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Noida News: नोएडा में भविष्य की देखरेख एफडी और लीजरेंट के ब्याज से होगी
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10 हजार करोड़ रुपये की एफडी सुरक्षित रखने का लक्ष्य
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन अब कम ही बची है। ऐसे में भविष्य में जमीन न बचने पर आवंटन से धनराशि प्राधिकरण को मिलनी बंद हो जाएगी। उस स्थिति में शहर की देखरेख व जन-स्वास्थ्य ये जुड़े संसाधनों के संचालन की योजना नोएडा प्राधिकरण ने तैयार की है। प्राधिकरण ने 10 हजार करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही संपत्तियों के लीजरेंट का भी काॅर्पस फंड बनाया जाएगा। एफडी सुरक्षित करने की शुरुआत प्राधिकरण जल्द करने जा रहा है। यह जानकारी बोर्ड में भी प्रस्ताव रखकर दी जाएगी।
शुरुआत में 3500 करोड़ की एफडी भविष्य के लिए रोकी जाएंगी। फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 10 हजार करोड़ किया जाएगा। बात अगर लीजरेंट की करें तो अलग-अलग संपत्तियों पर 1 से 2.5 प्रतिशत वार्षिक लगता है। वहीं 90 साल एकमुश्त देने पर यह 15 गुना हो जाता है। इस कोष में भी प्रतिवर्ष 300 करोड़ रुपये के करीब धनराशि नोएडा प्राधिकरण में आने का अनुमान है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने भविष्य के लिए एफडी सुरक्षित कराने व लीजरेंट का काॅर्पस फंड बनवाने का निर्णय लिया है। सीईओ ने बताया कि एफडी और काॅर्पस फंड के ब्याज से शहर की देखरेख आसानी से हो सकेगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन अब कम ही बची है। ऐसे में भविष्य में जमीन न बचने पर आवंटन से धनराशि प्राधिकरण को मिलनी बंद हो जाएगी। उस स्थिति में शहर की देखरेख व जन-स्वास्थ्य ये जुड़े संसाधनों के संचालन की योजना नोएडा प्राधिकरण ने तैयार की है। प्राधिकरण ने 10 हजार करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही संपत्तियों के लीजरेंट का भी काॅर्पस फंड बनाया जाएगा। एफडी सुरक्षित करने की शुरुआत प्राधिकरण जल्द करने जा रहा है। यह जानकारी बोर्ड में भी प्रस्ताव रखकर दी जाएगी।
शुरुआत में 3500 करोड़ की एफडी भविष्य के लिए रोकी जाएंगी। फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 10 हजार करोड़ किया जाएगा। बात अगर लीजरेंट की करें तो अलग-अलग संपत्तियों पर 1 से 2.5 प्रतिशत वार्षिक लगता है। वहीं 90 साल एकमुश्त देने पर यह 15 गुना हो जाता है। इस कोष में भी प्रतिवर्ष 300 करोड़ रुपये के करीब धनराशि नोएडा प्राधिकरण में आने का अनुमान है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने भविष्य के लिए एफडी सुरक्षित कराने व लीजरेंट का काॅर्पस फंड बनवाने का निर्णय लिया है। सीईओ ने बताया कि एफडी और काॅर्पस फंड के ब्याज से शहर की देखरेख आसानी से हो सकेगी।
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