Greater Noida: जेवर को मिला पहला राजकीय महाविद्यालय, अब इतनी सस्ती होगी फीस; इन छात्रों को होगा फायदा
ग्रेटर नोएडा में शांतिदेवी राजकीय महाविद्यालय जेवर को सरकारी कॉलेज का दर्जा मिल गया है। बीएससी, बीकॉम और बीए में नए सत्र से कम फीस लगेगी।अब तक सीसीएसयू के संघटक कॉलेज के रूप में संचालन हो रहा था।
विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद जेवर को पहला राजकीय महाविद्यालय मिल गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने महाविद्यालय को सरकारी कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया है। अब छात्र-छात्राओं को जहां मामूली फीस देनी होगी वहीं उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगा। नए सत्र से बीएससी, बीकॉम और बीए में विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे।
पहले जेवर क्षेत्र में महाविद्यालय नहीं होने से छात्र-छात्राओं को खुर्जा, बुलंदशहर और अलीगढ़ की ओर रुख पड़ता था। 2022 में शांति देवी राजकीय महाविद्यालय जेवर की शुरुआत हुई, लेकिन मेरठ विश्वविद्यालय से संघटक कॉलेज के कारण छात्र-छात्राओं को दाखिला लेने के लिए अधिक फीस देनी पड़ती थी। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं को नए साल का तोहफा दिया गया है। अब उनकी पढ़ाई नहीं बाधित होगी।
425 छात्र छात्राओं का है नामांकन
ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्र छात्राओं की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण उनके अभिभावक अधिक फीस नहीं दे पा रहे हैं। तीन साल से कॉलेज संचालित होने के बाद भी अब तक 425 छात्र ही नामांकित है। राजकीय महाविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब नए सत्र से छात्रों की संख्या में उछाल आएगा।
शैक्षणिक कर्मचारियों की होगी भर्ती
राजकीय महाविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब शैक्षणिक कर्मचारियों की भी भर्ती होगी। इसके साथ ही अन्य अधूरी पड़ी परियोजनाओं को भी उड़ान मिल सकेगी। वर्तमान में 13 शिक्षक महाविद्यालय में तैनात हैं। जिसमें 4 बीए, 2 बीकॉम और 4 बीएससी के छात्रों को पढ़ा रहे है। फिजिक्स का शिक्षक कॉलेज में नहीं है।
फैशन डिजाइनिंग और सिनेमेटोग्राफी में नहीं मिले छात्र
बीएससी, बीकॉम और बीए के साथ ही फैशन डिजाइनिंग और सिनेमेटोग्राफी के कोर्स भी कॉलेज में शुरू किए गए थे। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी यह कोर्स अब तक चल नहीं पाए हैं। फीस अधिक होने के कारण छात्र छात्राओं ने इन कोर्स में कोई रुचि नहीं दिखाई। कॉलेज के प्राचार्य अनुज कुमार अग्रवाल का कहना है कि राजकीय महाविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद कई सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही छात्र छात्राओं को अब 2 से 3 हजार रूपये में ही दाखिला मिल जाएगा। उनकी पढ़ाई अब बाधित नहीं होगी।