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Noida News: भूमाफिया नेगी ने केशवपुरम में दुकान देने के नाम पर हड़पे सात लाख रुपये
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कानपुर। भूमाफिया गजेंद्र नेगी पर ऑपरेशन महाकाल में एक और रिपोर्ट बुधवार को दर्ज हुई। इस बार आवास विकास केशवपुरम में कॉमर्शियल बिल्डिंग में दुकान देने के नाम पर सात लाख रुपये हड़पने के आरोप लगे हैं। पीड़ित ने नेगी समेत आठ लोगों के खिलाफ रावतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शारदानगर निवासी आशीष दीवान के मुताबिक गजेंद्र सिंह नेगी ने वर्ष 2015 में कॉमर्शियल बिल्डिंग में दुकान का लेआउट दिखाकर एक दुकान के 22 लाख रुपये मांगे। उन्होंने हामी भर दी और दुकान संख्या एक की बात फाइनल हो गई। आठ सितंबर 2015 को सात लाख रुपये चेक के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से भुगतान किया। शेष 15 लाख रुपये रजिस्ट्री के दौरान देने की बात तय हुई थी। उनका दावा है कि उन्होंने रजिस्ट्री के लिए कई बार कहा लेकिन हर बार नेगी गोलमोल जवाब देकर टरकाता रहा। कई बार कहने के बाद भी उसने बैनामा नहीं किया।
मार्च 2025 में जब वह दुकान देखने गए तो नेगी उसका निर्माण करा रहा था। जब उससे बैनामा कराने की बात कही तो उसने साफ इन्कार कर दिया। तब उससे सात लाख रुपये वापस देने के लिए कहा। इस पर उसने और उसके साथ में वहां बैठे सात लोगों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। डीसीपी पश्चिम दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आराेपों की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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शारदानगर निवासी आशीष दीवान के मुताबिक गजेंद्र सिंह नेगी ने वर्ष 2015 में कॉमर्शियल बिल्डिंग में दुकान का लेआउट दिखाकर एक दुकान के 22 लाख रुपये मांगे। उन्होंने हामी भर दी और दुकान संख्या एक की बात फाइनल हो गई। आठ सितंबर 2015 को सात लाख रुपये चेक के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से भुगतान किया। शेष 15 लाख रुपये रजिस्ट्री के दौरान देने की बात तय हुई थी। उनका दावा है कि उन्होंने रजिस्ट्री के लिए कई बार कहा लेकिन हर बार नेगी गोलमोल जवाब देकर टरकाता रहा। कई बार कहने के बाद भी उसने बैनामा नहीं किया।
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मार्च 2025 में जब वह दुकान देखने गए तो नेगी उसका निर्माण करा रहा था। जब उससे बैनामा कराने की बात कही तो उसने साफ इन्कार कर दिया। तब उससे सात लाख रुपये वापस देने के लिए कहा। इस पर उसने और उसके साथ में वहां बैठे सात लोगों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। डीसीपी पश्चिम दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आराेपों की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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