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Noida News: वाद खारिज होने पर नहीं होगी दोबारा उसी वाद पर सुनवाई
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फ्लैट की बुकिंग राशि को वापस दिलवाने के वाद पर उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोेएडा। बिल्डर से फ्लैट की बुकिंग राशि दिलाने के लिए दायर वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। मामले को पहले भी आयोग ने खारिज कर दिया था। आयोग का कहना है कि एक मामले में समान पक्षकारों के बीच दूसरा वाद दायर नहीं हो सकता है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नई दिल्ली के खानपुर निवासी सुधीर कुमार ने अर्थकॉन यूनिवर्सल इन्फ्राटैक प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना में एक फ्लैट खरीदने के लिए 19,500 रुपये बुकिंग राशि के रूप में 24 अप्रैल 2017 को भुगतान किया था। उन्होंने फ्लैट इन्वेस्टर क्लीनिक के कहने पर बुक किया था। उनके द्वारा प्लैट के लिए लोन लेने के लिए अलग-अलग बैंकों में आवेदन किया गया था जबकि बिल्डर ने फ्लैट पर लोन दिलाने का आश्वासन दिया था। लोन नहीं होने पर पीड़ित ने परेशान होकर बुकिंग राशि वापस करने की मांग की। बिल्डर ने बुकिंग राशि को वापस नहीं किया।
सुधीर कुमार ने परेशान होकर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आयोग ने वह वाद खारिज कर दिया था। उपभोक्ता आयोग ने माना कि इन्वेस्टर क्लीनिक अर्थकॉन यूनिवर्सल का एजेंट नहीं है। वह केवल प्रॉपर्टी कन्सलटेन्ट है। ना ही उसने कोई धनराशि प्राप्त की है। खारिज होने के बाद सुधीर ने दोबारा से जिला उपभोक्ता आयोग में बिल्डर के खिलाफ वाद दायर करके बुकिंग धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। जिला उपभोक्ता आयोग से जारी नोटिस के तामील के बाद भी बिल्डर ने उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखा। 29 जनवरी 2024 को आयोग में एक पक्षीय सुनवाई की गई। आयोग ने सुनवाई के दौरान माना कि पूर्व में परिवाद संख्या 504 में भी बिल्डर अर्थकान इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड पक्षकार था। इसमें परिवाद पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देकर अंतिम रूप से निर्णय किया था। समान विवाद का समान पक्षकारों के बीच दूसरा परिवाद पोषणीय नहीं है। इस आधार पर आयोग ने दायर वाद को खारिज कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोेएडा। बिल्डर से फ्लैट की बुकिंग राशि दिलाने के लिए दायर वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। मामले को पहले भी आयोग ने खारिज कर दिया था। आयोग का कहना है कि एक मामले में समान पक्षकारों के बीच दूसरा वाद दायर नहीं हो सकता है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नई दिल्ली के खानपुर निवासी सुधीर कुमार ने अर्थकॉन यूनिवर्सल इन्फ्राटैक प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना में एक फ्लैट खरीदने के लिए 19,500 रुपये बुकिंग राशि के रूप में 24 अप्रैल 2017 को भुगतान किया था। उन्होंने फ्लैट इन्वेस्टर क्लीनिक के कहने पर बुक किया था। उनके द्वारा प्लैट के लिए लोन लेने के लिए अलग-अलग बैंकों में आवेदन किया गया था जबकि बिल्डर ने फ्लैट पर लोन दिलाने का आश्वासन दिया था। लोन नहीं होने पर पीड़ित ने परेशान होकर बुकिंग राशि वापस करने की मांग की। बिल्डर ने बुकिंग राशि को वापस नहीं किया।
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सुधीर कुमार ने परेशान होकर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आयोग ने वह वाद खारिज कर दिया था। उपभोक्ता आयोग ने माना कि इन्वेस्टर क्लीनिक अर्थकॉन यूनिवर्सल का एजेंट नहीं है। वह केवल प्रॉपर्टी कन्सलटेन्ट है। ना ही उसने कोई धनराशि प्राप्त की है। खारिज होने के बाद सुधीर ने दोबारा से जिला उपभोक्ता आयोग में बिल्डर के खिलाफ वाद दायर करके बुकिंग धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। जिला उपभोक्ता आयोग से जारी नोटिस के तामील के बाद भी बिल्डर ने उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखा। 29 जनवरी 2024 को आयोग में एक पक्षीय सुनवाई की गई। आयोग ने सुनवाई के दौरान माना कि पूर्व में परिवाद संख्या 504 में भी बिल्डर अर्थकान इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड पक्षकार था। इसमें परिवाद पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देकर अंतिम रूप से निर्णय किया था। समान विवाद का समान पक्षकारों के बीच दूसरा परिवाद पोषणीय नहीं है। इस आधार पर आयोग ने दायर वाद को खारिज कर दिया।
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