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अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की भागीदारी कई गुना बढ़ी : भगवंत खुबा
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इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित भारतीय अक्षय ऊर्जा प्रदर्शनी का शुभारंभ करते केंद्रीय राज्यमंत?
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। सात वर्षों में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की भागीदारी कई गुना बढ़ी है। भारत 175 गीगा वाट की क्षमता हासिल करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम चला रहा है। इसके तहत 2022 तक 100 गीगा वाट सौर ऊर्जा और 2030 तक 450 गीगा वाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य है। यह बात बुुधवार को नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन और उर्वरक केंद्रीय राज्यमंत्री भगवंत खुबा ने कही। वह नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा-2021 प्रदर्शनी के 14वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे।
सात माह बाद इंडिया एक्सपो सेंटर में भौतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। बिजनेस टू बिजनेस प्रदर्शनी 17 सितंबर तक चलेगी। इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया प्रदर्शनी का आयोजक है। प्रदर्शनी का शुभारंभ कर राज्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने 101 गीगा वाट नवीकरणीय क्षमता के लक्ष्य प्राप्ति की उपलब्धि की घोषणा की थी। वहीं, राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा का उद्देश्य देश को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
भारत बायोमास का विशाल उत्पादक भी है। प्रदर्शनी में 120 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने उत्पाद लगाए हैं। यूके इस वर्ष एक साझेदार देश के रूप में और यूरोपीय संघ (ईयू) प्रीमियम भागीदार के रूप में हिस्सा ले रहा है। कार्यक्रम में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत यूगो एस्टुटो, जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सलाहकार केएस पोपली, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, पीडब्ल्यूसी भारत अध्यक्ष संजीव कृष्ण और प्रबंध निदेशक इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया योगेश मुद्रास और एनर्जी पोर्टफोलियो समूह निदेशक रजनीश खट्टर उपस्थित रहे।
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ऊर्जा के क्षेत्र में चौथा बाजार है भारत
इंफोर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा कि भारतीय अक्षय और नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र में दुनिया में चौथा बाजार है। सरकार के प्रोत्साहन से भारत में 2028 तक 500 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश हो सकता है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष बाद अक्षय ऊर्जा और सात माह बाद एक्सपो मॉर्ट में भौतिक रूप से प्रदर्शनी लगी है। उन्होंने बताया कि पहले से कम प्रदर्शक आए हैं।
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सात माह बाद इंडिया एक्सपो सेंटर में भौतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। बिजनेस टू बिजनेस प्रदर्शनी 17 सितंबर तक चलेगी। इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया प्रदर्शनी का आयोजक है। प्रदर्शनी का शुभारंभ कर राज्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने 101 गीगा वाट नवीकरणीय क्षमता के लक्ष्य प्राप्ति की उपलब्धि की घोषणा की थी। वहीं, राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा का उद्देश्य देश को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
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भारत बायोमास का विशाल उत्पादक भी है। प्रदर्शनी में 120 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने उत्पाद लगाए हैं। यूके इस वर्ष एक साझेदार देश के रूप में और यूरोपीय संघ (ईयू) प्रीमियम भागीदार के रूप में हिस्सा ले रहा है। कार्यक्रम में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत यूगो एस्टुटो, जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सलाहकार केएस पोपली, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, पीडब्ल्यूसी भारत अध्यक्ष संजीव कृष्ण और प्रबंध निदेशक इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया योगेश मुद्रास और एनर्जी पोर्टफोलियो समूह निदेशक रजनीश खट्टर उपस्थित रहे।
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ऊर्जा के क्षेत्र में चौथा बाजार है भारत
इंफोर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा कि भारतीय अक्षय और नवीनीकरण ऊर्जा क्षेत्र में दुनिया में चौथा बाजार है। सरकार के प्रोत्साहन से भारत में 2028 तक 500 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश हो सकता है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष बाद अक्षय ऊर्जा और सात माह बाद एक्सपो मॉर्ट में भौतिक रूप से प्रदर्शनी लगी है। उन्होंने बताया कि पहले से कम प्रदर्शक आए हैं।