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Noida News: महीनेभर में जेवर के एक हजार लोगों को कुत्तों और बंदरों ने काटा
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स्वास्थ्य केंद्रों में रोज पहुंच रहे 80 से ज्यादा मरीज
पीयूष गौतम
यमुना सिटी। एक महीने में जेवर के एक हजार लोगों को कुत्तों, बल्लियों और बंदरों ने काटा है। औसतन प्रतिदिन 80 से अधिक लोग इन जानवरों के काटने का इलाज कराने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस वजह से एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की लंबी कतार लग रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रतिदिन औसतन 60 से 80 लोग कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर भी हर रोज 20 से 30 लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बदलते मौसम के कारण जानवरों की मनोस्थिति पर भी असर पड़ता है। इसके कारण पशुओं में चिड़चिड़ापन आना भी मामले में बढ़ोतरी का कारण हो सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरत के अनुसार रेबीज के इंजेक्शन मौजूद हैं। सभी मरीजों को जरूरत के अनुसार इंजेक्शन लगाया जाता है। -डॉ. शर्फे जेया, सीएचसी अधीक्षक
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पीयूष गौतम
यमुना सिटी। एक महीने में जेवर के एक हजार लोगों को कुत्तों, बल्लियों और बंदरों ने काटा है। औसतन प्रतिदिन 80 से अधिक लोग इन जानवरों के काटने का इलाज कराने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस वजह से एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की लंबी कतार लग रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रतिदिन औसतन 60 से 80 लोग कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर भी हर रोज 20 से 30 लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बदलते मौसम के कारण जानवरों की मनोस्थिति पर भी असर पड़ता है। इसके कारण पशुओं में चिड़चिड़ापन आना भी मामले में बढ़ोतरी का कारण हो सकता है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरत के अनुसार रेबीज के इंजेक्शन मौजूद हैं। सभी मरीजों को जरूरत के अनुसार इंजेक्शन लगाया जाता है। -डॉ. शर्फे जेया, सीएचसी अधीक्षक
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