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Noida News: सात महीने में तीन हजार पालतू कुत्तों ने 24 हजार से ज्यादा लोगों को काटा
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जुलाई में सबसे अधिक घटनाएं, प्राधिकरण में तीन हजार पालतू कुत्ते है पंजीकृत
नेहा शर्मा
नोएडा। जिले में पंजीकृत तीन हजार पालतू कुत्तों ने सात महीनों में 24 हजार से ज्यादा लोगों को काटा है। जुलाई में सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों में पीड़ितों को जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई है। लावारिस कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों समेत अन्य जानवरों के काटने पर एक लाख से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे।
जिला अस्पताल और विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर जानवरों के काटने पर निशुल्क एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 44 केंद्रों पर वैक्सीनेशन की सुविधा दी है। जिला अस्पताल में गंभीर मामलों में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम भी लगाया जा रहा है।
जानवरों के काटने पर तीन श्रेणी में रखा जाता है। श्रेणी एक में कुत्ते के केवल चाटने या छूने की स्थिति है। श्रेणी दो खुली त्वचा पर काटने की कोशिश, मामूली खरोंच या घर्षण जिसमें खून न निकला हो और श्रेणी तीन में त्वचा के अंदर तक घाव या गंभीर रूप से काटने की स्थिति। श्रेणी तीन में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम भी लगाया जाता है।
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जिला हेल्थ एक्सपर्ट अमित कुमार ने बताया कि अब लावारिस कुत्तों के साथ-साथ पालतू कुत्तों के काटने का भी अलग से रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। रेबीज एक संक्रामक वायरल रोग है जो कुत्ते, बिल्ली, बंदर, घोड़े आदि के काटने या खरोंचने से हो सकता है। अगर किसी को कोई जानवर काटता है तो वैक्सीन लगवानी चाहिए।
34 बनाए गए हॉटस्पॉट
जिले में 34 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं जहां लोगों पर कुत्ते ज्यादा हमले करते हैं। इसमें भंगेल क्षेत्र में सेक्टर-130, सेक्टर-110, नगली वाजिदपुर, बिसरख क्षेत्र में बिसरख गांव, हल्दौनी, नंगला चरणदास, दुजाना, अच्छेजा, पलवारी,सदरपुर, कुलेसरा, बरोला, जेजे कॉलोनी (सेक्टर-8, 9), सेक्टर-5, हरोला ,गांव पतवाड़ी, छपरौला, मिर्जापुरस वहीं, दनकौर क्षेत्र में ओमिक्रॉन-1, 2, 3, डाढा, अट्टा फतेहपुर, जलपुरा, खरेली हाफिजपुर, उस्मानपुर, कनारसी शामिल हैं। जेवर क्षेत्र में मोहल्ला व्यापारियान, जहांगीरपुर,रबूपुरा, फलेदा और थोरा है।
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पालतू कुत्तों के काटने के मामले
महीना
घटनाएं
जनवरी
3124
फरवरी
4662
मार्च
2463
अप्रैल
3267
मई
2958
जून
2815
जुलाई
5567
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डॉग पॉलिसी के नियम
-सोसायटी में जो लोग कुत्ते पालते हैं, उन्हें कुत्ते को केवल सर्विस लिफ्ट से लाने-ले जाने की सलाह दी गई है।
-बाहर घुमाते समय कुत्ते को मजल पहनाना अनिवार्य है।
-पालतू कुत्ते या बिल्ली को लावारिस छोड़ने पर एफआईआर की जाएगी।
-अगर पालतू कुत्ता किसी को काटता है, तो उसकी जिम्मेदारी पालक पर होगी।
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नेहा शर्मा
नोएडा। जिले में पंजीकृत तीन हजार पालतू कुत्तों ने सात महीनों में 24 हजार से ज्यादा लोगों को काटा है। जुलाई में सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों में पीड़ितों को जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई है। लावारिस कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों समेत अन्य जानवरों के काटने पर एक लाख से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे।
जिला अस्पताल और विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर जानवरों के काटने पर निशुल्क एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 44 केंद्रों पर वैक्सीनेशन की सुविधा दी है। जिला अस्पताल में गंभीर मामलों में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम भी लगाया जा रहा है।
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जानवरों के काटने पर तीन श्रेणी में रखा जाता है। श्रेणी एक में कुत्ते के केवल चाटने या छूने की स्थिति है। श्रेणी दो खुली त्वचा पर काटने की कोशिश, मामूली खरोंच या घर्षण जिसमें खून न निकला हो और श्रेणी तीन में त्वचा के अंदर तक घाव या गंभीर रूप से काटने की स्थिति। श्रेणी तीन में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम भी लगाया जाता है।
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जिला हेल्थ एक्सपर्ट अमित कुमार ने बताया कि अब लावारिस कुत्तों के साथ-साथ पालतू कुत्तों के काटने का भी अलग से रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। रेबीज एक संक्रामक वायरल रोग है जो कुत्ते, बिल्ली, बंदर, घोड़े आदि के काटने या खरोंचने से हो सकता है। अगर किसी को कोई जानवर काटता है तो वैक्सीन लगवानी चाहिए।
34 बनाए गए हॉटस्पॉट
जिले में 34 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं जहां लोगों पर कुत्ते ज्यादा हमले करते हैं। इसमें भंगेल क्षेत्र में सेक्टर-130, सेक्टर-110, नगली वाजिदपुर, बिसरख क्षेत्र में बिसरख गांव, हल्दौनी, नंगला चरणदास, दुजाना, अच्छेजा, पलवारी,सदरपुर, कुलेसरा, बरोला, जेजे कॉलोनी (सेक्टर-8, 9), सेक्टर-5, हरोला ,गांव पतवाड़ी, छपरौला, मिर्जापुरस वहीं, दनकौर क्षेत्र में ओमिक्रॉन-1, 2, 3, डाढा, अट्टा फतेहपुर, जलपुरा, खरेली हाफिजपुर, उस्मानपुर, कनारसी शामिल हैं। जेवर क्षेत्र में मोहल्ला व्यापारियान, जहांगीरपुर,रबूपुरा, फलेदा और थोरा है।
पालतू कुत्तों के काटने के मामले
महीना
घटनाएं
जनवरी
3124
फरवरी
4662
मार्च
2463
अप्रैल
3267
मई
2958
जून
2815
जुलाई
5567
डॉग पॉलिसी के नियम
-सोसायटी में जो लोग कुत्ते पालते हैं, उन्हें कुत्ते को केवल सर्विस लिफ्ट से लाने-ले जाने की सलाह दी गई है।
-बाहर घुमाते समय कुत्ते को मजल पहनाना अनिवार्य है।
-पालतू कुत्ते या बिल्ली को लावारिस छोड़ने पर एफआईआर की जाएगी।
-अगर पालतू कुत्ता किसी को काटता है, तो उसकी जिम्मेदारी पालक पर होगी।