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Noida News: पुलिस व गैंगवार के डर से कनाडा भागने की फिराक में था मनोज आसे
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पुलिस और गैंगवार के डर से कनाडा भागने की फिराक में था मनोज आसे
- गैंगस्टर सिंहराज के भतीजे रवि ने मनोज मांगरिया को दी थी हत्या की सुपारी
- चार साल तक तीन राज्यों में काटी फरारी, पत्नी व पांच बच्चों से मिलने आया था
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। शासन की लिस्ट में शामिल गैंगस्टर मनोज आसे से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। लिस्ट में शामिल होने के बाद उसे न केवल पुलिस बल्कि गैंगवार में हत्या का डर सताने लगा। गैंगस्टर सिंहराज भाटी के इशारे पर उसके भतीजे रवि रानीपुर ने हरियाणा के गैंगस्टर मनोज मांगरिया को आरोपी की सुपारी दे दी थी। इसके चलते मनोज आसे कनाडा भागने की फिराक में था। एसटीएफ को चकमा देकर फरार होने के बाद मनोज आसे ने राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली में फरारी काटी। आरोपी अक्सर मौका मिलने पर ग्रेनो में रहने वाली पत्नी व पांच बच्चों से मिलने आता था। शुक्रवार को भी गैंगस्टर परिवार से मिलने और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए ग्रेनो में आया था और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कासना थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम इमलियाका गांव के आजाद सिंह, दनकौर के समसपुर गांव निवासी संजय को लाल रंग की कार के साथ गिरफ्तार किया। इस दौरान काली फिल्म चढ़ी थार सवार आरोपी मनोज आसे व उसका साथी जीत सिंह भाग निकला। एसीपी अरविंद कुमार ने बताया कि बीटा-2 और कासना पुलिस के अलावा स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र कुमार और ऐच्छर चौकी प्रभारी अनुज कुमार की टीम ने शुक्रवार रात मनोज आसे को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। जवाबी कार्रवाई में उसे पुलिस की गोली लगी। मनोज आसे का नाम हाल ही में शासन द्वारा जारी की गई माफिया गैंगस्टर की लिस्ट में है। मनोज आसे मार्च 2019 में एसटीएफ को चकमा देकर भाग गया था। पुलिस का दावा है कि मनोज आसे पर एक लाख का इनाम था। एक लाख का इनाम कब घोषित हुआ, पुलिस ने इसकी ठोस जानकारी नहीं दी है। मनोज आसे इसके बाद ही तीन अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था। पिछले कुछ दिन से आरोपी व उसके साथी जिले में स्क्रैप, ट्रांसपोर्ट आदि के ठेके कब्जाने के अवैध धंधे में भी दखल देने लगा था। इसके चलते एक बार फिर वह दूसरे गिरोह के निशाने पर आ गया था। वहीं, शासन के की लिस्ट में नाम आने के बाद आरोपी को पुलिस सरगर्मी से तलाशने लगी थी।
गैंगवार में बचने के लिए बुलेटप्रूफ कराई थी स्कोर्पियो
मनोज आसे ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई साल पहले सिंहराज गिरोह के बदमाश की हत्या कर दी थी। इसके बाद ही सिंहराज गिरोह मनोज को सबक सिखाने की फिराक में था। सिंहराज गिरोह से बचने के लिए ही मनोज आसे व उसके साथियों ने गुरुग्राम की एक कंपनी से स्कोर्पियो को बुलेटप्रूफ कराया था।
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लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह से कनेक्शन की जांच
मनोज के कनाडा जाने के प्रयास की बात सामने आने पर गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पास पुराना पासपोर्ट है। लेकिन उसे डर था कि कहीं उसका लुकआउट नोटिस जारी न हो गया हो। इसके चलते वह फर्जी पासपोर्ट से फरार होने के प्रयास में था। वहीं, कनाडा का नाम आने के कारण पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं आरोपी लॉरेंस विश्नोई या गोल्डी बरार के गिरोह के संपर्क में तो नहीं आ गया। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
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- गैंगस्टर सिंहराज के भतीजे रवि ने मनोज मांगरिया को दी थी हत्या की सुपारी
- चार साल तक तीन राज्यों में काटी फरारी, पत्नी व पांच बच्चों से मिलने आया था
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। शासन की लिस्ट में शामिल गैंगस्टर मनोज आसे से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। लिस्ट में शामिल होने के बाद उसे न केवल पुलिस बल्कि गैंगवार में हत्या का डर सताने लगा। गैंगस्टर सिंहराज भाटी के इशारे पर उसके भतीजे रवि रानीपुर ने हरियाणा के गैंगस्टर मनोज मांगरिया को आरोपी की सुपारी दे दी थी। इसके चलते मनोज आसे कनाडा भागने की फिराक में था। एसटीएफ को चकमा देकर फरार होने के बाद मनोज आसे ने राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली में फरारी काटी। आरोपी अक्सर मौका मिलने पर ग्रेनो में रहने वाली पत्नी व पांच बच्चों से मिलने आता था। शुक्रवार को भी गैंगस्टर परिवार से मिलने और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए ग्रेनो में आया था और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कासना थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम इमलियाका गांव के आजाद सिंह, दनकौर के समसपुर गांव निवासी संजय को लाल रंग की कार के साथ गिरफ्तार किया। इस दौरान काली फिल्म चढ़ी थार सवार आरोपी मनोज आसे व उसका साथी जीत सिंह भाग निकला। एसीपी अरविंद कुमार ने बताया कि बीटा-2 और कासना पुलिस के अलावा स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र कुमार और ऐच्छर चौकी प्रभारी अनुज कुमार की टीम ने शुक्रवार रात मनोज आसे को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। जवाबी कार्रवाई में उसे पुलिस की गोली लगी। मनोज आसे का नाम हाल ही में शासन द्वारा जारी की गई माफिया गैंगस्टर की लिस्ट में है। मनोज आसे मार्च 2019 में एसटीएफ को चकमा देकर भाग गया था। पुलिस का दावा है कि मनोज आसे पर एक लाख का इनाम था। एक लाख का इनाम कब घोषित हुआ, पुलिस ने इसकी ठोस जानकारी नहीं दी है। मनोज आसे इसके बाद ही तीन अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था। पिछले कुछ दिन से आरोपी व उसके साथी जिले में स्क्रैप, ट्रांसपोर्ट आदि के ठेके कब्जाने के अवैध धंधे में भी दखल देने लगा था। इसके चलते एक बार फिर वह दूसरे गिरोह के निशाने पर आ गया था। वहीं, शासन के की लिस्ट में नाम आने के बाद आरोपी को पुलिस सरगर्मी से तलाशने लगी थी।
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गैंगवार में बचने के लिए बुलेटप्रूफ कराई थी स्कोर्पियो
मनोज आसे ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई साल पहले सिंहराज गिरोह के बदमाश की हत्या कर दी थी। इसके बाद ही सिंहराज गिरोह मनोज को सबक सिखाने की फिराक में था। सिंहराज गिरोह से बचने के लिए ही मनोज आसे व उसके साथियों ने गुरुग्राम की एक कंपनी से स्कोर्पियो को बुलेटप्रूफ कराया था।
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लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह से कनेक्शन की जांच
मनोज के कनाडा जाने के प्रयास की बात सामने आने पर गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पास पुराना पासपोर्ट है। लेकिन उसे डर था कि कहीं उसका लुकआउट नोटिस जारी न हो गया हो। इसके चलते वह फर्जी पासपोर्ट से फरार होने के प्रयास में था। वहीं, कनाडा का नाम आने के कारण पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं आरोपी लॉरेंस विश्नोई या गोल्डी बरार के गिरोह के संपर्क में तो नहीं आ गया। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।