फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Investigation of assets of 11 including sacked policemen started

बर्खास्त पुलिसकर्मियों सहित 11 की संपत्ति की जांच शुरू

Fri, 03 Dec 2021 09:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 09:54 PM IST
विज्ञापन
Investigation of assets of 11 including sacked policemen started
नोएडा/ ग्रेटर नोएडा। बीस लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर एटीएम हैकर को छोड़ने के आरोपी नोएडा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के बर्खास्त इंस्पेक्टर शावेज खान व हेड कांस्टेबल अमरीश यादव की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार के निर्देशन में पुलिस की एक टीम इस काम में जुट गई है। साथ ही, भंग की गई नोएडा एसओजी के सभी पुलिसकर्मियों की संपत्ति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन

पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों की संपत्ति की जांच के आदेश दिए थे। एक टीम का गठन कर शावेज खान और अमरीश की गाड़ी, प्लॉट आदि की जानकारी ली जा रही है। वहीं, एसओजी के सभी पुलिसकर्मी इस मामले के उजागर होने के बाद से गायब हैं। इनके घर पर पुलिस की तरफ से नोटिस भेजा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। भंग की गई एसओजी में शावेज खान के साथ दस पुलिसकर्मी थे, लेकिन किसी का कोई सुराग नहीं है।
विज्ञापन

अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि नई एसओजी की गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें पुलिसकर्मियों के बेहतर फीड बैक और साफ सुथरी रिपोर्ट के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिपाही नितिन पहले से रहा है दागदार
सिपाही नितिन वर्ष 2015 में पांच लाख रुपये लेकर सटोरियों को छोड़ने वाली पुलिस टीम में भी रह चुका है। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के आदेश पर दो सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पड़ोसी जिलों के एसओजी पर निगाहें
पश्चिमी यूपी के करीब आठ जिलों की एसओजी में तैनात पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों की एसओजी में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती रही है जिनका दामन दागदार है। ऐसे पुलिसकर्मी की तैनाती गौतमबुद्ध नगर समेत आसपास के जिलों में ही किसी न किसी टीम में रही है। वर्ष 2018 में भंग हुई एसओजी में कई पुलिसकर्मी वर्तमान में भी आसपास के जिलों में तैनात है और उनका गौतमबुद्धनगर में भी दखल रहा है।
बर्खास्त पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है और इसके लिए पुलिस की टीम काम कर रही है। साथ ही, नई एसओजी की गठन के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था

शावेज ने गाजियाबाद की असलाह फैक्टरी का किया था खुलासा, उठे थे सवाल
बर्खास्त इंस्पेक्टर शावेज खान जुलाई और अगस्त में काफी सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने गाजियाबाद के केला भट्टा में लंबे समय से संचालित असलाह फैक्टरी का मेरठ शिफ्ट करने के दौरान खुुलासा किया था। ग्रेनो वेस्ट से तीन भाइयों आफताब, शकील और सगीर को गिरफ्तार कर कार से दस पिस्टल बरामद की गई थी। तीनों भाइयों के गाजियाबाद से मेरठ जाने के क्रम में ग्रेनो वेस्ट से होकर जाने की बात पर उस दौरान सवाल उठे थे। शावेज पर रिश्वत लेने का आरोप भी अगस्त और गाजियाबाद से जुड़ा है। वहीं, 2 अगस्त को नॉलेज पार्क पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में शावेज की टीम ने असलाह फैक्टरी के मामले में फरार मेरठ के रहीस और आस मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। उस दौरान आरोपियों से दो फॉरच्यूनर समेत तीन वाहन बरामद किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed