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Noida News: हिंसक प्रदर्शन के बाद शांति की ओर उद्योग, सुरक्षा कड़ी
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- कंपनियों में 360 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी से निगरानी जारी, प्रवेश और निकास द्वार पर लगाई बैरिकेडिंग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। शनिवार तक करीब 80 फीसदी कामगार काम पर लौट आए। इस बीच कंपनियों में प्रवेश से लेकर हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। उद्यमियों के अनुसार औद्योगिक इकाइयों में अब 360 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन कैमरों के जरिए फैक्ट्री परिसर, प्रवेश-निकास द्वार, पार्किंग और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा उद्यमियों ने निगरानी बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की भर्ती भी कर रही हैं। कई फैक्ट्रियों के गेट पर नए गार्ड तैनात किए जा रहे हैं और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्ती से जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। कंपनियों के मुख्य द्वार पर दिशानिर्देशों के बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि कर्मचारियों और आगंतुकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
नए कामगारों की भर्ती शुरू
श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए उद्योगों ने बड़े पैमाने पर कामगारों की भर्ती करना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों के बाहर भर्ती जारी है के बोर्ड लगे हुए हैं और पूरी क्षमता के साथ उद्योग संचालित करने के प्रयास जारी हैं। जो कर्मचारी प्रदर्शन के बाद काम पर नहीं लौटे हैं उनसे काम पर लौटने की अपील की जा रही है।
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ठेकेदारों पर सख्ती बरत रहीं कंपनियां
उद्यमियों के अनुसार कामगारों के साथ तय मानकों के प्रतिकूल दिए गए वेतन या अन्य विरोधात्मक गतिविधि को खत्म करने के लिए ठेकेदारों की भूमिका पर सख्ती बरती जा रही है। कंपनियों का कहना है कि जो पहले से नुकसान हो चुका है वह अब आगे न बढ़े इसके लिए हर प्रकार के सुरक्षा के कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
सरकार से की कच्चे माल की महंगाई घटाने की मांग
उद्यमियों ने कहा है कि जिस तरह से उन पर ईरान संकट के बाद आर्थिक संकट की दोहरी मार पड़ी है। उस बीच उद्यम चलाना खासकर छोटे उद्यमियों के लिए उद्यम चलाना और भी कठिन हो गया है। ऐसे में यदि कामगारों कोे वेतन बढ़ाकर दिया जा रहा है तो कम से कम कच्चे माल के दाम पर सरकार लगाम लगाए ताकि जो उत्पादन घटा है और लागत बढ़ी है। इसे कम किया जा सकें, अन्यथा इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर महंगाई के तौर पर दिखेगा।
कोट
कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम पहले से काफी बेहतर किए गए हैं। हर जगह गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुधीर श्रीवास्तव, एनईए उपाध्यक्ष
उद्यमी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बातचीत कर हाल चाल ले रहे हैं। स्थिति सामान्य करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अमित सिंघल, लघु उद्योग भारती, नोएडा इकाई
हमने प्रशासन से कहा है कि यदि हमने वेतन वृद्धि की है इसलिए कम से कम कच्चे माल के बढ़ने दाम को काबू किया जाए। सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
छोटे उद्यमियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। वेतन बढ़ाना कठिन हो गया है, दूसरी तरफ कच्चा माल भी महंगा है। -शिखा मिश्रा, पेंट कारोबारी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। शनिवार तक करीब 80 फीसदी कामगार काम पर लौट आए। इस बीच कंपनियों में प्रवेश से लेकर हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। उद्यमियों के अनुसार औद्योगिक इकाइयों में अब 360 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन कैमरों के जरिए फैक्ट्री परिसर, प्रवेश-निकास द्वार, पार्किंग और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा उद्यमियों ने निगरानी बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की भर्ती भी कर रही हैं। कई फैक्ट्रियों के गेट पर नए गार्ड तैनात किए जा रहे हैं और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्ती से जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। कंपनियों के मुख्य द्वार पर दिशानिर्देशों के बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि कर्मचारियों और आगंतुकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
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नए कामगारों की भर्ती शुरू
श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए उद्योगों ने बड़े पैमाने पर कामगारों की भर्ती करना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों के बाहर भर्ती जारी है के बोर्ड लगे हुए हैं और पूरी क्षमता के साथ उद्योग संचालित करने के प्रयास जारी हैं। जो कर्मचारी प्रदर्शन के बाद काम पर नहीं लौटे हैं उनसे काम पर लौटने की अपील की जा रही है।
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ठेकेदारों पर सख्ती बरत रहीं कंपनियां
उद्यमियों के अनुसार कामगारों के साथ तय मानकों के प्रतिकूल दिए गए वेतन या अन्य विरोधात्मक गतिविधि को खत्म करने के लिए ठेकेदारों की भूमिका पर सख्ती बरती जा रही है। कंपनियों का कहना है कि जो पहले से नुकसान हो चुका है वह अब आगे न बढ़े इसके लिए हर प्रकार के सुरक्षा के कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
सरकार से की कच्चे माल की महंगाई घटाने की मांग
उद्यमियों ने कहा है कि जिस तरह से उन पर ईरान संकट के बाद आर्थिक संकट की दोहरी मार पड़ी है। उस बीच उद्यम चलाना खासकर छोटे उद्यमियों के लिए उद्यम चलाना और भी कठिन हो गया है। ऐसे में यदि कामगारों कोे वेतन बढ़ाकर दिया जा रहा है तो कम से कम कच्चे माल के दाम पर सरकार लगाम लगाए ताकि जो उत्पादन घटा है और लागत बढ़ी है। इसे कम किया जा सकें, अन्यथा इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर महंगाई के तौर पर दिखेगा।
कोट
कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम पहले से काफी बेहतर किए गए हैं। हर जगह गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुधीर श्रीवास्तव, एनईए उपाध्यक्ष
उद्यमी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बातचीत कर हाल चाल ले रहे हैं। स्थिति सामान्य करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अमित सिंघल, लघु उद्योग भारती, नोएडा इकाई
हमने प्रशासन से कहा है कि यदि हमने वेतन वृद्धि की है इसलिए कम से कम कच्चे माल के बढ़ने दाम को काबू किया जाए। सुरेंद्र नाहटा, अध्यक्ष, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
छोटे उद्यमियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। वेतन बढ़ाना कठिन हो गया है, दूसरी तरफ कच्चा माल भी महंगा है। -शिखा मिश्रा, पेंट कारोबारी