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कायाकल्प योजना : जिला अस्पताल को मिला सांत्वना पुरस्कार
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कायाकल्प योजना : जिला अस्पताल को मिला सांत्वना पुरस्कार
लखनऊ से आई राज्यस्तरीय टीम ने शनिवार को किया परिसर का निरीक्षण
मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हुए बदलाव से नंबर-एक बनने की उम्मीद बनी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वर्ष 2022 में कायाकल्प योजना में जिला अस्पताल को सांत्वना पुरस्कार ही मिल सका। मरीजों की सुविधाओं को बेहतर करते हुए जिला अस्पताल को 2023 में नंबर-एक बनने की उम्मीद बनी हुई है। इसके लिए मैटरनिटी विंग को बेहतर बनाने से लेकर टीबी मरीजों को ओपीडी परिसर से अलग करने जैसे काम भी हुए। शनिवार को निरीक्षण करने पहुंची टीम अस्पताल में आए बदलाव से संतुष्ट दिखी।
शनिवार को लखनऊ से आई राज्यस्तरीय टीम ने अस्पताल परिसर का देर शाम तक निरीक्षण किया। इसमें करीब 600 बिंदुओं पर तैयार चेकलिस्ट से टीम ने परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी में मरीजों के इलाज की प्रक्रिया से लेकर सफाई, लावारिस जानवरों की मौजूदगी, लैंडस्केपिंग, मरीजों की भर्ती के लिए वार्ड, जांच सुविधाएं, इमरजेंसी में ट्रीटमेंट के लिए उपलब्ध सुविधाएं और चिकित्सकीय स्टाफ की प्रतिक्रिया, एंबुलेंस सुविधा, फार्मेसी में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय स्टाफ का मरीजों के लिए व्यवहार जैसे बिंदुओं को परखा गया। निरीक्षण टीम में डॉ. विभोर, डॉ. शोएब, डॉ. अपूर्वा शामिल रहे। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल व अन्य डॉक्टरों से भी टीम ने जानकारी ली।
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बदला हुआ दिखा जिला अस्पताल
कायाकल्प की टीम के निरीक्षण के समय अस्पताल बदला हुआ नजर आया। वाहनों की पार्किंग से लेकर मरीजों के इलाज तक में सबकुछ व्यवस्थित दिखा। टीबी के मरीजों की जांच और परामर्श अब ओपीडी परिसर के बाहर जन औषधि केेंद्र की जगह होने लगी है। मैटरनिटी विंग में अतिरिक्त जगह बनाई गई है। बच्चों को वैक्सीनेशन अब तीसरे तल की जगह ओपीडी में ही भूतल पर कराया जा रहा है। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर लैंडस्केपिंग खूबसूरत बनाई गई है। अस्पताल परिसर में सफाई भी सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर दिखी। सुरक्षा गार्ड भी ड्यूटी पर चौकस नजर आए।
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लखनऊ से आई राज्यस्तरीय टीम ने शनिवार को किया परिसर का निरीक्षण
मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हुए बदलाव से नंबर-एक बनने की उम्मीद बनी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। वर्ष 2022 में कायाकल्प योजना में जिला अस्पताल को सांत्वना पुरस्कार ही मिल सका। मरीजों की सुविधाओं को बेहतर करते हुए जिला अस्पताल को 2023 में नंबर-एक बनने की उम्मीद बनी हुई है। इसके लिए मैटरनिटी विंग को बेहतर बनाने से लेकर टीबी मरीजों को ओपीडी परिसर से अलग करने जैसे काम भी हुए। शनिवार को निरीक्षण करने पहुंची टीम अस्पताल में आए बदलाव से संतुष्ट दिखी।
शनिवार को लखनऊ से आई राज्यस्तरीय टीम ने अस्पताल परिसर का देर शाम तक निरीक्षण किया। इसमें करीब 600 बिंदुओं पर तैयार चेकलिस्ट से टीम ने परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी में मरीजों के इलाज की प्रक्रिया से लेकर सफाई, लावारिस जानवरों की मौजूदगी, लैंडस्केपिंग, मरीजों की भर्ती के लिए वार्ड, जांच सुविधाएं, इमरजेंसी में ट्रीटमेंट के लिए उपलब्ध सुविधाएं और चिकित्सकीय स्टाफ की प्रतिक्रिया, एंबुलेंस सुविधा, फार्मेसी में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय स्टाफ का मरीजों के लिए व्यवहार जैसे बिंदुओं को परखा गया। निरीक्षण टीम में डॉ. विभोर, डॉ. शोएब, डॉ. अपूर्वा शामिल रहे। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल व अन्य डॉक्टरों से भी टीम ने जानकारी ली।
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बदला हुआ दिखा जिला अस्पताल
कायाकल्प की टीम के निरीक्षण के समय अस्पताल बदला हुआ नजर आया। वाहनों की पार्किंग से लेकर मरीजों के इलाज तक में सबकुछ व्यवस्थित दिखा। टीबी के मरीजों की जांच और परामर्श अब ओपीडी परिसर के बाहर जन औषधि केेंद्र की जगह होने लगी है। मैटरनिटी विंग में अतिरिक्त जगह बनाई गई है। बच्चों को वैक्सीनेशन अब तीसरे तल की जगह ओपीडी में ही भूतल पर कराया जा रहा है। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर लैंडस्केपिंग खूबसूरत बनाई गई है। अस्पताल परिसर में सफाई भी सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर दिखी। सुरक्षा गार्ड भी ड्यूटी पर चौकस नजर आए।
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