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Noida News: आरटीई में दाखिले के लिए दो-दो बार बनवाया आय प्रमाण पत्र
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बेसिक शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए दो बार आय प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। शहर के एक नामी स्कूल में दाखिला लेने के लिए अभिभावक ने पहले एक लाख रुपये और दाखिले की शर्त पूरी नहीं होने पर दोबारा एक लाख रुपये से कम का आय का प्रमाण पत्र बनवा लिया। मामले में स्कूल ने आपत्ति जताई। बेसिक शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार सुबोध निर्वाण ने शहर के एक निजी स्कूल में आरटीई के तहत बच्चे का आवेदन किया था। 23 मार्च को आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया, जिसमें सुबोध ने अपने परिवार की सालाना आमदनी 48,000 बताई थी। तहसील स्तर से 1.20 लाख रुपये का आय प्रमाण पत्र बनाकर दिया गया। एक लाख से अधिक आय का प्रमाणपत्र निरस्त होने पर सुबोध ने दोबारा 96,000 हजार रुपये की आय का प्रमाण पत्र बनवा लिया। ऐसे में स्कूल की तरफ से शिकायत मिलने पर बीएसए ने अभिभावकों को बुलाकर बात की है। बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रशासन स्तर से बिना किसी जांच के दाखिले के लिए हरी झंडी दे दी गई। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी का कहना है कि मामला संज्ञान में है, जिला प्रशासन स्तर पर इसमें निर्णय होगा।
आय से कम का प्रमाणपत्र जारी करने पर उप जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और इसमें स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ.नितिन मदान, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए दो बार आय प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। शहर के एक नामी स्कूल में दाखिला लेने के लिए अभिभावक ने पहले एक लाख रुपये और दाखिले की शर्त पूरी नहीं होने पर दोबारा एक लाख रुपये से कम का आय का प्रमाण पत्र बनवा लिया। मामले में स्कूल ने आपत्ति जताई। बेसिक शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार सुबोध निर्वाण ने शहर के एक निजी स्कूल में आरटीई के तहत बच्चे का आवेदन किया था। 23 मार्च को आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया, जिसमें सुबोध ने अपने परिवार की सालाना आमदनी 48,000 बताई थी। तहसील स्तर से 1.20 लाख रुपये का आय प्रमाण पत्र बनाकर दिया गया। एक लाख से अधिक आय का प्रमाणपत्र निरस्त होने पर सुबोध ने दोबारा 96,000 हजार रुपये की आय का प्रमाण पत्र बनवा लिया। ऐसे में स्कूल की तरफ से शिकायत मिलने पर बीएसए ने अभिभावकों को बुलाकर बात की है। बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रशासन स्तर से बिना किसी जांच के दाखिले के लिए हरी झंडी दे दी गई। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी का कहना है कि मामला संज्ञान में है, जिला प्रशासन स्तर पर इसमें निर्णय होगा।
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आय से कम का प्रमाणपत्र जारी करने पर उप जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और इसमें स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ.नितिन मदान, अपर जिलाधिकारी प्रशासन