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सुस्त व्यवस्था से कैसे होगा ओमिक्रॉन का मुकाबला

Thu, 02 Dec 2021 09:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 09:33 PM IST
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How will Omicron compete with the sluggish system?
नोएडा। देश में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक हो चुकी है। जिला स्वास्थ्य विभाग हर दिन इस बीमारी से निपटने के लिए नए दावे करता रहता है, लेकिन तेजी से दुनिया के कई देशों में फैले इस वायरस की रफ्तार से क्या वाकई स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां मुकाबला करने लायक हैं, यह बड़ा सवाल है। व्यवस्थाओं की खामियों से जूझते एवं शासन के दिशा निर्देशों का इंतजार करते विभाग को नए वैरिएंट की जांच से लेकर इलाज तक कई चुनौतियों का सामना करना है, जिसमें लगने वाला समय वायरस के फैलने का खतरा बढ़ा रहा है।
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45 को ही किया ट्रैक, कब तक पूरी होगी ट्रेसिंग
स्वास्थ्य विभाग को जिले में विदेश से आए 314 यात्रियों की सूची मिली है, जिसमें से अब तक 45 को ही ट्रैक किया जा सका है, अन्य लोगों की तलाश जारी है। ट्रैक करने के बाद विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम इन पर नजर रखेगी। 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। इन्हें यदि कोविड के लक्षण या अन्य शारीरिक दिक्कत महसूस होगी तो इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में फोन करना होगा, जिसके बाद एक मेडिकल टीम जांच एवं इलाज की व्यवस्थाएं कराएगी। वहीं यात्रियों की ट्रेसिंग कर एक सप्ताह तक कड़ी निगरानी रखने की बात कही गई है, लेकिन इन सभी यात्रियों की ट्रेसिंग कितने दिन में हो पाएगी, उस दौरान यह कितने लोगों से मिल चुके होंगे इन सवालों के जवाब तलाशना आसान नहीं है, क्योंकि विभाग के पास सिर्फ नामों की सूची है, यात्रियों से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे उनका पता न होने के कारण सभी की निगरानी प्रक्रिया शुरू होने में लंबा वक्त लग सकता है।
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एक हफ्ते नजर फिर जांच, कब सामने आएंगे नतीजे
शासन से मिले निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग सूची में शामिल लोगों पर एक सप्ताह तक नजर रखेगा, जिसके बाद लक्षण नजर आने वाले लोगों की कोरोना जांच कर उनके जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नमूने भेजे जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए यह सवाल लाजमी है कि यदि इस दौरान यात्री किसी के संपर्क में आते हैं, तो वायरस के फैलने का खतरा कितना बड़ जाएगा। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नमूने कहां जाएंगे, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभाग दिल्ली व लखनऊ नमूने भेजने की बात कह रहा है। अब तक जिले से जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए कोई नमूना नहीं गया है। ऐसे में जिले में यदि कोई नए वैरिएंट से पॉजिटिव हुआ तो उसकी जानकारी होना मुश्किल है एवं उससे अन्य के पॉजिटिव होने का खतरा भी बना रहेगा।
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30 बिस्तर का बनेगा वार्ड
जिले में सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में ओमिक्रॉन मरीजों के लिए 30 बिस्तर का खास वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। एसीएमओ डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि वायरस की संभावनाओं को देखते हुए नया वार्ड बनाया जा रहा है। साथ ही शासन से मिली लिस्ट के अनुसार कांटेक्ट ट्रेसिंग पर भी काम किया जा रहा है।

अस्पतालों के स्टाफ की होगी आरटी पीसीआर जांच
शासन ने सभी अस्पतालों को अपने स्टाफ की आरटी पीसीआर जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए अस्पतालों में एक खास रोस्टर बनाया जा रहा है, जिसके आधार पर विभिन्न विभागों एवं पदों पर कार्यरत लोगों की एक सप्ताह के अंदर आरटी पीसीआर जांच की जाएगी।
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