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खबर का असर : चंद घंटों में ढक दिए खुले गड्ढे
Fri, 23 Oct 2026 06:11 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 23 Oct 2026 06:11 PM IST
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खबर का असर: खबर छपने के कुछ घंटे बाद ही जेवर के तिरथली गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में
- अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यमुना प्राधिकरण ने की कार्रवाई, 400 बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी थी चिंता
यमुना सिटी (संवाद)। जेवर के तिरथली गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में खुले पड़े वाटर हार्वेस्टिंग के गड्ढों को आखिरकार ढक दिया गया। 22 अक्तूबर को अमर उजाला के माई सिटी अंक में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के कुछ ही घंटे बाद यमुना प्राधिकरण ने कार्रवाई कर गड्ढों को ढक दिया। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 400 बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा टल गया।
विद्यालय परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के गड्ढे पिछले एक साल से खुले पड़े थे। इन्हें ढकने के लिए करीब आठ महीने पहले स्लैब भी बनाई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद गड्ढे खुले रहे। परिसर के बीच में गड्ढे होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। लंच के समय बच्चे परिसर में खेलते हैं। ऐसे में किसी बच्चे के गड्ढे में गिरने से हादसा हो सकता था। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने समस्या को लेकर कई बार शिकायत की थी। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी मामला पहुंचाया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बच्चों को गड्ढों की ओर जाने से रोकने के लिए शिक्षकों ने उनके ऊपर पेड़ों की टहनियां रख दी थीं।
प्रधानाचार्य और बीईओ ने जताया आभार-
गड्ढे ढके जाने पर प्रधानाचार्य रौदास सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त मुदगल ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। कार्रवाई होने से संभावित हादसे का खतरा टल गया।
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यमुना सिटी (संवाद)। जेवर के तिरथली गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में खुले पड़े वाटर हार्वेस्टिंग के गड्ढों को आखिरकार ढक दिया गया। 22 अक्तूबर को अमर उजाला के माई सिटी अंक में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के कुछ ही घंटे बाद यमुना प्राधिकरण ने कार्रवाई कर गड्ढों को ढक दिया। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 400 बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा टल गया।
विद्यालय परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के गड्ढे पिछले एक साल से खुले पड़े थे। इन्हें ढकने के लिए करीब आठ महीने पहले स्लैब भी बनाई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद गड्ढे खुले रहे। परिसर के बीच में गड्ढे होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। लंच के समय बच्चे परिसर में खेलते हैं। ऐसे में किसी बच्चे के गड्ढे में गिरने से हादसा हो सकता था। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने समस्या को लेकर कई बार शिकायत की थी। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी मामला पहुंचाया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बच्चों को गड्ढों की ओर जाने से रोकने के लिए शिक्षकों ने उनके ऊपर पेड़ों की टहनियां रख दी थीं।
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प्रधानाचार्य और बीईओ ने जताया आभार-
गड्ढे ढके जाने पर प्रधानाचार्य रौदास सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त मुदगल ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। कार्रवाई होने से संभावित हादसे का खतरा टल गया।
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