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महिला समृद्धि योजना जुमला बनकर रह गई : कांग्रेस
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा - योजना का लाभ सिर्फ 5-10 प्रतिशत महिलाओं को ही मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का बेसब्री से था। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उनके लिए 2500 रुपये मासिक देने की घोषणा करेंगी, लेकिन ऐसा कोई बयान नहीं दिया। भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए महिलाओं के फार्म भर रहे हैं जिसमें सामने आया है कि 2.5 लाख से अधिक आय वाली, पहले से पेंशन लेने वाली व सरकारी योजना का फायदा लेने वाली महिलाओं को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी।
पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट भी मांग रहे हैं। मतलब साफ है कि निजी संस्थाओं व अन्य स्रोतों से महिलाओं की आय हो रही है तो 2500 रुपये लेने की पात्र नही होंगी। सत्ता में आते ही भाजपा ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। योजना का लाभ दिल्ली की सिर्फ 5-10 प्रतिशत महिलाओं को ही मिलेगा, जबकि प्रधानमंत्री ने दिल्ली की सभी महिलाओं को 2500 रुपये देने का वायदा सार्वजनिक रूप से किया था। यह भी एक जुमला साबित हो रहा है। महिलाओं की रसोई के बजट में राहत देने के लिए 500 रुपये का गैस सिलिंडर देने का वादा और होली-दिवाली पर मुफ्त सिलिंडर देने की बात मुख्यमंत्री कर ही नहीं रही हैं। पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना लागू हो सकती है तो महिलाओं के लिए 2500 रुपये की योजना पर मुहर क्यों नहीं लगी?
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का बेसब्री से था। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उनके लिए 2500 रुपये मासिक देने की घोषणा करेंगी, लेकिन ऐसा कोई बयान नहीं दिया। भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए महिलाओं के फार्म भर रहे हैं जिसमें सामने आया है कि 2.5 लाख से अधिक आय वाली, पहले से पेंशन लेने वाली व सरकारी योजना का फायदा लेने वाली महिलाओं को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी।
पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट भी मांग रहे हैं। मतलब साफ है कि निजी संस्थाओं व अन्य स्रोतों से महिलाओं की आय हो रही है तो 2500 रुपये लेने की पात्र नही होंगी। सत्ता में आते ही भाजपा ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। योजना का लाभ दिल्ली की सिर्फ 5-10 प्रतिशत महिलाओं को ही मिलेगा, जबकि प्रधानमंत्री ने दिल्ली की सभी महिलाओं को 2500 रुपये देने का वायदा सार्वजनिक रूप से किया था। यह भी एक जुमला साबित हो रहा है। महिलाओं की रसोई के बजट में राहत देने के लिए 500 रुपये का गैस सिलिंडर देने का वादा और होली-दिवाली पर मुफ्त सिलिंडर देने की बात मुख्यमंत्री कर ही नहीं रही हैं। पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना लागू हो सकती है तो महिलाओं के लिए 2500 रुपये की योजना पर मुहर क्यों नहीं लगी?
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