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Noida News: सब्जियों की बढ़ती कीमत से अभी राहत मिलना मुश्किल

Wed, 12 Jul 2023 12:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:41 AM IST
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It is difficult to get relief from the rising prices of vegetables
सब्जियों की बढ़ती कीमत से अभी राहत मिलना मुश्किल
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- बारिश और कीड़े लगने से टमाटर की आवक कम, अन्य हरी सब्जियांं भी चौपट
संवाद न्यूज एजेंसी



नोएडा। आसमान छूती सब्जियों की कीमतों से अभी राहत मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। भारी बारिश ने फसलों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। खासकर टमाटर की फसल पर मौसम और बीमारी की दोहरी मार पड़ी है। एक तो बारिश ने इसे प्रभावित किया, वहीं फसल में कीड़ा लग जाने से इसकी गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं रही है।
पिछले साल सामान्य से नीचे रही टमाटर की कीमतों ने इस बार लोगों काफी परेशान कर रखा है। साथ ही तमाम दूसरी सब्जियों ने भी लोगों की जेब ढीली करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सेक्टर-88 स्थित सब्जी मंडी के थोक व्यापारी भी सब्जियों की बढ़ती कीमतों से काफी परेशान है। क्योंकि सब्जियां महंगी होने के चलते उनकी बिक्री में भी काफी कमी आई है। इसी मंडी के आढ़ती अजय बताते हैं कि पहले 5-6 हजार रुपये की प्रतिदिन बिक्री होती थी, जोकि अब 1-2 हजार रुपये तक ही सिमट गई। फूल सब्जी मंडी के थोक व्यापारी राजेश रॉय का कहना है कि टमाटर की कीमतें बढ़ने का एक कारण यह भी है कि पिछले साल टमाटर की फसल काफी मंदी रही। जिस कारण इस बार टमाटर किसानों ने कम फसल लगाई है।
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वहीं भारी बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है, जिस कारण टमाटर समय से तोड़े नहीं जा पा रहे। आढ़ती रिंकू का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा टमाटर शिमला, बेंग्लुरु और उत्तराखंड से आ रहे हैं और यही क्षेत्र मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस बार लगभग 50 प्रतिशत से अधिक टमाटर की फसल खराब हो गई। हालांकि अगले 20-25 दिनों में नासिक, औरंगाबाद ( नया नाम छत्रपति संभाजी नगर) से टमाटर आना शुरू हो जाएगा। जिसके बाद टमाटर की कीमत 100 के अंदर आने की उम्मीद है। जबकि कीमतें सामान्य होने में तीन-चार महीने का समय लग सकता है।
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हिमाचल में तीन महीने पहले हुई ओलावृष्टि से 70 प्रतिशत टमाटर की फसल को नुकसान हुआ। साथ ही कर्नाटक राज्य में फसलों में कीड़ा लग गया और समय से बारिश नहीं होने के कारण भी फसलों की गुणवत्ता खराब हो गई।

- नकुल चौधरी, थोक व्यापारी, गाजीपुर मंडी


सब्जियों के बढ़ते दाम का मुख्य कारण भारी बारिश है। इससे सब्जियां काफी खराब हो रही हैं। भीषण गर्मी से भी सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। इस कारण भी हरी सब्जियों की कीमतें के दाम आसमान छू रहे हैं।
सागर , थोक व्यापारी




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सब्जियों का खुदरा मूल्य ( रुपये प्रति किलोग्राम)

टमाटर 160-220

फूल गोभी 200

भिंडी 80

शिमला मिर्च 160

लौकी 60

बैंगन 80

करेला 80
नोट: अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जियों की कीमत में अंतर हो सकता है।

सब्जियों का थोक मूल्य ( रुपये प्रति किलोग्राम)

शिमला टमाटर - 90-130
बेंग्लुरु टमाटर - 100-150

प्याज - 10-20

बैंगन 15 -45

गोभी - 50-120

कीमतों में बदलाव संभव है
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