{"_id":"6050e0fb8ebc3ee65001c758","slug":"heliport-will-be-built-on-ppp-model-noida-news-noi5717012177","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपीपी मॉडल पर बनेगा हेलीपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपीपी मॉडल पर बनेगा हेलीपोर्ट
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-151ए में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। इसके लिए जल्द ही रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाली जाएगी। हालांकि इससे पहले हेलीपोर्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में संशोधन की कवायद चल रही है। इसके लिए प्राधिकरण ने पवन हंस कंपनी से बातचीत की है। इसका मकसद हेलीपोर्ट की बेहतरी के साथ उसे लाभ का सौदा बनाना है।
नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट, गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र सहित कई योजनाएं लाई जा रही हैं। इसका मकसद यहां बेहतर संसाधन विकसित करना है ताकि लोगों को फायदा हो। इसी कड़ी में हेलीपोर्ट की डीपीआर को लेकर प्राधिकरण का कई कंपनियों के साथ मंथन चल रहा है। हालांकि इससे पहले एक डीपीआर बनाई जा चुकी है, लेकिन अब इसमें संशोधन की गुंजाइश बन रही है। कंसल्टेंट का काम पहले ही हो चुका है और राइट्स को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि हेलीपोर्ट को और बेहतर बनाने के लिए कई कंपनियों से बातचीत की गई है। इसी कड़ी में प्राधिकरण की ओर से पवन हंस के अनुभवों का लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। पहले की योजना के मुताबिक यहां एमआई-172 हेलीकॉप्टर के लैंडिंग की व्यवस्था की योजना है। इसके अलावा दो से तीन हेलीकॉप्टर वेटिंग में रहेंगे और करीब 6 हेलीकॉप्टर उड़ान भरने की हालत में रहेंगे। माहेश्वरी ने बताया कि पवन हंस कंपनी के प्रतिनिधियों की प्राधिकरण में एक बैठक भी रखी गई। कंपनी के प्रतिनिधियों की सलाह पर प्राधिकरण गहनता से विचार करेगा।
विज्ञापन
इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि हेलीपोर्ट को पीपीपी की तर्ज पर बनाया जाएगा। इससे प्राधिकरण को भी फायदा पहुंचेगा। हालांकि अभी यह पहले चरण की योजना है। इस को अमलीजामा पहनाया जाता है या नहीं, इस पर आगे फैसला होगा।
विज्ञापन
नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट, गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र सहित कई योजनाएं लाई जा रही हैं। इसका मकसद यहां बेहतर संसाधन विकसित करना है ताकि लोगों को फायदा हो। इसी कड़ी में हेलीपोर्ट की डीपीआर को लेकर प्राधिकरण का कई कंपनियों के साथ मंथन चल रहा है। हालांकि इससे पहले एक डीपीआर बनाई जा चुकी है, लेकिन अब इसमें संशोधन की गुंजाइश बन रही है। कंसल्टेंट का काम पहले ही हो चुका है और राइट्स को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि हेलीपोर्ट को और बेहतर बनाने के लिए कई कंपनियों से बातचीत की गई है। इसी कड़ी में प्राधिकरण की ओर से पवन हंस के अनुभवों का लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। पहले की योजना के मुताबिक यहां एमआई-172 हेलीकॉप्टर के लैंडिंग की व्यवस्था की योजना है। इसके अलावा दो से तीन हेलीकॉप्टर वेटिंग में रहेंगे और करीब 6 हेलीकॉप्टर उड़ान भरने की हालत में रहेंगे। माहेश्वरी ने बताया कि पवन हंस कंपनी के प्रतिनिधियों की प्राधिकरण में एक बैठक भी रखी गई। कंपनी के प्रतिनिधियों की सलाह पर प्राधिकरण गहनता से विचार करेगा।
विज्ञापन
इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि हेलीपोर्ट को पीपीपी की तर्ज पर बनाया जाएगा। इससे प्राधिकरण को भी फायदा पहुंचेगा। हालांकि अभी यह पहले चरण की योजना है। इस को अमलीजामा पहनाया जाता है या नहीं, इस पर आगे फैसला होगा।