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महायोजना-2041: औद्योगिक केंद्र व आगरा का सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित होगा हाथरस अर्बन सेंटर
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क्रासर -- यमुना सिटी के फेज-2 में हाथरस अर्बन सेंटर की बनेगी महायोजना-2041
- कंसल्टेंट की तलाश प्राधिकरण ने की शुरू, आठ महीने में तैयार होगी 66 गांवों की महायोजना
अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के फेज-2 में हाथरस के सासनी तहसील में 66 गांवों को शामिल कर अर्बन सेंटर विकसित होगा। हाथरस अर्बन सेंटर के रूप में यह नए औद्योगिक केंद्र व आगरा के सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। करीब 4000 हेक्टेयर में इसे विकसित करने की योजना यमुना प्राधिकरण (यीडा) की है। हाथरस अर्बन सेंटर के विकास के लिए अगले दो दशक की जरूरत को ध्यान में रखते हुए महायोजना 2041 यीडा अब तैयार कराएगा। इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश शुरू हो गई है। महायोजना बनने के बाद यहां जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य यीडा शुरू कराएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, महायोजना-2041 तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया अक्तूबर में पूरी हो जाएगी। इसके बाद अगले आठ महीने में इसका ड्राफ्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया जाएगा। पांच चरण में यह महायोजना तैयार की जाएगी। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद यमुना प्राधिकरण उद्यमियों, समाजसेवी संस्थाओं और आमजन से सुझाव भी लेगा। छह अक्टूबर तक कंपनियों से उनके प्रस्ताव मांगे गए हैं। अनुभवी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट को इस महायोजना 2041 को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यीडा की प्राथमिक योजना है कि यहां बड़ी उत्पादन इकाइयां लगाई जाएं। इसके अलावा कृषि उत्पादन से जुड़े उद्योग, लॉजिस्टिक हब, ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएं। हाथरस के मौजूदा हींग उद्योग, गुलाल उद्योग को भी बढ़ावा देने पर यह अर्बन सेंटर काम करेगा। आवासीय और औद्योगिक दोनों ही आवश्यकताओं को यहां पूरा किया जाना है। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच मौजूद इन जमीनों पर वृहद औद्योगिक शहर विकसित होने की संभावनाएं भी हैं। एक तरह से यह आगरा के सैटेलाइट सिटी के रूप में भी यह सासनी-हाथरस अर्बन सेंटर विकसित होगा। करीब 4000 हेक्टेयर में यह अर्बन सेंटर विकसित किया जाना है। कंसल्टेंट के पहले चरण की ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इस योजना के आकार पर अंतिम निर्णय यीडा लेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह महायोजना 2041 तक के लिए जीआईएस आधारित तैयार होगी। इससे मौके पर बनी हुई स्थिति की निगरानी भी भविष्य में यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के लिए आसान हो सकेगी। जीआईएस के लिए जरूरी डाटा नेशनल अर्बन इंफॉर्मेशन सिस्टम उपलब्ध कराएगा।
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इनसेट-
नोएडा एयरपोर्ट भी तय करेगा भविष्य
इसी साल के अंत में नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में आने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए यहां संभावित उद्योगों की संभावना का खाका भी तैयार किया जाना है। इसी को देखते हुए कंसल्टेंट महायोजना में इस अर्बन सेंटर के जनसंख्या घनत्व, भू-उपयोग और जरूरी विकास कार्य भी महायोजना में प्रस्तावित करेगा। यह सासनी-हाथरस अर्बन सेंटर के लिए विजन डॉक्यूमेंट के रूप में भी काम करेगी। विदेशी निवेश की संभावनाओं का आकलन भी यीडा और कंसल्टेंट यहां करेंगे। इसके अलावा उद्याेगों के लिए कच्चे माल और जरूरी मौजूदा हाइवे और स्टेट-हाइवे के अलावा डिस्ट्रिक्ट रोड को शामिल करते हुए नई सड़कों का प्रस्ताव महायोजना में शामिल करना है। भविष्य की जरूरतों का यह रोडमैप होगा।
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सासनी के 66 गांव अर्बन सेंटर में शामिल
अजीतपुर, अजरोई, अखईपुर, अलीपुर, अलीपुर दरयापुर, अमरपुर घना, अंडुआ, बसगोई, भोजगढ़ी, भोपटपुर दरियापुर, बिलखौरा कलां, बिलखौरा खुर्द, छौरा गडौना, दरकौला, दरकौली, डेडामई, देवीनगर, दिनावली, गारव गढ़ी, गढ़ी नंदराम, गोपालपुर उर्फ भूतपुरा, हर्दपुर, जागीपुर, जरैया गडा खेड़ा, जसराना, जिरौली, खानपुर, खेड़ा फिरोजपुर, खोरना, लरौटा, लौहारा, लुटसान, महमूद बरसई, मौहरिया, मीरगमई, नगला बिजैया, नगला अजमेरी, नगला बंबूजाट, नगला भीका, नगला फतेला, नगला गरहू, नगला मलिया, नगला सामंत, नगला सेवा, नहलोई, नौपोरा, पट्टी फतेली, रघनिया, राहना, रामनगर, रामपुर, रुदायन, रूहेरी, सहजपुरा, समानई रूहल, संदलपुर, सासनी देहात, सठिया, शाहपुर खुर्द, श्रीनगर, सीघर, सुमरत गढ़ी।
