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Noida News: स्टाफ सीमित, मरीज अपार, नहीं मिल रहा समय से उपचार
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फोटो
- गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में चुनिंदा स्टाफ ने संभाल रखी है व्यवस्था
-गंभीर अवस्था में मरीजों को कर दिया जाता है हायर सेंटर रेफर
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरने के बजाए बिगड़ती ही जा रही है। क्षेत्रों में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें में पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। रबूपुरा और जेवर में सीमित स्टाफ के भरोसे ही स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिस वजह से मरीजों को उपचार मिलने में विलंब होता है।
गांवों में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर बेहद सीमित स्टाफ कार्यरत है। जिससे ग्रामीणों को बुनियादी इलाज तक के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से अतिरिक्त चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और वार्ड बॉय की तैनाती की मांग की जा रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन क्षेत्र की बड़ी आबादी को इलाज के लिए मजबूरी में जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। यमुना सिटी के जेवर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तो जब भी स्टाफ है लेकिन रबूपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं बेहद प्रभावित हैं। वहीं प्रशिक्षित स्टाफ की कमी भी परेशानी बढ़ा रही है।
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मरीजों को किया जा रहा हायर सेंटर रेफर
जेवर और रबूपुरा में रोजाना ओपीडी के दौरान लगभग दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें से काफी मरीजों को हायर सेंटर भी रेफर कर दिया जाता है। कारण है स्वास्थ्य केंद्रों में उचित व्यवस्थाएं न होना। चिकित्सक और स्टाफ की कमी होने के अलावा गंभीर मरीजों को उपचार देने की व्यवस्था भी स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं हैं। उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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वर्जन
जो मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। साथ ही जिन चिकित्सक की आवश्यकता है उनकी जल्द तैनाती की जाएगी। जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
डॉ. शर्फे जेयां, चिकित्साधीक्षक जेवर सीएचसी।
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- गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में चुनिंदा स्टाफ ने संभाल रखी है व्यवस्था
-गंभीर अवस्था में मरीजों को कर दिया जाता है हायर सेंटर रेफर
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरने के बजाए बिगड़ती ही जा रही है। क्षेत्रों में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें में पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। रबूपुरा और जेवर में सीमित स्टाफ के भरोसे ही स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिस वजह से मरीजों को उपचार मिलने में विलंब होता है।
गांवों में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर बेहद सीमित स्टाफ कार्यरत है। जिससे ग्रामीणों को बुनियादी इलाज तक के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से अतिरिक्त चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और वार्ड बॉय की तैनाती की मांग की जा रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन क्षेत्र की बड़ी आबादी को इलाज के लिए मजबूरी में जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। यमुना सिटी के जेवर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तो जब भी स्टाफ है लेकिन रबूपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं बेहद प्रभावित हैं। वहीं प्रशिक्षित स्टाफ की कमी भी परेशानी बढ़ा रही है।
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मरीजों को किया जा रहा हायर सेंटर रेफर
जेवर और रबूपुरा में रोजाना ओपीडी के दौरान लगभग दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें से काफी मरीजों को हायर सेंटर भी रेफर कर दिया जाता है। कारण है स्वास्थ्य केंद्रों में उचित व्यवस्थाएं न होना। चिकित्सक और स्टाफ की कमी होने के अलावा गंभीर मरीजों को उपचार देने की व्यवस्था भी स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं हैं। उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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वर्जन
जो मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। साथ ही जिन चिकित्सक की आवश्यकता है उनकी जल्द तैनाती की जाएगी। जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
डॉ. शर्फे जेयां, चिकित्साधीक्षक जेवर सीएचसी।