{"_id":"68b1b96d3e70d1645207e5e5","slug":"life-imprisonment-to-the-accused-in-the-case-of-raping-a-minor-grnoida-news-c-23-1-lko1064-73312-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास
विज्ञापन
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास
दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-2 की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कासगंज निवासी शैलश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के खिलाफ भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-344 के तहत संज्ञान लिया है क्योंकि उसने झूठे बयान दिए हैं। मामला मार्च-2022 का है। जब सेक्टर-63 कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 मार्च 2022 की रात को शैलेश ने पीड़िता को उसकी बहन के साथ अपने कमरे में बुलाया और कोल्ड ड्रिंक दिया। इस ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया गया था। पीड़िता की बहन को नींद आने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन पीड़िता को और कोल्ड ड्रिंक दिया गया। नशीले पदार्थ के कारण पीड़िता बेहोश हो गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह जब पीड़िता होश में आई तो उसे पेट में दर्द होने की शिकायत हुई। घटना से पूर्व पीड़िता की मां 19 मार्च को अपने पति के इलाज के लिए आगरा गई थी और 25 मार्च को वापस आने पर उसे पुत्री की हालत के बारे में पता चला। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा-376, पॉक्सो एक्ट की धारा-3/4 और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (2) (5) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था।
मामले में चिकित्सा साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हुए। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों में पुरुष डीएनए की उपस्थिति पाई गई थी। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां और पिता ने अदालत में अपना रुख बदल लिया। पीड़िता की मां ने अदालत में कहा कि शैलेश ने उनकी पुत्री के साथ कुछ गलत नहीं किया था और पड़ोसियों के दबाव में उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-2 की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कासगंज निवासी शैलश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के खिलाफ भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-344 के तहत संज्ञान लिया है क्योंकि उसने झूठे बयान दिए हैं। मामला मार्च-2022 का है। जब सेक्टर-63 कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 मार्च 2022 की रात को शैलेश ने पीड़िता को उसकी बहन के साथ अपने कमरे में बुलाया और कोल्ड ड्रिंक दिया। इस ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया गया था। पीड़िता की बहन को नींद आने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन पीड़िता को और कोल्ड ड्रिंक दिया गया। नशीले पदार्थ के कारण पीड़िता बेहोश हो गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह जब पीड़िता होश में आई तो उसे पेट में दर्द होने की शिकायत हुई। घटना से पूर्व पीड़िता की मां 19 मार्च को अपने पति के इलाज के लिए आगरा गई थी और 25 मार्च को वापस आने पर उसे पुत्री की हालत के बारे में पता चला। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा-376, पॉक्सो एक्ट की धारा-3/4 और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (2) (5) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था।
विज्ञापन
मामले में चिकित्सा साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हुए। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों में पुरुष डीएनए की उपस्थिति पाई गई थी। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां और पिता ने अदालत में अपना रुख बदल लिया। पीड़िता की मां ने अदालत में कहा कि शैलेश ने उनकी पुत्री के साथ कुछ गलत नहीं किया था और पड़ोसियों के दबाव में उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया था।
विज्ञापन