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- कंसल्टेंट की तलाश प्राधिकरण ने की शुरू, आठ महीने में तैयार होगी 66 गांवों की महायोजना
अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के फेज-2 में हाथरस के सासनी तहसील में 66 गांवों को शामिल कर अर्बन सेंटर विकसित होगा। हाथरस अर्बन सेंटर के रूप में यह नए औद्योगिक केंद्र व आगरा के सैटेलाइट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। करीब 4000 हेक्टेयर में इसे विकसित करने की योजना यमुना प्राधिकरण (यीडा) की है। हाथरस अर्बन सेंटर के विकास के लिए अगले दो दशक की जरूरत को ध्यान में रखते हुए महायोजना 2041 यीडा अब तैयार कराएगा। इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश शुरू हो गई है। महायोजना बनने के बाद यहां जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य यीडा शुरू कराएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, महायोजना-2041 तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया अक्तूबर में पूरी हो जाएगी। इसके बाद अगले आठ महीने में इसका ड्राफ्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया जाएगा। पांच चरण में यह महायोजना तैयार की जाएगी। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद यमुना प्राधिकरण उद्यमियों, समाजसेवी संस्थाओं और आमजन से सुझाव भी लेगा। छह अक्टूबर तक कंपनियों से उनके प्रस्ताव मांगे गए हैं। अनुभवी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट को इस महायोजना 2041 को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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यीडा की प्राथमिक योजना है कि यहां बड़ी उत्पादन इकाइयां लगाई जाएं। इसके अलावा कृषि उत्पादन से जुड़े उद्योग, लॉजिस्टिक हब, ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएं। हाथरस के मौजूदा हींग उद्योग, गुलाल उद्योग को भी बढ़ावा देने पर यह अर्बन सेंटर काम करेगा। आवासीय और औद्योगिक दोनों ही आवश्यकताओं को यहां पूरा किया जाना है। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच मौजूद इन जमीनों पर वृहद औद्योगिक शहर विकसित होने की संभावनाएं भी हैं। एक तरह से यह आगरा के सैटेलाइट सिटी के रूप में भी यह सासनी-हाथरस अर्बन सेंटर विकसित होगा। करीब 4000 हेक्टेयर में यह अर्बन सेंटर विकसित किया जाना है। कंसल्टेंट के पहले चरण की ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इस योजना के आकार पर अंतिम निर्णय यीडा लेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह महायोजना 2041 तक के लिए जीआईएस आधारित तैयार होगी। इससे मौके पर बनी हुई स्थिति की निगरानी भी भविष्य में यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के लिए आसान हो सकेगी। जीआईएस के लिए जरूरी डाटा नेशनल अर्बन इंफॉर्मेशन सिस्टम उपलब्ध कराएगा।
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नोएडा एयरपोर्ट भी तय करेगा भविष्य
इसी साल के अंत में नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में आने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए यहां संभावित उद्योगों की संभावना का खाका भी तैयार किया जाना है। इसी को देखते हुए कंसल्टेंट महायोजना में इस अर्बन सेंटर के जनसंख्या घनत्व, भू-उपयोग और जरूरी विकास कार्य भी महायोजना में प्रस्तावित करेगा। यह सासनी-हाथरस अर्बन सेंटर के लिए विजन डॉक्यूमेंट के रूप में भी काम करेगी। विदेशी निवेश की संभावनाओं का आकलन भी यीडा और कंसल्टेंट यहां करेंगे। इसके अलावा उद्याेगों के लिए कच्चे माल और जरूरी मौजूदा हाइवे और स्टेट-हाइवे के अलावा डिस्ट्रिक्ट रोड को शामिल करते हुए नई सड़कों का प्रस्ताव महायोजना में शामिल करना है। भविष्य की जरूरतों का यह रोडमैप होगा।
सासनी के 66 गांव अर्बन सेंटर में शामिल
अजीतपुर, अजरोई, अखईपुर, अलीपुर, अलीपुर दरयापुर, अमरपुर घना, अंडुआ, बसगोई, भोजगढ़ी, भोपटपुर दरियापुर, बिलखौरा कलां, बिलखौरा खुर्द, छौरा गडौना, दरकौला, दरकौली, डेडामई, देवीनगर, दिनावली, गारव गढ़ी, गढ़ी नंदराम, गोपालपुर उर्फ भूतपुरा, हर्दपुर, जागीपुर, जरैया गडा खेड़ा, जसराना, जिरौली, खानपुर, खेड़ा फिरोजपुर, खोरना, लरौटा, लौहारा, लुटसान, महमूद बरसई, मौहरिया, मीरगमई, नगला बिजैया, नगला अजमेरी, नगला बंबूजाट, नगला भीका, नगला फतेला, नगला गरहू, नगला मलिया, नगला सामंत, नगला सेवा, नहलोई, नौपोरा, पट्टी फतेली, रघनिया, राहना, रामनगर, रामपुर, रुदायन, रूहेरी, सहजपुरा, समानई रूहल, संदलपुर, सासनी देहात, सठिया, शाहपुर खुर्द, श्रीनगर, सीघर, सुमरत गढ़ी।