{"_id":"65ea19d57a04018a560c9258","slug":"jewelery-had-not-gone-missing-from-the-locker-the-locker-had-been-changed-noida-news-c-1-gnd1002-1484934-2024-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: लॉकर से गायब नहीं हुई थी ज्वेलरी, बदला था लॉकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: लॉकर से गायब नहीं हुई थी ज्वेलरी, बदला था लॉकर
विज्ञापन
लॉकर से गायब नहीं हुई थी ज्वेलरी, बदल गया था लॉकर
- पुराने लॉकर में लगाई थी चाबी, नए लॉकर में मिली ज्वेलरी
माय सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेक्टर-18 ब्रांच के लॉकर से महिला की ज्वेलरी गायब नहीं हुई थी। बल्कि महिला ने लाकर बदला था। करीब एक साल बाद महिला ने पुराने लॉकर में चाबी लगाई। इस कारण लाकर नहीं खुला था। मामले में जांच में सच्चाई सामने आ गई। बृहस्पतिवार को महिला के नए लॉकर में रखी ज्वेलरी मिल गई।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-100 निवासी पारुल ने एसबीआई के सेक्टर-18 ब्रांच के लॉकर से करीब 80 लाख रुपये की ज्वेलरी गायब होने की बात कही थी। मामले की जांच में पता चला कि एक साल पहले महिला जब ज्वेलरी रखने के लिए आई थी तब उनका लॉकर नहीं खुला था। तब बैंक कर्मियों ने ऊपर की जगह नीचे का लॉकर दे दिया था। लेकिन नए लॉकर का नंबर अपडेट नहीं हुआ था। जांच में पता चला कि महिला का पहले लॉकर नंबर 243 था। करीब एक साल पहले लॉकर नहीं खुलने पर बैंक स्टाफ ने 249 नंबर में सामान रखवा दिया था।
जब महिला अपने लॉकर को देखने आई तो पुराने लॉकर में जूलरी नहीं मिली। महिला को नए लॉकर का नंबर याद नहीं था। महिला की शिकायत पर पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
- पुराने लॉकर में लगाई थी चाबी, नए लॉकर में मिली ज्वेलरी
माय सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेक्टर-18 ब्रांच के लॉकर से महिला की ज्वेलरी गायब नहीं हुई थी। बल्कि महिला ने लाकर बदला था। करीब एक साल बाद महिला ने पुराने लॉकर में चाबी लगाई। इस कारण लाकर नहीं खुला था। मामले में जांच में सच्चाई सामने आ गई। बृहस्पतिवार को महिला के नए लॉकर में रखी ज्वेलरी मिल गई।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-100 निवासी पारुल ने एसबीआई के सेक्टर-18 ब्रांच के लॉकर से करीब 80 लाख रुपये की ज्वेलरी गायब होने की बात कही थी। मामले की जांच में पता चला कि एक साल पहले महिला जब ज्वेलरी रखने के लिए आई थी तब उनका लॉकर नहीं खुला था। तब बैंक कर्मियों ने ऊपर की जगह नीचे का लॉकर दे दिया था। लेकिन नए लॉकर का नंबर अपडेट नहीं हुआ था। जांच में पता चला कि महिला का पहले लॉकर नंबर 243 था। करीब एक साल पहले लॉकर नहीं खुलने पर बैंक स्टाफ ने 249 नंबर में सामान रखवा दिया था।
विज्ञापन
जब महिला अपने लॉकर को देखने आई तो पुराने लॉकर में जूलरी नहीं मिली। महिला को नए लॉकर का नंबर याद नहीं था। महिला की शिकायत पर पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन