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फंड डायवर्जन की परतें खुलेंगी तो कई राजफाश होंगे

Sat, 21 May 2022 01:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 01:45 AM IST
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If the layers of fund diversion are opened, there will be many secrets
नोएडा (सुशील पांडेय)। आम्रपाली बिल्डर के फंड डायवर्जन का राज खुलेगा तो कई का पर्दाफाश होगा। फंड डायवर्जन के घालमेल की परतें धीरे-धीरे खुलेंगी। इससे यह पता चलेगा कि फ्लैट खरीदारों की मेहनत का पैसा आखिर कहां गया। जांच एजेंसियों की ओर से कार्रवाई के बाद डायवर्जन की असली कड़ी जुड़ेगी और पता चलेगा कि इसमें कितने पैसे डायवर्ट किए गए और इससे कौन-कौन जुड़ा है।
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शुक्रवार को आम्रपाली बिल्डर के ठिकानों पर सीबीआई ने छापे मारे। इसका मकसद फंड डायवर्जन का पता लगाना रहा। मामले में पहले ही फॉरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट में 5619 करोड़ रुपये के फंड डायवर्ट करने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके असली माध्यम तक पहुंचना और उसे साबित करना अभी बाकी है। सीबीआई के छापे इसी कड़ी का हिस्सा हैं। आम्रपाली मामलों के जानकार और सुप्रीम कोर्ट के वकील कुमार मिहिर ने बताया कि फंड डायवर्जन की बात फॉरेंसिक ऑडिट में सामने आ गई है। कहीं-कहीं उस माध्यम की जानकारी भी है, लेकिन असली मसला यह साबित करना होगा कि अमुक स्थान या कंपनी में किसे पैसे डायवर्ट किए गए, तभी आरोपी पकड़े जाएंगे और उन्हें सजा होगी तो फ्लैट खरीदारों के साथ न्याय होगा।
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फंड डायवर्जन नहीं होता तो पूरे हो गए होते प्र्रोजेक्ट
आम्रपाली के फ्लैट खरीदार केके कौशल ने बताया कि फंड डायवर्जन की वजह से ही प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पाए और खरीदार सड़क पर आ गए। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसमें कुछ काम हो पा रहा है, लेकिन आज भी प्रोजेक्ट में पैसे की कमी से समय से काम नहीं हो पा रहा है।
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एनबीसीसी कर रही अधूरे प्रोजेक्ट के निर्माण पर काम
आम्रपाली के सभी अधूरे निर्माण को पूरा करने का जिम्मा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) के पास है। शुरुआती चरण में पैसों की कमी की बात सामने आई, लेकिन अब बैंकों की ओर से लोन दिया जा रहा है, जिससे काम चल रहा है। हालांकि, एनबीसीसी के काम में भी देरी हो रही है।
करीब 500 एफआईआर दर्ज
सुप्रीम कोर्ट के वकील कुमार मिहिर ने बताया कि आम्रपाली ग्रुप पर करीब 500 एफआईआर दर्ज हैं। ग्रुप के निदेशकों पर बैंकों, फ्लैट खरीदारों ने आर्थिक अपराध शाखा, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, कोर्ट, पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई र्गइं हैं। आम्रपाली की पूरी संपत्ति को जब्त कर लिया गया है।
42 हजार खरीदारों को मिलने थे फ्लैट
नोएडा-ग्रेनो में करीब 15-20 आम्रपाली की परियोजनाओं में खरीदारों को 42 हजार फ्लैट मिलने थे। इनमें से नोएडा की कुछ परियोजनाओं में एनबीसीसी ने काम पूरे किए हैं और कोरोना काल से पहले काफी रजिस्ट्री कराईं, लेकिन कोरोना काल मेें काम धीमा रहा इसलिए रजिस्ट्री की संख्या कम रही। कई परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं। कई की रजिस्ट्री नहीं हुई है।

फंड वापसी पर क्या होगा यह नियमों के आधार पर होगा तय
अगर आम्रपाली के डायवर्ट फंड का पता लगाया जाता है और इसकी भविष्य में वापसी होती है तो यह बाद में तय होगा कि इस पैसे का क्या होगा। एजेंसियों की ओर से वापस कराए गए पैसे को जब्त भी किया जा सकता है। कहीं किसी प्रोजेक्ट में पैसे लगाए जाने हैं या नहीं, इसका भी कोई अंदाजा नहीं है। सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि कितने पैसे की रिकवरी होती है।
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