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Noida News: जलभराव हुआ तो नपेंगे अधिकारी, प्रमुख स्थानों पर होगी तैनाती
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से पीडब्ल्यूडी को मिली है जलभराव वाले स्थानों की जानकारी
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335 स्थान जलभराव वाले चिह्नित
07 स्थान गंभीर श्रेणी वाले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। दिल्ली सरकार की तरफ से चिह्नित 335 जलभराव स्थान और पूरे साल गंभीर स्थिति वाले 7 स्थानों पर निगरानी के लिए जिम्मेदार व समीक्षा अधिकारियों की तैनाती का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यदि कहीं भी मानसून के दौरान जलभराव हुआ तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की तरफ से 2023 में 308 जलभराव स्थल चिह्नित किए गए, जिनमें से 214 पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। वहीं, 2024 में 194 जलभराव स्थल दर्ज किए गए, जिनमें 121 पीडब्ल्यूडी से संबंधित हैं। इसके अलावा, सात स्थायी गंभीर जलभराव स्थलों की पहचान की गई है, जिनमें मिंटो ब्रिज, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, रिंग रोड (डब्ल्यूएचओ के सामने), जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन रोड, जखीरा फ्लाईओवर के नीचे, लोनी रोड गोलचक्कर और कराला कंझावला शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी ने सभी जगह जलभराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक स्थान के लिए जिम्मेदार और समीक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित अधिकारी मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि इन स्थानों पर जलभराव या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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विभाग की विशेष सचिव रुविका कात्याल की तरफ से जारी आदेश सभी संबंधित मुख्य, कार्यकारी, सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को सूचित की गई है। माना जा रहा है कि यह कदम दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाली जाम और जनजीवन को प्रभावित करने वाली जलभराव की समस्या को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
15 सितंबर तक छुट्टी नहीं होगी स्वीकृत
दिल्ली सरकार की ओर से तीन विभागों के कनिष्ठ अभियंता और ऊपर के स्तर के अधिकारियों की छुट्टी 15 सितंबर तक स्वीकृत न करने का आदेश जारी किया जा चुका है। यह फैसली मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे कामों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो इसे ध्यान में रख कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग इसमें शामिल हैं।
ठोस सुधार पर किया जा रहा काम
हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में जलभराव सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार अस्थायी सुधार नहीं, बल्कि राजधानी के बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक और ठोस सुधार पर काम कर रही है। दिल्लीवासियों को जलभराव, जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता है।
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335 स्थान जलभराव वाले चिह्नित
07 स्थान गंभीर श्रेणी वाले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। दिल्ली सरकार की तरफ से चिह्नित 335 जलभराव स्थान और पूरे साल गंभीर स्थिति वाले 7 स्थानों पर निगरानी के लिए जिम्मेदार व समीक्षा अधिकारियों की तैनाती का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि यदि कहीं भी मानसून के दौरान जलभराव हुआ तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस की तरफ से 2023 में 308 जलभराव स्थल चिह्नित किए गए, जिनमें से 214 पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। वहीं, 2024 में 194 जलभराव स्थल दर्ज किए गए, जिनमें 121 पीडब्ल्यूडी से संबंधित हैं। इसके अलावा, सात स्थायी गंभीर जलभराव स्थलों की पहचान की गई है, जिनमें मिंटो ब्रिज, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, रिंग रोड (डब्ल्यूएचओ के सामने), जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन रोड, जखीरा फ्लाईओवर के नीचे, लोनी रोड गोलचक्कर और कराला कंझावला शामिल हैं।
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पीडब्ल्यूडी ने सभी जगह जलभराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक स्थान के लिए जिम्मेदार और समीक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित अधिकारी मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि इन स्थानों पर जलभराव या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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विभाग की विशेष सचिव रुविका कात्याल की तरफ से जारी आदेश सभी संबंधित मुख्य, कार्यकारी, सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को सूचित की गई है। माना जा रहा है कि यह कदम दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाली जाम और जनजीवन को प्रभावित करने वाली जलभराव की समस्या को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
15 सितंबर तक छुट्टी नहीं होगी स्वीकृत
दिल्ली सरकार की ओर से तीन विभागों के कनिष्ठ अभियंता और ऊपर के स्तर के अधिकारियों की छुट्टी 15 सितंबर तक स्वीकृत न करने का आदेश जारी किया जा चुका है। यह फैसली मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे कामों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो इसे ध्यान में रख कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग इसमें शामिल हैं।
ठोस सुधार पर किया जा रहा काम
हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में जलभराव सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार अस्थायी सुधार नहीं, बल्कि राजधानी के बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक और ठोस सुधार पर काम कर रही है। दिल्लीवासियों को जलभराव, जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता है।