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Noida News: सीमित गौशालाओं के कारण शहर में लग रहा जाम
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दर्शन पाराशर
ग्रेटर नोएडा। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिश पशु लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में गाय और दूसरे पशु घूमते रहते हैं। इससे ट्रैफिक प्रभावित होता है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इलाके में करीब 5-7 गौशालाएं हैं, जिनमें से 2 ही सरकारी हैं। कम गौशालाएं होने की वजह से सभी गायों को जगह नहीं मिल पाती। व्यस्त सड़कों पर पशु बीच में बैठने या अचानक सामने आने से कई जगह जाम लग जाता है। रात के समय खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि कम रोशनी में पशु नजर नहीं आते हैं।
ऑटो ड्राइवर रमेश का कहना है कि कई बार पशु अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे ड्राइवरों को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर कूड़े के ढेर के पास पशुओं की भीड़ देखने को मिलती है। इससे गंदगी बढ़ती है और बीमारी फैलने का खतरा भी रहता है। लोगों का कहना है कि गौशालाओं की संख्या बढ़ने तक पशुओं का सही इंतजाम नहीं होगा और समस्या बनी रहेगी।
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ग्रेटर नोएडा। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिश पशु लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में गाय और दूसरे पशु घूमते रहते हैं। इससे ट्रैफिक प्रभावित होता है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इलाके में करीब 5-7 गौशालाएं हैं, जिनमें से 2 ही सरकारी हैं। कम गौशालाएं होने की वजह से सभी गायों को जगह नहीं मिल पाती। व्यस्त सड़कों पर पशु बीच में बैठने या अचानक सामने आने से कई जगह जाम लग जाता है। रात के समय खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि कम रोशनी में पशु नजर नहीं आते हैं।
ऑटो ड्राइवर रमेश का कहना है कि कई बार पशु अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे ड्राइवरों को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। कई जगहों पर कूड़े के ढेर के पास पशुओं की भीड़ देखने को मिलती है। इससे गंदगी बढ़ती है और बीमारी फैलने का खतरा भी रहता है। लोगों का कहना है कि गौशालाओं की संख्या बढ़ने तक पशुओं का सही इंतजाम नहीं होगा और समस्या बनी रहेगी।
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