडमिन ब्लॉक के पास जुट गए। नाराज छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को छात्रों को समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 
 

वहीं सुबह होने पर समाजवादी छात्र सभा के नेतृत्व में छात्र विश्वविद्यालय पर धरने पर बैठ गए। छात्रा के पिता, मां, चाचा, चाची और अन्य लोग भी कार्रवाई की मांग को लेकर अन्य छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। देखते ही एनएसयूआई छात्र सभा से जुड़े लोग भी पहुंचे। 

 

वहीं कांग्रेस और सपा के जिलाध्यक्ष भी पहुंच गए। इस दौरान छात्रों और परिजनों ने जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि इस दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से आए प्रतिनिधि से पहले छात्रों और ज्योति के परिजन की बहस हुई। बहस के दौरान छात्र की मां ने विभाग के एचओडी को थप्पड़ मार दिया। 
 

एक्स पर छाया रहा छात्रा के आत्महत्या का मुद्दा
छात्रा के आत्महत्या करने का मुद्दा पूरे दिन सोशल मीडिया एक्स पर ट्रेंड करता रहा। लोगों ने एक्स पर कमेंट कर कार्रवाई की मांग की। अलग-अलग छात्र संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 

50 से अधिक छात्राएं घर चलीं गईं
विवि परिसर में तीन हॉस्टल है। जिनमें घटना में हुई विदेशी छात्राएं भी रहती हैं। 1200 छात्राओं की संख्या वाले हॉस्टल में ज्योति सिंगल बेडरूम वाले हॉस्टल में रहती थी। इसका किराया प्रतिवर्ष 2.35 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। जबकि डबल सीटर कमरे का किराया 2.60 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। 

भाई बोला प्रोफेसर ने दी फेल करने की धमकी
ज्योति के भाई अक्षय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विवि के प्रोफेसर ने पिता से बताया किया था कि बहन ने अपने असाइनमेंट और दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर किए हैं। जिसके कारण पिता सोमवार को यहां आए थे। उन्होंने प्रोफेसर और एचओडी से बात की थी। बाद में उसके बैचमेट्स से पता चला कि प्रोफेसरों ने उसे ताना मारा था यह कहते हुए कि वह जाली हस्ताक्षर करने में माहिर है।

उन्होंने बहन को फेल करने और उसे प्रैक्टिकल और परीक्षा देने से रोकने की भी धमकी दी थी। उस पर दबाव डाला गया था। अक्षय ने कहा कि पुलिस ने मेरे परिवार के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया। वहीं पुलिस ने लाठीचार्ज की बात से इंकार किया है। उधर पुलिस ने गिरफ्तार प्रोफेसरों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
 

सुसाइड नोट में लिखी ये बात
ज्योति ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ''अगर मैं मर जाऊं तो पीसीपी और डेंटल मैटीरियल के टीचर ही दोषी होंगे। महिंदर सर और शैरी मैम मेरी मौत की जिम्मेदार होंगी। मैं चाहती हूं कि वो दोनों सलाखों के पीछे जाएं। उन्होंने मुझे मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। उन्होंने मुझे अपमानित किया। मैं उनकी वजह से लंबे समय से तनाव में हूं। मैं चाहती हूं कि वो भी यही सब सहें। आई एम सॉरी... मैं इस तरह से और नहीं जी सकती.... मैं नहीं कर सकती।''
 
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