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Noida News: स्टेडियम में आधी-अधूरी मरम्मत, मैदानों के बाहर शौचालय अब भी बदहाल
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- स्टेडियम में आधा सुधार, खिलाड़ियों की पूरी परेशानी बरकरार
- प्रशासनिक भवन में शुरू हुआ सुधार कार्य, खिलाड़ियों की सबसे बड़ी जरूरत अब भी उपेक्षित
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-21 स्थित नोएडा स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए शौचालयों की बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने के बाद प्रशासनिक भवन स्थित शौचालयों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। हालांकि खेल मैदानों के पास बने अधिकांश शौचालय अब भी जर्जर हालत में बंद पड़े हैं। ऐसे में प्रतिदिन अभ्यास के लिए आने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने का इंतजार अभी बाकी है। कुछ दिन पहले स्टेडियम के प्रशासनिक भवन और विभिन्न खेल मैदानों के आसपास बने शौचालयों की खराब स्थिति उजागर हुई थी। कई जगह टूटी टाइल्स, खराब फ्लश सिस्टम, सीलन, गंदगी, पानी की कमी और वर्षों से बंद पड़े शौचालय मिले थे। इसके बाद प्रशासनिक भवन में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन मैदानों के पास की सुविधाओं में अब तक कोई सुधार नहीं दिखा है।
मैदानों के नजदीक बने कई शौचालयों पर जंग लगे ताले लटके हैं। कहीं दरवाजे टूटे हैं तो कहीं इनका उपयोग कबाड़ रखने के लिए किया जा रहा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण ये उपयोग के लायक भी नहीं बचे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन खिलाड़ियों पर पड़ रहा है, जो सुबह-शाम कई घंटे स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। नोएडा स्टेडियम में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और ताइक्वांडो समेत कई खेलों के सैकड़ों खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ बुनियादी व्यवस्थाएं भी उतनी ही जरूरी हैं। प्रशासनिक भवन में मरम्मत शुरू होना सकारात्मक पहल है, लेकिन सभी शौचालय चालू होने के बाद ही खिलाड़ियों को वास्तविक राहत मिलेगी।
कोट-
सिर्फ एक हिस्से की मरम्मत से समस्या खत्म नहीं होगी, सभी शौचालय जल्द ठीक होने चाहिए। -दिलीप चंद
मैदानों के पास बंद शौचालय खुलने तक खिलाड़ियों की परेशानी बनी रहेगी। -राकेश यादव
मरम्मत के साथ नियमित सफाई भी जरूरी है, हमें अब भी वॉशरूम के लिए दूर जाना पड़ता है। -रोहित कुमार, बास्केटबॉल खिलाड़ी
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- प्रशासनिक भवन में शुरू हुआ सुधार कार्य, खिलाड़ियों की सबसे बड़ी जरूरत अब भी उपेक्षित
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। सेक्टर-21 स्थित नोएडा स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए शौचालयों की बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने के बाद प्रशासनिक भवन स्थित शौचालयों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। हालांकि खेल मैदानों के पास बने अधिकांश शौचालय अब भी जर्जर हालत में बंद पड़े हैं। ऐसे में प्रतिदिन अभ्यास के लिए आने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने का इंतजार अभी बाकी है। कुछ दिन पहले स्टेडियम के प्रशासनिक भवन और विभिन्न खेल मैदानों के आसपास बने शौचालयों की खराब स्थिति उजागर हुई थी। कई जगह टूटी टाइल्स, खराब फ्लश सिस्टम, सीलन, गंदगी, पानी की कमी और वर्षों से बंद पड़े शौचालय मिले थे। इसके बाद प्रशासनिक भवन में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन मैदानों के पास की सुविधाओं में अब तक कोई सुधार नहीं दिखा है।
मैदानों के नजदीक बने कई शौचालयों पर जंग लगे ताले लटके हैं। कहीं दरवाजे टूटे हैं तो कहीं इनका उपयोग कबाड़ रखने के लिए किया जा रहा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण ये उपयोग के लायक भी नहीं बचे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन खिलाड़ियों पर पड़ रहा है, जो सुबह-शाम कई घंटे स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। नोएडा स्टेडियम में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और ताइक्वांडो समेत कई खेलों के सैकड़ों खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ बुनियादी व्यवस्थाएं भी उतनी ही जरूरी हैं। प्रशासनिक भवन में मरम्मत शुरू होना सकारात्मक पहल है, लेकिन सभी शौचालय चालू होने के बाद ही खिलाड़ियों को वास्तविक राहत मिलेगी।
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कोट-
सिर्फ एक हिस्से की मरम्मत से समस्या खत्म नहीं होगी, सभी शौचालय जल्द ठीक होने चाहिए। -दिलीप चंद
मैदानों के पास बंद शौचालय खुलने तक खिलाड़ियों की परेशानी बनी रहेगी। -राकेश यादव
मरम्मत के साथ नियमित सफाई भी जरूरी है, हमें अब भी वॉशरूम के लिए दूर जाना पड़ता है। -रोहित कुमार, बास्केटबॉल खिलाड़ी