तावडू। उपमंडल के कांगरका ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हुए कार्यों में अनियमितता का आरोप है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त से शिकायत की थी, जिस पर लोकपाल की टीम जांच करने कांगरका गांव पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों से पूछताछ कर विकास कार्यों को देखा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर जवाब-तलब किया।
कांगरका के ग्रामीण अकरम, हीरा खान, मुस्तफा, हाजी जगमाल और फजल ने 2 मई को जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तावडू, ग्राम सचिव कांगरका तथा ठेकेदार पर मनरेगा के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में जेसीबी और ट्रैक्टरों द्वारा कार्य कराने का आरोप लगाया। शिकायत में बताया कि 30 अप्रैल को इन लोगों ने मनरेगा योजना के तहत कार्य को दैनिक मजदूरों की बजाय जेसीबी से कराया। साथ ही नियमों की अवहेलना करते हुए सरकारी धनराशि में गबन भी किया है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त के आदेशानुसार बुधवार को लोकपाल सहित दो सदस्यीय टीम कांगरका गांव पहुंची और किए गए कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जवाब-तलब किया। पंचायत अधिकारी नंदलाल और ग्राम सचिव का कहना है कि उनके द्वारा कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। वहीं, सरपंच ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।