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गरीब बच्चों को प्रवेश में आनाकानी की तो खैर नहीं
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तावडू। जिले में गरीब वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने में आनाकानी करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नूंह शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल संचालकों को गरीब बीपीएल व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 25 प्रतिशत बच्चों को दाखिला देना सुनिश्चित करने के आदेश दिए है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मुकेश यादव ने बताया कि शिकायत मिलने पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बीपीएल परिवार के बच्चों को नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक शिक्षा का अधिकार नीति के तहत दाखिले दिए जाएं। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग व अलाभप्रद वर्ग के बच्चों को दाखिले के संबंध में आवेदन के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ मामले उनके संज्ञान में आए हैं,जिसमें अभिभावकों द्वारा बताया गया कि स्कूल संचालक उनके फार्म लेने में आनाकानी कर रहे हैं। जिनकी जांच की जाएगी। साथ ही बताया कि इस बारे में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह अपने खंड के अधीन सभी प्राइवेट स्कूलों को विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों से अवगत कराएं ताकि दाखिले की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मुकेश यादव ने बताया कि शिकायत मिलने पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बीपीएल परिवार के बच्चों को नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक शिक्षा का अधिकार नीति के तहत दाखिले दिए जाएं। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग व अलाभप्रद वर्ग के बच्चों को दाखिले के संबंध में आवेदन के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ मामले उनके संज्ञान में आए हैं,जिसमें अभिभावकों द्वारा बताया गया कि स्कूल संचालक उनके फार्म लेने में आनाकानी कर रहे हैं। जिनकी जांच की जाएगी। साथ ही बताया कि इस बारे में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह अपने खंड के अधीन सभी प्राइवेट स्कूलों को विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों से अवगत कराएं ताकि दाखिले की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
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