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Noida News: आठ महीने में जिला अस्पताल की एसएनसीयू में 377 शिशुओं को मिला इलाज
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फ्री में मिल रही सुविधा, निजी अस्पतालों में 8 से 10 हजार रुपये प्रतिदिन का आता है खर्चा
12 बेड हैं एसएनसीयू में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में आठ महीने पहले शुरू हुई स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी मदद मिल रही है। इस यूनिट में अब तक 377 से अधिक शिशुओं का सफल इलाज हुआ है। पहले प्रीमैच्योर या गंभीर रूप से बीमार नवजात के इलाज के लिए माता-पिता को चाइल्ड पीजीआई या निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। निजी अस्पताल में प्रत्येक दिन इलाज में 8 से 10 हजार रुपये का खर्चा आता है लेकिन अब जिला अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिल रही है।
जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से पहले ऐसे केस में परिजनों को चाइल्ड पीजीआई या दिल्ली के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। वहां बेड भी मुश्किल से मिलता था। इससे मां और बच्चे दोनों को परेशानी होती है।
एक किलो का बच्चा स्वस्थ होकर निकला
12 बेड की एसएनसीयू को अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। सरकारी इसके संचालन के लिए अलग बजट देती है। डॉक्टर भी नियुक्त की है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रिया जादौन बताती हैं कि कई नवजात एक किलो से भी कम वजन के थे, जिनका इलाज मशीनों की मदद से किया गया। एक बच्चा एक किलो का था। उसे करीब 25 दिन एसएनसीयू में रखा गया और आज वह पूरी तरह स्वस्थ है। एसएनसीयू में प्री-मैच्योर डिलीवरी, पीलिया, कम वजन और ब्रेन इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों का सफल इलाज किया गया।
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12 बेड हैं एसएनसीयू में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में आठ महीने पहले शुरू हुई स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी मदद मिल रही है। इस यूनिट में अब तक 377 से अधिक शिशुओं का सफल इलाज हुआ है। पहले प्रीमैच्योर या गंभीर रूप से बीमार नवजात के इलाज के लिए माता-पिता को चाइल्ड पीजीआई या निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। निजी अस्पताल में प्रत्येक दिन इलाज में 8 से 10 हजार रुपये का खर्चा आता है लेकिन अब जिला अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिल रही है।
जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से पहले ऐसे केस में परिजनों को चाइल्ड पीजीआई या दिल्ली के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। वहां बेड भी मुश्किल से मिलता था। इससे मां और बच्चे दोनों को परेशानी होती है।
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एक किलो का बच्चा स्वस्थ होकर निकला
12 बेड की एसएनसीयू को अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। सरकारी इसके संचालन के लिए अलग बजट देती है। डॉक्टर भी नियुक्त की है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रिया जादौन बताती हैं कि कई नवजात एक किलो से भी कम वजन के थे, जिनका इलाज मशीनों की मदद से किया गया। एक बच्चा एक किलो का था। उसे करीब 25 दिन एसएनसीयू में रखा गया और आज वह पूरी तरह स्वस्थ है। एसएनसीयू में प्री-मैच्योर डिलीवरी, पीलिया, कम वजन और ब्रेन इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों का सफल इलाज किया गया।
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