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मैं आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी हूं, नहीं मांगी थी मदद : संतोष आनंद
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ग्रेटर नोएडा के जीएल बजाज कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन गीतकार संतोष आनंद व अन्य।
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा (संदीप वर्मा)। इंसान को खाने के लिए केवल दो रोटी चाहिए। मैं आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी हूं, मैं किसी से मदद मांगने नहीं गया था। यह कहना है मशहूर गीतकार और तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड जीत चुके संतोष आनंद का। वह सोशल मीडिया में फैली खराब आर्थिक स्थिति में होने की खबरों से काफी व्यथित दिखे। शनिवार को नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में उन्होंने अमर उजाला के साथ साक्षात्कार में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
संतोष आनंद ने कहा कि दुनिया में पैसा ही सब कुछ नहीं है। प्यार और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे आज भी देशवासियों का प्यार मिलता रहता है। मैंने अपने जीवन में नाम और शोहरत के साथ लोगों का प्यार कमाया है। साक्षात्कार में उन्होंने गायिका नेहा कक्कड़ की तारीफ करते हुए कहा कि वह दिल की बहुत अच्छी हैं। उसने खुद को मेरी पोती जैसी होने का हवाला दिया तो दक्षिणा स्वरूप मैंने मदद स्वीकार कर ली।
बता दें कि बीते दिनों संतोष आनंद को गीत-संगीत से जुड़े मशहूर रियलिटी शो में बुलाया गया था। वहां नेहा कक्कड़ ने उन्हें 5 लाख रुपये का चेक दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि संतोष आनंद शायद अकेले ऐसे गीतकार हैं, जो फिल्म इंडस्ट्री में कभी काम मांगने नहीं गए। गीत लिखवाने के लिए उन्हें घर बुलाया गया है। वहीं, संतोष आनंद का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भूमि पर जन्म लेकर वह आगे गए हैं और जीवन में बहुत संघर्ष देखे और देख रहे हैं, लेकिन आज तक हार नहीं मानी।
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रिद्धिमा बनें लक्ष्मीबाई जैसी देशभक्त
एक हादसे में बेटे और बहू के गुजर जाने के बाद संतोष आनंद अब अपना भविष्य पोती रिद्धिमा में देखते हैं। 10 वर्षीय रिद्धिमा भी कॉलेज में हुए कार्यक्रम में उनके साथ आई थीं। उन्होंने बताया कि रिद्धिमा बहुत अच्छा गाती है और पढ़ाई में भी अच्छी है। वह चाहते हैं कि रिद्धिमा स्वयं अपना करियर चुनें। हालांकि, मेरी इच्छा है कि वह रानी लक्ष्मीबाई या अन्य महिला सेनानियों की तरह देशभक्त बने और देश का नाम ऊंचा करे।
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संतोष आनंद ने कहा कि दुनिया में पैसा ही सब कुछ नहीं है। प्यार और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे आज भी देशवासियों का प्यार मिलता रहता है। मैंने अपने जीवन में नाम और शोहरत के साथ लोगों का प्यार कमाया है। साक्षात्कार में उन्होंने गायिका नेहा कक्कड़ की तारीफ करते हुए कहा कि वह दिल की बहुत अच्छी हैं। उसने खुद को मेरी पोती जैसी होने का हवाला दिया तो दक्षिणा स्वरूप मैंने मदद स्वीकार कर ली।
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बता दें कि बीते दिनों संतोष आनंद को गीत-संगीत से जुड़े मशहूर रियलिटी शो में बुलाया गया था। वहां नेहा कक्कड़ ने उन्हें 5 लाख रुपये का चेक दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि संतोष आनंद शायद अकेले ऐसे गीतकार हैं, जो फिल्म इंडस्ट्री में कभी काम मांगने नहीं गए। गीत लिखवाने के लिए उन्हें घर बुलाया गया है। वहीं, संतोष आनंद का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भूमि पर जन्म लेकर वह आगे गए हैं और जीवन में बहुत संघर्ष देखे और देख रहे हैं, लेकिन आज तक हार नहीं मानी।
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रिद्धिमा बनें लक्ष्मीबाई जैसी देशभक्त
एक हादसे में बेटे और बहू के गुजर जाने के बाद संतोष आनंद अब अपना भविष्य पोती रिद्धिमा में देखते हैं। 10 वर्षीय रिद्धिमा भी कॉलेज में हुए कार्यक्रम में उनके साथ आई थीं। उन्होंने बताया कि रिद्धिमा बहुत अच्छा गाती है और पढ़ाई में भी अच्छी है। वह चाहते हैं कि रिद्धिमा स्वयं अपना करियर चुनें। हालांकि, मेरी इच्छा है कि वह रानी लक्ष्मीबाई या अन्य महिला सेनानियों की तरह देशभक्त बने और देश का नाम ऊंचा करे।