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Noida News: खेती, बागवानी के साथ मार्केटिंग के हुनर भी सिखाएगा इग्नू
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I-कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए पाठ्यक्रम की कराएगा पढ़ाई I
I-जुलाई सत्र से नए पाठयक्रम में पढ़ाई का मौका, दो साल होगी कोर्स की अवधिI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) अब छात्रों को खेती-किसानी की बारीकियों के साथ बाजार में फसल की सही मार्केटिंग करने का हुनर भी सिखाएगा। इग्नू ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप और जैविक खेती के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए प्रोग्राम की पढ़ाई कराने का फैसला किया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत जुलाई सत्र में किसी भी विषय में स्नातक पासआउट इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। प्रोग्राम की अवधि दो साल की होगी। खास बात यह है कि इसमें बागवानी, उत्पादन, कटाई के बाद प्रबंधन, पशुधन, कृषि उपकरण, कृषि में नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, खाद्य सुरक्षा व गुणवत्ता और कृषि विस्तार समेत अन्य विषयों को भी पढ़ाया जाएगा।I
Iइग्नू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए (एमबीएएबीएम) प्रोग्राम देश में वाणिज्यिक कृषि और स्टार्टअप को बढ़ावा देगा। आगामी जुलाई सत्र से कृषि विद्यालय ने इस नए प्रोग्राम में पढ़ाई की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की अर्थव्यवस्था मेंं परिवर्तन लाने के लिए कृषि-व्यवसाय गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सक्षम व्यावसायिक पेशेवर तैयार करना है। इससे कृषि व्यवसाय क्षेत्र में बेहतर उद्यमशीलता और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि, खाद्य, ग्रामीण और संबद्ध क्षेत्रों में सक्षम व्यावसायिक पेशेवर तैयार करना है। इसके साथ ही कृषि-व्यवसाय श्रृंखला में किसानों, बिचौलियों और व्यापारियों के बीच स्टार्टअप और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। यह पेशेवरों को प्रबंधकीय कौशल से लैस करने, कृषि व्यवसाय के तकनीकी-वाणिज्यिक पहलुओं के प्रबंधन में विशेषज्ञता विकसित करने और राष्ट्रीय विकास योजनाओं, कृषि नीतियों से रूबरू करवाएगा। इससे एनजीओ, सहकारी समितियों, एफपीओ, एसएचजी, कॉर्पोरेट संस्थाओं और वित्तीय व विपणन संगठनों के पेशेवरों को भी लाभ मिलेगा।I
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Iस्टार्टअप के साथ कृषि व्यवसाय को बढ़ावा:I
Iइस प्रोग्राम से स्टार्टअप के साथ कृषि व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, कृषि व्यवसाय और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में लाभप्रदता और दक्षता बढ़ाने की गुंजाइश भारत में नीति नियोजकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। हालांकि, कृषि व्यवसाय और स्टार्टअप में योग्य और कुशल उम्मीदवारों की जरूरत है। इस कोर्स के जरिए आय की संभावनाओं और समग्र कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए कृषि समुदाय, युवाओं और कृषि-हितधारकों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।I
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I-जुलाई सत्र से नए पाठयक्रम में पढ़ाई का मौका, दो साल होगी कोर्स की अवधिI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) अब छात्रों को खेती-किसानी की बारीकियों के साथ बाजार में फसल की सही मार्केटिंग करने का हुनर भी सिखाएगा। इग्नू ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप और जैविक खेती के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए प्रोग्राम की पढ़ाई कराने का फैसला किया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत जुलाई सत्र में किसी भी विषय में स्नातक पासआउट इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। प्रोग्राम की अवधि दो साल की होगी। खास बात यह है कि इसमें बागवानी, उत्पादन, कटाई के बाद प्रबंधन, पशुधन, कृषि उपकरण, कृषि में नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, खाद्य सुरक्षा व गुणवत्ता और कृषि विस्तार समेत अन्य विषयों को भी पढ़ाया जाएगा।I
Iइग्नू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए (एमबीएएबीएम) प्रोग्राम देश में वाणिज्यिक कृषि और स्टार्टअप को बढ़ावा देगा। आगामी जुलाई सत्र से कृषि विद्यालय ने इस नए प्रोग्राम में पढ़ाई की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की अर्थव्यवस्था मेंं परिवर्तन लाने के लिए कृषि-व्यवसाय गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सक्षम व्यावसायिक पेशेवर तैयार करना है। इससे कृषि व्यवसाय क्षेत्र में बेहतर उद्यमशीलता और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि, खाद्य, ग्रामीण और संबद्ध क्षेत्रों में सक्षम व्यावसायिक पेशेवर तैयार करना है। इसके साथ ही कृषि-व्यवसाय श्रृंखला में किसानों, बिचौलियों और व्यापारियों के बीच स्टार्टअप और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। यह पेशेवरों को प्रबंधकीय कौशल से लैस करने, कृषि व्यवसाय के तकनीकी-वाणिज्यिक पहलुओं के प्रबंधन में विशेषज्ञता विकसित करने और राष्ट्रीय विकास योजनाओं, कृषि नीतियों से रूबरू करवाएगा। इससे एनजीओ, सहकारी समितियों, एफपीओ, एसएचजी, कॉर्पोरेट संस्थाओं और वित्तीय व विपणन संगठनों के पेशेवरों को भी लाभ मिलेगा।I
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Iस्टार्टअप के साथ कृषि व्यवसाय को बढ़ावा:I
Iइस प्रोग्राम से स्टार्टअप के साथ कृषि व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, कृषि व्यवसाय और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में लाभप्रदता और दक्षता बढ़ाने की गुंजाइश भारत में नीति नियोजकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। हालांकि, कृषि व्यवसाय और स्टार्टअप में योग्य और कुशल उम्मीदवारों की जरूरत है। इस कोर्स के जरिए आय की संभावनाओं और समग्र कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए कृषि समुदाय, युवाओं और कृषि-हितधारकों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।I
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