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Noida News: लावारिस कुत्तों की समस्या दूर करने के लिए एमसीडी सक्रिय
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-उप-समिति की बैठक में मेनका गांधी को बुलाया और उनकी राय ली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या के समाधान की दिशा में स्थायी समिति की गठित उप-समिति ने अपनी बैठक में जानवर प्रेमी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी आमंत्रित किया। उप-समिति के अध्यक्ष व स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेनका गांधी ने स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की मौजूदगी में एमसीडी की संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर्स को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और मानवीय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने तर्क दिया कि स्टरलाइजेशन केवल संख्या नियंत्रण नहीं, बल्कि एक मानवीय प्रक्रिया है, जिसे सुनियोजित और प्रशिक्षित ढंग से संचालित किया जाना चाहिए। मेनका गांधी ने सुझाव दिया कि एमसीडी को चिकित्सा सुविधाओं, प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक संसाधनों और निगरानी प्रणालियों को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि पशु प्रेमी संगठनों, अनुभवी एनजीओ और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी के साथ एक दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए, जिससे जनस्वास्थ्य और पशु कल्याण के बीच संतुलन कायम रहे। उनके सुझाव के बाद बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जोन में एंटी रैबीज जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और सेंटर्स में ऑपरेशन से पहले कुत्तों का ब्लड टेस्ट जैसे परीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे। इसके अलावा हर कुत्ते को माइक्रोचिप लगाने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी एक समग्र दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें पशु कल्याण और जनस्वास्थ्य दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या के समाधान की दिशा में स्थायी समिति की गठित उप-समिति ने अपनी बैठक में जानवर प्रेमी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी आमंत्रित किया। उप-समिति के अध्यक्ष व स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेनका गांधी ने स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की मौजूदगी में एमसीडी की संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर्स को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और मानवीय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने तर्क दिया कि स्टरलाइजेशन केवल संख्या नियंत्रण नहीं, बल्कि एक मानवीय प्रक्रिया है, जिसे सुनियोजित और प्रशिक्षित ढंग से संचालित किया जाना चाहिए। मेनका गांधी ने सुझाव दिया कि एमसीडी को चिकित्सा सुविधाओं, प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक संसाधनों और निगरानी प्रणालियों को सशक्त बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि पशु प्रेमी संगठनों, अनुभवी एनजीओ और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी के साथ एक दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए, जिससे जनस्वास्थ्य और पशु कल्याण के बीच संतुलन कायम रहे। उनके सुझाव के बाद बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जोन में एंटी रैबीज जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और सेंटर्स में ऑपरेशन से पहले कुत्तों का ब्लड टेस्ट जैसे परीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे। इसके अलावा हर कुत्ते को माइक्रोचिप लगाने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी एक समग्र दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें पशु कल्याण और जनस्वास्थ्य दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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