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लंदन से भी महंगी दरों पर खरीदा था कियोस्क, अब पीछे हटे
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ग्रेटर नोएडा। निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट के पास कियोस्क के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले तीन आवेदकों ने प्राधिकरण में पैसे जमा नहीं कराए। इनमें से एक आवेदक ने 9.59 वर्गमीटर की कियोस्क के लिए 1.48 करोड़ की बोली लगाई थी। अब पैसा जमा नहीं करने वाले आवेदकों की धरोहर राशि प्राधिकरण जब्त करेगा। कियोस्क स्कीम में बोली लगाने वाले 26 में से 18 आवेदकों ने पैसे जमा कराए हैं। वहीं प्रॉपर्टी के जानकार आवेदकों के पैसा जमा नहीं करने के निर्णय को सही बता रहे हैं।
यमुना प्राधिकरण ने अप्रैल में 30 कियोस्क की योजना निकाली थी। इसकी ई-नीलामी 27 अप्रैल को हुई थी। इसमें 26 लोगों ने आवेदन किया था। 9.59 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 1.48 करोड़ रुपये की बोली लगाकर रविंद्र सिंह चर्चा में आ गए थे। वहीं सेक्टर-17 ए में 7.15 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 1.12 करोड़ की बोली लगी थी। वहीं इसी सेक्टर में 9.04 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 90 लाख से ज्यादा की बोली लगाई गई थी। आवेदकों को 5 जुलाई तक राशि जमा करानी थी। तीनों बड़े बोली दाताओं समेत 8 आवेदकों ने पैसा जमा नहीं कराया।
प्रॉपर्टी जानकारों के मुताबिक दिल्ली के कनॉट प्लेस और लंदन में कॉरपोरेट ऑफिस खरीदने के लिए भी इससे कम पैसे देने होते हैं। दिल्ली के कनॉट प्लेस में जमीन की कीमत 9841 रुपये प्रति वर्गफीट है जबकि लंदन में कॉरपोरेट प्लेस खरीदने के लिए 9953 रुपये प्रति वर्गफीट चुकाने पड़ते हैं। वहीं कियोस्क की सबसे महंगी बोली के मुताबिक जमीन की दर 1.51 लाख रुपये वर्गफीट लगाई गई थी।
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दस साल बाद भी इतनी नहीं बढ़ेंगी दरें
प्रॉपर्टी करोबार से जुड़े अमरजीत सिंह कसाना के मुताबिक कोई भी जानकार कियोस्क की बोली नहीं लगा सकता। साफ है कि बोली लगाने वाला केवल प्रसिद्धि हासिल करना चाहता था। उन्होंने कहा कि अभी नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में समय लगेगा। करीब 10 साल बाद भी यहां जमीन की दरें इतनी ज्यादा नहीं बढ़ेंगी।
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यमुना प्राधिकरण ने अप्रैल में 30 कियोस्क की योजना निकाली थी। इसकी ई-नीलामी 27 अप्रैल को हुई थी। इसमें 26 लोगों ने आवेदन किया था। 9.59 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 1.48 करोड़ रुपये की बोली लगाकर रविंद्र सिंह चर्चा में आ गए थे। वहीं सेक्टर-17 ए में 7.15 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 1.12 करोड़ की बोली लगी थी। वहीं इसी सेक्टर में 9.04 वर्गमीटर के कियोस्क के लिए 90 लाख से ज्यादा की बोली लगाई गई थी। आवेदकों को 5 जुलाई तक राशि जमा करानी थी। तीनों बड़े बोली दाताओं समेत 8 आवेदकों ने पैसा जमा नहीं कराया।
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प्रॉपर्टी जानकारों के मुताबिक दिल्ली के कनॉट प्लेस और लंदन में कॉरपोरेट ऑफिस खरीदने के लिए भी इससे कम पैसे देने होते हैं। दिल्ली के कनॉट प्लेस में जमीन की कीमत 9841 रुपये प्रति वर्गफीट है जबकि लंदन में कॉरपोरेट प्लेस खरीदने के लिए 9953 रुपये प्रति वर्गफीट चुकाने पड़ते हैं। वहीं कियोस्क की सबसे महंगी बोली के मुताबिक जमीन की दर 1.51 लाख रुपये वर्गफीट लगाई गई थी।
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दस साल बाद भी इतनी नहीं बढ़ेंगी दरें
प्रॉपर्टी करोबार से जुड़े अमरजीत सिंह कसाना के मुताबिक कोई भी जानकार कियोस्क की बोली नहीं लगा सकता। साफ है कि बोली लगाने वाला केवल प्रसिद्धि हासिल करना चाहता था। उन्होंने कहा कि अभी नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में समय लगेगा। करीब 10 साल बाद भी यहां जमीन की दरें इतनी ज्यादा नहीं बढ़ेंगी।