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Noida News: बिना तेल कार चलाने से इंजन सीज हुआ तो बीमा कंपनी नहीं देगी क्लेम
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जिला उपभोक्ता आयोग
- सर्वेयर की रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना, तेल रिसाव के बाद वाहन चलाने से सीज हुआ था इंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बिना पर्याप्त तेल के कार चलाने से इंजन सीज होने पर बीमा कंपनी मरम्मत का खर्च देने के लिए जिम्मेदार नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में बीमा कंपनी की ओर से इंजन की क्षति का क्लेम खारिज करने के फैसले को सही ठहराया है। आयोग ने क्लेम की राशि दिलाने के लिए दायर वाद को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई निवासी ईश्वर गोयल ने अपनी कार का बीमा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। बीमा एक अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 तक वैध था और वाहन की बीमित राशि 3,10,312 रुपये थी। 10 मार्च को नोएडा में कार हादसे का शिकार हो गई। गोयल के अनुसार, बच्चे को बचाने के प्रयास में कार डिवाइडर पर चढ़ गई। इससे ऑयल चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया और कार बंद हो गई। वाहन को नोएडा फोर्ड के अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां जांच में इंजन सीज मिला।
बीमा कंपनी ने सर्वेयर से वाहन की जांच कराई। सर्विस सेंटर ने मरम्मत का खर्च करीब 2.87 लाख रुपये बताया। कंपनी ने क्षतिग्रस्त ऑयल चैंबर के लिए 19,535 रुपये के भुगतान की अनुमति दी, लेकिन इंजन की क्षति का क्लेम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गोयल ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
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सुनवाई के दौरान कंपनी ने कहा कि इंजन दुर्घटना के कारण नहीं, बल्कि ऑयल चैंबर टूटने के बाद तेल रिसाव के बावजूद वाहन चलाने से सीज हुआ। सर्वेयर की रिपोर्ट में भी इंजन की क्षति को सीधे दुर्घटना से संबंधित नहीं बताया गया था। आयोग ने साक्ष्यों और रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद माना कि यह यांत्रिक क्षति थी और इसके लिए बीमा कंपनी जिम्मेदार नहीं है। आयोग ने सेवा में कमी नहीं मानते हुए वाद खारिज कर दिया।
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- सर्वेयर की रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना, तेल रिसाव के बाद वाहन चलाने से सीज हुआ था इंजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बिना पर्याप्त तेल के कार चलाने से इंजन सीज होने पर बीमा कंपनी मरम्मत का खर्च देने के लिए जिम्मेदार नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में बीमा कंपनी की ओर से इंजन की क्षति का क्लेम खारिज करने के फैसले को सही ठहराया है। आयोग ने क्लेम की राशि दिलाने के लिए दायर वाद को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई निवासी ईश्वर गोयल ने अपनी कार का बीमा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। बीमा एक अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 तक वैध था और वाहन की बीमित राशि 3,10,312 रुपये थी। 10 मार्च को नोएडा में कार हादसे का शिकार हो गई। गोयल के अनुसार, बच्चे को बचाने के प्रयास में कार डिवाइडर पर चढ़ गई। इससे ऑयल चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया और कार बंद हो गई। वाहन को नोएडा फोर्ड के अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां जांच में इंजन सीज मिला।
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बीमा कंपनी ने सर्वेयर से वाहन की जांच कराई। सर्विस सेंटर ने मरम्मत का खर्च करीब 2.87 लाख रुपये बताया। कंपनी ने क्षतिग्रस्त ऑयल चैंबर के लिए 19,535 रुपये के भुगतान की अनुमति दी, लेकिन इंजन की क्षति का क्लेम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गोयल ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
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सुनवाई के दौरान कंपनी ने कहा कि इंजन दुर्घटना के कारण नहीं, बल्कि ऑयल चैंबर टूटने के बाद तेल रिसाव के बावजूद वाहन चलाने से सीज हुआ। सर्वेयर की रिपोर्ट में भी इंजन की क्षति को सीधे दुर्घटना से संबंधित नहीं बताया गया था। आयोग ने साक्ष्यों और रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद माना कि यह यांत्रिक क्षति थी और इसके लिए बीमा कंपनी जिम्मेदार नहीं है। आयोग ने सेवा में कमी नहीं मानते हुए वाद खारिज कर दिया।