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Noida News: साहित्य, कला और संस्कृति हैं एक-दूसरे के पूरक
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लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित गोमती पुस्तक मेले में ''पुस्तक चर्चा'' कार्यक्रम में लेखक,
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित गोमती पुस्तक मेले में ''पुस्तक चर्चा'' कार्यक्रम में लेखक, निर्देशक और अभिनेता चंद्रभूषण सिंह की किताब- ''साहित्य की बोली स्वतंत्रता का अमृत'' पर चर्चा हुई।
चर्चा में ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि साहित्य, कला और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में नाटक, कविता, चित्रकला और गीत ने मिलकर समाज में राष्ट्रभक्ति का वातावरण तैयार किया।
वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम केवल रणभूमि तक सीमित नहीं था, बल्कि यह कलम, कविता और नाटकों का भी संग्राम था। उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कहा कि हमें अपने परिवारों में बच्चों के बीच हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।
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लेखक चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि पुस्तक लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के साहित्यिक आयामों के अध्ययन से मिली। मैंने इस कृति में यह दिखाने का प्रयास किया है कि साहित्य और नाटक किस प्रकार आम आदमी के भीतर स्वतंत्रता की प्यास जगाते थे। यह पुस्तक हमारे बच्चों को मातृभाषा से जोड़ने और आजादी के मूल्यों को समझाने का सेतु बनेगी। साहित्यकार एवं मॉडरेटर डॉ. मनीष शुक्ल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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चर्चा में ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि साहित्य, कला और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में नाटक, कविता, चित्रकला और गीत ने मिलकर समाज में राष्ट्रभक्ति का वातावरण तैयार किया।
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वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम केवल रणभूमि तक सीमित नहीं था, बल्कि यह कलम, कविता और नाटकों का भी संग्राम था। उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कहा कि हमें अपने परिवारों में बच्चों के बीच हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।
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लेखक चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि पुस्तक लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के साहित्यिक आयामों के अध्ययन से मिली। मैंने इस कृति में यह दिखाने का प्रयास किया है कि साहित्य और नाटक किस प्रकार आम आदमी के भीतर स्वतंत्रता की प्यास जगाते थे। यह पुस्तक हमारे बच्चों को मातृभाषा से जोड़ने और आजादी के मूल्यों को समझाने का सेतु बनेगी। साहित्यकार एवं मॉडरेटर डॉ. मनीष शुक्ल ने कार्यक्रम का संचालन किया।

लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित गोमती पुस्तक मेले में ''पुस्तक चर्चा'' कार्यक्रम में लेखक,